दिल्ली को आज मिलेगा रानी झांसी फ्लाईओवर का तोहफा, 1 घंटे का सफर सिर्फ 2.30 मिनट में

उत्तरी दिल्ली नगर निगम (NDMC) का महत्वाकांक्षी रानी झांसी फ्लाईओवर थोड़ी देर बाद उद्घाटन के साथ ही दिल्ली की जनता के लिए खोल दिया जाएगा. 299.38 करोड़ रुपए से बने इस फ्लाईओवर का उद्घाटन थोड़ी देर बाद स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ हरदीप सिंह पुरी, विजय गोयल, उपराज्यपाल अनिल बैजल, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर आदेश गुप्ता समेत निगम के कई नेता मिलकर करेंगे. उद्घाटन से ठीक पहले फ्लाईओवर को सजाया गया है और कलाकारों ने यहां पर नृत्य भी पेश किया.

एक दशक पूर्व इस फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हुआ था और तभी से इसके पूरा होने का इंतजार हो रहा था. खास बात यह है इस फ्लाईओवर की कल्पना वर्ष 1997 में ही की गई थी.

बता दें कि रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे और ऊपर पौधे लगाकर सुंदरीकरण किया गया है. यहां वर्षा जल का संचयन भी हो सकेगा. रानी झांसी फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने से संपन्न होने तक कई बाधाएं आई. एकीकृत निगम से लेकर निगम के बंटवारे के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने काफी मेहनत की इसे बनाने में.

निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती रास्ते में आने वाली दुकानों को यहां से स्थानांतरित करने की थी. दो बड़े धार्मिक स्थलों को गिराना और भी मुश्किल कार्य था. सुप्रीम कोर्ट भी कई बार यहां की जमीन के अधिग्रहण पर रोक लग चुकी थी, लेकिन निगम ने अपना पक्ष मज़बूती से रखा और रोक हटी. पिछले वर्ष 2017 में निगम ने फिल्मिस्तान के पास 700 वर्ग मीटर में खड़ी दुकानों के ढांचे को भी गिरा दिया था. उपराज्यपाल भी निर्माण को लेकर गंभीर थे. उन्होंने करीब छह बार इसका निरीक्षण किया था.

कई इलाकों को होगा फायदा
फ्लाईओवर के कारण पुरानी दिल्ली को जाम से राहत मिलेगी. सेंट स्टीफन अस्पताल से फिल्मिस्तान तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर आंनद पर्वत, आजाद मार्केट, बर्फखाना चौक, सदर बाजार, सब्जी मंडी, डीसीएम चौक, शक्ति नगर, करोल बाग, गुलाबी बाग, आजाद मार्केट, सब्जी मंडी, हिंदू राव समेत सदर पहाड़गंज निवासियों को जाम से निजात दिलाएगा. पहले इस दूरी को पूरा करने के लिए लोगों को भारी जाम से जूझना पड़ता था. इस कारण एक से तीन घंटे लग जाते थे लेकिन फ्लाईओवर शुरू होने से यह सफर मात्र दो-ढाई मिनट में पूरा हो सकेगा. फ्लाईओवर के कारण सदर बाजार और चांदनी चौक का व्यापार बढ़ने की भी उम्मीद है, क्योंकि व्यापारियों और ग्राहकों को अब यहां जाम नहीं झेलना होगा.

कुछ जरूरी बातें

1997 में की गई थी फ्लाईओवर के निर्माण की परिकल्पना

2006 में भूमि अधिग्रहण का कार्य हुआ

2008 में इसके कार्य का जिम्मा एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया

2017 में रास्ते में आ रहे 700 गज के निर्माण को निगम ने ध्वस्त किया

आदेश गुप्ता (महापौर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम) का कहना है कि पुरानी दिल्ली समेत दिल्ली के सभी निवासियों के लिए दिवाली पर निगम की तरफ से यह फ्लाईओवर उपहार है. इस फ्लाईओवर के कारण जाम से निजात मिलेगी और लोग अपने कार्य सुगमता से कर सकेंगे.

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