अगर आप आलसी हैं और लंबी उम्र चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है

हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह इस दुनिया में अपनों के साथ लंबे वक्त तक रहे. लेकिन जैसा कि आप जानते ही हैं कि इस दौर में लंबी आयु कुछ लोगों की ही होती है. ऐसे में आलसी व्यक्तियों के लिए अच्छी खबर है कि वे अधिक वक्त तक जीवित रह सकते हैं. ऐसा हम नहीं, विज्ञान कह रहा है.

अगर आप दिन भर सोफे पर लेटकर बिना कोई काम किए पूरा वक्‍त बिता देना चाहते हैं, तो टेंशन की कोई बात नहीं है, क्‍योंकि ईवॉल्यूशन यानी विकास का क्रम भी आप ही जैसे लोगों का फेवर कर रहा है. एक नए शोध में बताया गया है कि अब ईवॉल्यूशन ‘सर्वाइवल ऑफ द लेजीएस्‍ट’ का फेवर कर रहा है. दरअसल, शोधकर्ताओं ने करीब 299 प्रजातियों की आदतों के बारे में अध्‍ययन करने के बाद यह निष्‍कर्ष निकाला है. उनका मानना है कि मेटाबॉलिज़म की रेट अधिक होने से उस प्रजाति के जीव के विलुप्‍त होने का खतरा रहता है.

प्रमुख शोधकर्ता डॉक्‍टर ल्‍यूक स्‍ट्रॉज ने बताया, हमें भी यह जानकार हैरानी हुई कि किसी प्रजाति के अधिक एनर्जी का इस्‍तेमाल करने से उस पर विलुप्‍त होने का खतरा कैसे हो सकता है. मगर सच्‍चाई यही है. हमने मोलस्‍क प्रजाति के जीवों के बारे में अध्‍ययन किया. मोलस्‍क प्रजाति में घोंघा और सीप आते हैं, जो समुद्र के किनारे चुपचाप पड़े रहते हैं. शोध में पाया गया कि मोलस्‍क प्रजाति के वे जीव जो अधिक सक्रिय थे, वे 50 लाख साल पहले ही विलुप्‍त हो गए और जो प्रजाति अभी पाई जा रही है, वह आलसियों की तरह चुपचाप पड़ी रहती है. इनकी मेटाबॉलिज़म की रेट काफी कम होती है.

इससे शोधकर्ताओं ने यह निष्‍कर्ष निकाला कि जिन प्रजातियों की मेटाबॉलिक रेट अधिक होती है, वो आलसी जीवों की तुलना में कम जी पाते हैं. ऐसे में वो दिन दूर नहीं, जब डॉक्टर लंबे समय तक जीवित रहने के लिए आपको आलसी होने के लिए कह सकते हैं.