अगर आप भी हैं सफेद पास्ता और चावल खाने की शौकीन तो हो सकती है ये बीमारी

Share Article

 

अगर आप भी हैं सफेद पास्ता और चावल खाने की शौकीन तो हो जाइए सावधान. एक रिसर्च के मुताबिक, सफेद पास्ता खाने से महिलाओं को समय से पहले मीनोपोज होने का डर रहता है. ब्रिटेन में हुए एक शोध में चेतावनी दी गई है कि सफेद पास्ता और चावल के अधिक सेवन से मीनोपोज समय से करीब डेढ़ वर्ष पहले हो सकती है.

क्या है मीनोपोज

महिलाओं में जब लगातार 1 साल तक Menstrual cycle यानि के  मासिक धर्म या पीरियड होना बंद हो जाए, तो उसे  Menopause ( मिनोपोज़ ) कहते हैं. यह उम्र के साथ प्राकृतिक रूप में हर महिला में होता है या किसी कारणवश समय से पहले ओवेरी और युटेरस को सर्जरी से हटा देने से हो सकता है. यह जननकाल का आखिरी समय होता है, जिसमें की होरमोंस हमेशा के लिए कम हो जाते हैं. इसमें ओवेरी से बीज जनन शक्ति समाप्त हो जाती है, और औरत प्राकृतिक रूप से गर्भवती नहीं हो सकती है. इसमें जब 1 साल तक लगातार मासिक धर्म नहीं होता है, तो उसे पूर्ण मिनोपोज़ कहते हैं.

वहीं, आकलन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने ऑयली फिश का अधिक सेवन किया और उन्हें कम से कम तीन साल देर से मीनोपोज हुआ. जबकि पाया गया कि रिफाइंड पास्ता और चावल खाने वाली महिलाओं में मीनोपोज डेढ़ साल पहले ही हो गया.

यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स में प्रोफेसर जानेट केड का कहना है कि मीनोपोज का कुछ महिलाओं के लिए सेहत पर गंभीर प्रभाव हो सकता है. पहले के कुछ शोधों में पता चला कि समयपूर्व मीनोपोज से हड्डी का घनत्व कम होने, ऑस्टियोपरोसिस होने और दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है जबकि मीनोपोज देर से होने से बेस्टह कैंसर और अंडाशय कैंसर होने का जोखिम अधिक होता है.

You May also Like

Share Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *