आज़ादी की गाथा को ब़खूबी बयां करती ये देशभक्ति फिल्में

बॉलीवुड स्टार्स को जब हम किसी सैनिक या आर्मी ऑफिसर्स का रोल प्ले करते देखते हैं, तो दिल में देशभक्ति की भावनाएं उफान मारने लगती हैं. जानते हैं कुछ हिंदी फिल्मों के बारे में, जिनमें अभिनेताओं को बड़े पर्दे पर एक सैनिक के किरदार में देखकर ऐसा लगा कि वे पर्दे पर नहीं, बल्कि असली सैनिक हैं.
नई दिल्ली (प्रवीण कुमार) –  एक दौर था जब फिल्म इंडस्ट्री में देशभक्ति फिल्मों की अच्छी खासी डिमांड हुआ करती थी. जंग-ए-आज़ादी की याद दिलाती कई देशभक्ति फिल्में को बनाया जाता था. उस समय ज्यादातर फिल्में देशभक्ति और उनसेे जुड़ी होती थीं. दिलीप कुमार, मनोज कुमार, जितेंद्र, धर्मेन्द्र, सुनील दत्त, राजकुमार आदि ऐसे अभिनेता थे जो अपने अभिनय से इन फिल्मों में जान डाल देते थे. उन दिनों देशभक्ति गीतों का भी अच्छा खासा महत्व था. वे गाने आज भी देश में आज़ादी के मौके पर याद किए जाते हैं, जिनमें मेरा रंग दे बसंती चोला…, आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिन्दुस्तान की…, हम लाएं हैं तू़फान से…, ऐ वतन, ऐ वतन हमको तेरी कसम…, छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी…, मेरे देश की धरती सोना उगले…, हर करम अपना करेंगे…, ये देश है वीर जवानों का…, ऐ मेरे प्यारे वतन…अपनी आज़ादी को हम…, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों.., जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा… ऐ मेरे वतन के लोगों.., संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं.., आदि ऐसे गीत हैं, जो गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर खूब याद किए जाते हैं. इन गानों को सुनते ही हर देशवासी गर्व का अनुभव करता है.
जिस तरह से समय धीरे-धीरे बदलता गया हमारी फिल्म इंडस्ट्री भी बदलती गई. आज के दौर में भले ही देशभक्ति फिल्में बेहद कम बनाई जाती हैं, लेकिन उन पुरानी फिल्मों के प्रति आज भी लोगों का क्रेज बरकरार है. आइए जानते हैं देश की शानदार देशभक्ति फिल्मों के बारे में, जो हमारी आज़ादी की गाथा को बखूबी बयां करती हैं और हमारे दिलों में देशभक्ति का जज्बा जगाती हैं.
आनंद मठ – 1952 में आई फिल्म आनंद मठ बंकिम चंद्र चटर्जी के नॉवेल पर आधारित थी. फिल्म संन्यासी क्रांतिकारियों की आज़ादी की लड़ाई की कहानी थी जो 18वीं शताब्दी में अंग्रेजों के खिला़फ हुई थी. इस फिल्म में वंदे मातरम्‌ गीत का भी इस्तेमाल किया गया था.
हक़ीक़त- फिल्म हक़ीक़त 1962 के भारत-चीन युद्ध पर बनाई गई थी. कहानी ऐसे सैनिकों की टुकड़ी की है, जो लद्दाख में भारत-चीन युद्ध के दौरान सोचते हैं कि उनकी मौत निश्चित है लेकिन उन्हें कैप्टन बहादुर सिंह (धर्मेंद्र) बचा लेता है. फिल्म बहुत शानदार थी और फिल्म के गीत अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों.., को लोग आज भी खूब सुनते हैं.
शहीद भगत सिंह – फिल्म भगत सिंह की जिंदगी पर आधारित थी, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी. मनोज कुमार की 1965 में आई फिल्म शहीद भगत सिंह भी इसी पर आधारित थी. यह फिल्म सुपरहिट रही थी. बाद में शहीद भगत सिंह पर कई फिल्में लगातार बनती रहीं. इन फिल्मों में  सबसे ज्यादा नाम अजय देवगन की फिल्म द लेजेंड ऑफ भगत सिंह ने कमाया, जिसे राजकुमार संतोषी ने बनाया और दर्शकों ने भी खूब पसंद किया.
हिंदुस्तान की कसम – बॉलीवुड में कई फिल्में ऐसी हैं, जो भारत-पाक के रिश्तों और उनके बीच युद्धों पर बनी है. हिंदुस्तान की कसम भी इन्हीं फिल्मों में से एक थी. इस फिल्म को चेतन आनंद ने निर्देशित किया था. यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुई जंग पर बनी थी. युद्ध की बर्बरता को इस फिल्म में दिखाया गया था. 1973 में रिलीज इस फिल्म में राजकुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी.
