अभी तक की सबसे लंबी दूरी तय करेगा नासा का अंतरिक्ष यान

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अब एक और नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है. उसका एक अंतरिक्ष यान अब तक की सबसे लंबी दूरी तय कर दूरस्थ पिंड तक पहुंचने वाला है. संभावना जताई जा रही है कि नए साल पर यह रिकॉर्ड बन जाएगा. दरअसल, नासा का न्यू होराइजन प्रोब अंतरिक्ष यान सबसे दूर कुइपर बेल्ट में स्थित अल्टिमा थुले नामक पिंड तक पहुंचने वाला है, जो कि किसी अंतरिक्ष यान के सबसे दूर स्थित किसी पिंड तक पहुंचने का रिकॉर्ड होगा.

नासा के बयान के मुताबिक, इस अंतरिक्ष यान ने तीन अक्टूबर को उस पिंड की स्थिति का पता लगाने में सफलता हासिल की है. इसके लिए अंतरिक्ष यान को साढ़े तीन मिनट का समय लगा. हालांकि, इसके लिए अंतरिक्ष यान को इतनी देर के लिए अपनी कक्षा से थोड़ा हटना पड़ा और इस दौरान उसकी गति 2.1 मीटर प्रति सेकंड रह गई. बयान में कहा गया है कि एक जनवरी, 2019 को इसके अल्टिमा थुले नामक पिंड तक पहुंचने की उम्मीद है. वर्ष 2014 में इस पिंड का आधिकारिक नाम एमयू69 रखा गया था.

अमेरिका के साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुख्य जांचकर्ता एलन स्टर्न कहते हैं, इस अभियान के जरिये हम एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं. हम विश्व इतिहास में सबसे अधिक दूरी तय करने के करीब पहुंच गए हैं. पिंड जहां स्थित है वह दूरी प्लूटो से भी एक अरब मील अधिक है. अल्टिमा थुले धरती से 6.6 अरब किलोमीटर दूर है. यह सर्वाधिक दूर मौजूद पिंड है, जिस तरफ कोई अंतरिक्ष यान पहली बार बढ़ रहा है.

नासा के मुताबिक, पिछले सप्ताह जब न्यू होराइजन की स्थिति को सुधारा गया तब वह धरती से 6.35 अरब किलोमीटर दूर था. यह पहली बार है जब इतनी दूरी पर किसी अंतरिक्ष यान की स्थिति में सुधार किया गया है.

अपनी दिशा खुद तय कर रहा                             

बता दें कि इस अंतरिक्ष यान में लगे बेहद शक्तिशाली दिशा तय करने वाले यंत्र तस्वीरें उतार रहे हैं. न्यू होराइजन के लॉन्ग रेंज रिकोनिसेंस इमेजर (एलओआरआरआइ) से ली गईं तस्वीरें इस अंतरिक्ष यान को अल्टिमा थुले की स्थिति की जानकारी दे रही हैंच. साथ ही पृथ्वी पर मौजूद टीम को भी बता रही हैं कि यह अंतरिक्ष यान सही दिशा में बढ़ रहा है या नहीं.

इस स्थिति का पता चला

काइनेटएक्स एरोस्पेस इंक के न्यू होराइजन नेविगेशन टीम के प्रमुख फ्रेड पेलेटियर कहते हैं, हालिया तस्वीरों की मदद से हमें पिंड की 500 किलोमीटर दायरे का पता चला है. यानी हम उसकी स्थिति का बहुत हद तक सही पता लगाने में कामयाब रहे हैं

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