जानें, शाहरुख खान के खिलाफ क्यों हुआ फतवा जारी

देशभर में जनमाष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया था. किंग खान(शाहरुख खान) ने भी मुंबई में अपने आवास पर दही हांडी फोड़ी, तो देवबंद के उलेमा भड़क गए. उन्होंने दही हांडी की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की. इसके बाद तमाम मौलाना उन पर भड़क गए और उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया गया. उनकी आपत्ति इस बात पर है, कि शाहरुख ने एक हिंदू त्योहार मनाया.

उलेमाओं ने इसे शरीयत में नाजायज और इस्लाम में हराम करार दिया. शाहरुख खान के ऐसा करने पर फतवा ऑन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मुफती अरशद फारुकी ने कहा कि वह एक सेलिब्रिटी हैं, इसलिये उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि वे किस धर्म के त्यौहार को किस तरह से मनाएं. फारुखी ने कहा, दूसरे धर्म के त्यौहार में शामिल होना दूसरी बात है, लेकिन गैर-इस्लामिक त्यौहार को अपने घर पर मनाना और उस धर्म की परम्परा का आयोजन करना इस्लाम में सही नहीं है.

देवबंद के उलेमा मौलाना नदीम उल वाजदी ने कहा कि इस्लाम में दूसरे धर्म के उत्सव मनाने की मनाही है. एक मुसलमान का हिंदू पर्व मनाना और उसमें शरीक होना शरीयत के अनुसार गलत है. इस्लाम इस बात की इजाजत नहीं देता कि कोई भी मुसलमान अपने धर पर गैर-इस्लामिक त्योहार मनाए.

दही हांडी उत्सव मनाते हुए शाहरुख की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. बता दें कि हर त्योहार की तरह जन्माष्टमी पर भी शाहरुख के घर के बाहर फैंस जमा हुए थे. शाहरुख ने अपनी छत से न सिर्फ उन्हें बधाई दी, बल्कि बेटे अबराम के साथ मटकी भी फोड़ी. इस दौरान शाहरुख और अबराम के साथ उनकी पत्नी गौरी खान भी मौजूद थीं.