उपकार- बताया जाता है कि मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के कहने पर फिल्म उपकार बनाई थी. इस देशभक्ति फिल्म को बनाने का उद्देश्य यह था कि जय जवान, जय किसान के नारे को बुलंद किया जाए. फिल्म में मनोज कुमार के अभिनय ने लाखों करोड़ों देशवासियों का दिल जीत लिया. फिल्म में मनोज कुमार का नाम भरत था और इसके बाद लोग उन्हें भरत कुमार बुलाने लगे थे. मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती… गाने को उन दिनों कई अवार्ड से भी नवाजा गया.
कर्मा- साल 1986 में आई मल्टीस्टार्स फिल्म कर्मा, जिसमें दिलीप कुमार के अलावा नूतन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और अनुपम खेर ने भूमिका अदा की थी. फिल्म की कहानी में यह दिखाया गया कि किस तरह से देश में आतंक का साया बढ़ता जा रहा है. इसी आतंक को खत्म करने के लिए दिलीप कुमार और उनके साथियों ने आतंकियों का स़फाया किया.  फिल्म में एक लोकप्रिय गीत हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए..आज भी सुना जाता है.
तिरंगा- 1992 में राजकुमार की सुपरहिट फिल्म तिरंगा को लोगों ने खूब पसंद किया. फिल्म में राजकुमार का किरदार ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह का था और उनका साथ नाना पाटेकर ने दिया था. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत राजकुमार के डायलॉग्स थे, जो लोग आज भी नहीं भूले हैं, जैसे – हमारी ज़ुबान भी हमारी गोली की तरह है, दुश्मन से सीधी बात करती है और हम आंखों से सुरमा नहीं चुराते, हम आंखें ही चुरा लेते हैं.
बॉर्डर- जेपी दत्ता की फिल्म बॉर्डर 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध पर आधारित है. फिल्म बॉर्डर में वह सब कुछ देखने को मिलेगा जो एक देशभक्ति फिल्म में होना चाहिए. 1997 में यह फिल्म एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी. इस फिल्म की कहानी सत्य घटना से प्रेरित है. इस फिल्म में भारत-पाक युद्ध के समय लड़े गए लांग्वला युद्ध को विस्तार से बताया गया है. फिल्म की कहानी 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान की लड़ाई से प्रेरित है, जहां राजस्थान के लांग्वला पोस्ट पर 120 भारतीय जवान सारी रात पाकिस्तान की टैंक रेजिमेंट का सामना करते हैं. फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्‌टी, अक्षय खन्ना, जैकी श्रॉफ, पुनित इस्सर, सुदेश बेरी आदि कलाकारों का अभिनय शानदार था.
एलओसीः कारगिल- साल 2003 में आई ये फिल्म 1999 के भारत-पाक कारगिल युद्ध पर आधारित थी. इस फिल्म को भी जेपी दत्ता ने ही डायरेक्ट किया था. इसके अलावा फिल्म में कई बॉलीवुड स्टार्स ने भूमिका निभाई थी, जिनमें अजय देवगन, अरमान कोहली, संजय दत्त, नागार्जुन, सैफ अली खान, सुनील शेट्टी, अभिषेक बच्चन, मोहनीश बहल, अक्षय खन्ना,  मनोज वाजपेयी, रानी मुखर्जी, करीना कपूर, ईशा देओल और रवीना टंडन आदि मुख्य भूमिका में थे.
युवाओं को आर्मी से जुड़ने की प्रेरणा देती लक्ष्य – फिल्म ऐसे लापरवाह युवक करन शेरगिल (ऋृतिक रोशन) की कहानी है, जिसकी जिंदगी आर्मी में आने के बाद पूरी तरह से बदल जाती है. फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से एक लापरवाह लड़का आर्मी में आने के बाद देश की सेवा जी-जान से करता है. इस फिल्म ने कई युवाओं को आर्मी से जुड़ने की प्रेरणा दी है.
इन फिल्मों के अलावा भी कई ऐसी फिल्में हैं, जो देशभक्ति पर बनी हैं, जिनमें ललकार, मंगल पांडे: द राइजिंग, क्रांति, क्रांतिवीर, स्वदेश, इंडियन, ज़मीन, एलओसीः कारगिल, मां तुझे सलाम, हॉलीडे, रंग दे बसंती, बेबी आदि ऐसी फिल्में हैं, जिनमें देशभक्ति का जज्बा दिखता है.
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