SC/ST एक्ट को लेकर मुश्किल में बीजेपी, नेताओं के अलग-अलग सुर

2019 के लोकसभा चुनाव जैस-जैसे नजदीक आ रहें हैं, वैसे-वैसे बीजेपी की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं. केंद्र सरकार की ओर से SC/ST एक्ट में संशोधन कर उसे मूल स्वरूप में बहाल करने के विरोध में सवर्ण बिरादरी बेहद नाराज है और उसने इस फैसले के विरोध में आज ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है.

साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट (SC/ST) के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा थी. जिसके बाद से राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. वहीं बीजेपी के अंदर भी SC/ST एक्ट को लेकर नेताओं की अलग-अलग राय सामने आ रही है. बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री कलराज मिश्रा और सुब्रमण्यम स्वामी जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि बड़ी संख्या में  SC/ST एक्ट का दुरूपयोग किया जा रहा है, जिससे स्वर्ण समाज में भयंकर रोष है. दूसरी तरफ़ SC आयोग के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया और बीजेपी सांसद उदित राज का कहना है कि  SC/ST एक्ट का दुरूपयोग नहीं हो रहा है.

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि मैंने SC/ST एक्ट पर कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद कहा था कि इसे स्वीकार करना चाहिए, तब पार्टी ने मेरी बात नहीं सुनी. मैंने ये भी कहा था कि इस क़ानून में तत्काल गिरफ्तारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है. वहीं दूसरी तरफ़ पार्टी के सांसद और SC आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया का कहना है कि SC/ST एक्ट में कोई बदलाव नहीं होगा. ये SC/ST क़ानून  30 साल पहले जैसा काम कर रहा था आज भी ये क़ानून वैसा ही काम कर रहा है. अगर कहीं भी किसी क़ानून का गलत इस्तेमाल हो रहा है तो उसकी ज़िम्मेदारी पुलिस की है.

हालांकि, पार्टी संगठन के भीतर कई दूसरे नेता इस संवेदनशील मसले पर बात करने को तैयार नहीं हैं, लेकिन SC/ST एक्ट को लेकर जिस तरह से बीजेपी के अंदर एक बड़ी बहस छिड़ गई है उसको देखकर लगता है कि पार्टी में भी इस मामले पर गंभीर मंथन चल रहा है.

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