पटना में 4 लाख के नकली नोटों के साथ धरा गया शख्स

man-arrested-smuggling-fake-currancy

नोटबंदी के बाद पटना में नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़ी गयी है। पटना जंक्शन से सटे दूध मंडी के पास से चार लाख रुपये के नकली नोट के साथ मधुरेन्द्र (50 वर्ष) नाम के तस्कर को पकड़ा गया है। सभी नोट दो-दो हजार रुपये की जाली मुद्रा में है। मधुरेन्द्र गया के बाजिद चक का रहने वाला है। कोतवाली थाने की ओर से देर रात गश्ती के दरम्यान इसे पकड़ा गया।

कोतवाली पुलिस मधुरेन्द्र से पूछताछ कर रही है। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि देर रात गश्ती के दौरान चार लाख रुपये के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा गया है। इसका गिरोह कितना बड़ा है। नकली नोट के धंधे में कौन-कौन लोग लगे हैं और मुख्य सरगना कौन है इसका पता लगाया जा रहा है।

पुलिस को देखकर एक हुआ फरार : पूछताछ में मधुरेन्द्र ने बताया कि वह औरंगाबाद के विरेन्द्र कुमार के साथ पटना आया था। अनुज नाम के व्यक्ति को पैसे देने थे। वह गया के बांके बाजार का रहने वाला है। उसने बताया था कि दूध मंडी के पास एक व्यक्ति आएगा। उसे ही पैसे से भरा बैग देना था। इसके लिए उसे तीन हजार रुपये मिलते।

नकली नोट पहचानना मुश्किल : नकली नोटों को इस तरह से बनाया गया है कि वह बिल्कुल असली की तरह दिखे। अंदेशा है कि नेपाल में भी इसके सरगना छुपे हो सकते हैं। पकड़े गए आरोपी की सीडीआर खंगाली जा रही है।

नक्सलियों के लिए करता था काम : अनुज जिस इलाके से आता है वह नक्सल प्रभावित है। मधुरेन्द्र ने बताया कि वह एक साल से अनुज को जानता है। काफी दिनों से अनुज नक्सलियों के लिए काम करता है। पुलिसिया पूछताछ में भी इस बात को स्वीकार किया। वहीं वीरेन्द्र भी नकली नोट का मास्टरमाइंड है। इस तरह का खेल पूरे बिहार में चल रहा है। इसका पूरा नेटवर्क चारों तरफ फैला हुआ है। यह गिरोह झारखंड में नकली नोट सप्लाई करता है। इसमें नक्सली संगठन के शामिल होने की बात आ रही है। इधर, कोतवाली थानेदार ने बताया कि मधुरेन्द्र से पूछताछ की जा रही है। इस धंधे में कई और लोगों को शामिल होने की उम्मीद है।