केरल नन दुष्कर्म मामला: पीड़ित नन का सहयोग करने पर चर्च से बहिस्कृत की गई सिस्टर लुसी

केरल की नन से कथित तौर पर रेप के आरोपी बिशप मुल्लकल को सजा दिलवाने के लिए बीते कई दिनों  से जिस तरीके से नन आंदोलन कर रही थी, उसी आंदोलन में शामिल लुसी नाम की एक नन से  चर्च इस कदर खफा हो गया कि उसे चर्च से बर्खास्त कर दिया है.

चर्च से बर्खास्त किए जाने के बाद  सिस्टर लुसी ने चर्च से सवाल किया है कि आखिर उन्हें क्यों चर्च के कामों से दूर किया गया है. जबकि वो अपना सारा काम बेहद ईमानदारी, जिम्मेदारीपूर्वक, कर्मठता से करती रहीं हैं तो फिर आखिर उनके साथ ऐसा क्यों किया गया है.

इसके साथ ही उन्होंने चर्च से सवाल किया कि उन्हें निष्कासित करने से पहले किसी प्रकार का नोटिस क्यों नहीं भेजा गया, साथ ही उन्होंने उन तमाम घटनाओं पर अपनी पीड़ा व्यक्त कि है, जो कि बीते दिनों घटित हुई थी.

बिशप पर नन से रेप का आरोप लगने के बाद भी चर्च प्रशासन की तरफ से इस पूरे मामले पर चुप्पी साध ली गई और कोई भी कार्रवाई नहीं की गई उल्टा पीड़ित नन की सहयोगी को ही काम से निष्कासित कर दिया गया.

सिस्टर लुसी ने कहा, कि जब चर्च प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई भी कार्रवाई नही की गई तब ऐसा लगा कि अब मुझे ही उस पीड़ित नन को न्याय दिलाने के लिए कदम आगे बढ़ाना चहिए, इसलिए मैंने कोच्ची हाईकोर्ट में उन आंदोलनरत नन के समूह में शामिल हो गई, जो उस पीड़ित नन को न्याय दिलवाने के लिए आंदोलन कर रही थीं.

गौरतलब है कि जालंधर के बिशप मुल्लकल ने केरल की नन के साथ कथित तौर पर 2014 से लेकर 2016 तक लगातार 13 बार दुष्कर्म किया है ये आरोप बीते दिनों पीड़ित नन ने बिशप मुल्लकल के ऊपर  लगाए थे जिसके बाद ये मामला गरमा गया और उस पीड़ित नन को न्याय दिलाने के लिए दूसरी नन कोच्ची हाईकोर्ट के समक्ष आंदोलन कर रही थी.जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और उस आरोपी बिशप मुल्लकल को गिफ्तार कर लिया गया. जिसके बाद से चर्च ने लुसी को निष्कासित कर दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *