सीक्वल के नाम पर टॉर्चर हैं ये फिल्में


नई दिल्ली (प्रवीण कुमार): लगता है बॉलीवुड में अब अच्छी फिल्में बननी बंद हो गई हैं. साल में बहुत कम ही ऐसी फिल्में आपको देखने को मिलेंगी, जिनकी आप दिल से तारीफ करें, वरना घिसी-पिटी कहानियों और बड़े स्टार के दम पर फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर हिट कराने में लगे रहते हैं. इतना ही नहीं, अब तो बॉलीवुड में भी हॉलीवुड की तरह सीक्वल बनाने का ट्रेंड जोरों पर चल रहा हैं. फर्क बस इतना है कि हॉलीवुड वाले अपनी फिल्मों का सीक्वल बनाने के लिए काफी समय से तैयारियां करके रखते हैं और फिल्म की कहानी पर खासा जोर देते हैं. अधिकतर हॉलीवुड फिल्मों में आखिर में सीक्वल का स्कोप छोड़ा जाता है, ताकि कहानी जहां खत्म हुई थी, वहीं से उसे शुरू की जाए.

लेकिन बॉलीवुड वाले इन सबसे कोसो दूर हैं. इनका सीक्वल बनाने का तरीके ही बकवास होता है. इसका एक सबसे बड़ा कारण यह है कि जब बॉलीवुड में कोई फिल्म हिट हो जाती है तो फिल्म के निर्माता-निर्देशक फिल्म के नाम को लेकर उसको फिर से भुनाने की कोशिश करते हैं. वे सोचते हैं कि फिल्म हिट हो गई, दर्शकों को पसंद आ गई, बस अब इसका एक सीक्वल बनाया जाए. जबकि ये लोग अपनी फिल्मों में आखिर में सीक्वल बनाने का कोई ऐसा स्कोप नहीं छोड़ते, जिससे लगे कि इस फिल्म का कोई दूसरा भाग बनाने की जरूरत है. फिर चाहे उनके पास स्क्रिप्ट हो या ना हो.

सीक्वल का स्कोप नहीं होने के बावजूद निर्माता जबरदस्ती कहानी को खींचने की कोशिश करते हैं. कई बार तो उनका एक्सपेरिमेंट हिट हो जाता है, लेकिन कई बार दर्शकों के लिए सीक्वल फिल्म को झेलना मुश्किल हो जाता है. वहीं कई बार स्क्रिप्ट के इंतजार में सीक्वल फिल्म लटक जाती है. इतना ही नहीं अधिकतर बॉलीवुड फिल्मों में आप देख सकते हैं कि फिल्म का पहला भाग किसी और कहानी पर अधारित है और दूसरा भाग किसी दूसरी कहानी पर अधारित रहता है. ऐसे में फिल्म को किस लीहाज से सीक्वल बोला जाए, ये बात समझ के परे है.

अब आप जॉन अब्राहिम की फिल्म सत्यमेव जयते का उदाहरण देख सकते हैं. फिल्म हिट होते ही निर्माता इसका सीक्वल प्लान कर रहे हैं, जबकि उन्होंने फिल्म के आखिर में न तो कोई दूसरा भाग बनाने का स्कोप छोड़ा है और न ही उनके पास अभी कोई फिल्म बनाने की स्क्रिप्ट मौजूद है. बस फिल्म हिट हुई और सीक्वल बनाने की घोषणा कर दी गई.

बात अगर हॉलीवुड की करें, तो बॉलीवुड में सीक्वल फिल्मों का ट्रेंड वहीं से आया है. लेकिन दोनों में फर्क बस इतना है कि हॉलीवुड वाले पहले से ही सीक्वल की प्लानिंग करते हैं. मसलन फिल्म अवतार के निर्माता उसके चार सीक्वल प्लान कर रहे हैं और उनपर बाकायदा जोरो-शोरों से काम चल रहा है. इसी तरह एवेंजर्स, स्पाइडरमैन, कैप्टेन मार्वल और गार्जियंस ऑफ गैलेक्सी सीरीज, डिटेक्टिव कॉमिक्स (डीसी) और ट्रांसफॉमर्स वालों की अगली फिल्मों की रिलीज डेट भी पहले से ही 2019 के लिए फाइनल कर दी गई हैं. इससे पहले भी हॉलीवुड में कई ऐसी सीक्वल फिल्में बनी हैं, जिनकी पहले से ही प्लानिंंग चल रही थी. इनमें जुरासिक पार्क, गॉडजिला, रॉकी, टर्मिनेटर, रेम्बो, द डार्क नाईट, फास्ट एंड फ्यूरियस, द गॉडफादर, मेड-मैक्स, एलियंस, कैप्टन अमेरिका आदि शामिल हैं. यही नहीं, भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बाहुबली और उसके सीक्वल को भी प्लानिंग के साथ बनाया गया था और तय समय पर इसका सीक्वल रिलीज किया गया. फिल्म दुनियाभर में ब्लॉकबस्टर रही और इस फिल्म को आज भी लोग देखना पसंद करते हैं.

कहना गलत नहीं होगा कि बॉलीवुड वालों को अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट पर भरोसा नहीं होता, इसलिए वे फिल्म की रिलीज से पहले सीक्वल प्लान नहीं करते. लेकिन फिल्म हिट हो जाती है, तो वे उसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं. दरअसल, हिट फिल्म का सीक्वल बनाने से फिल्म की ओपनिंग अच्छी हो जाती है. लेकिन उन्हें यह भी समझना होगा कि फिल्म तभी चलेगी, जब उसमें दम होगा. सही मायने में कहा जाए तो बॉलीवुड वालों को सीक्वल का मतलब ही नहीं पता. उन्हें समझना चाहिए कि सीक्वल का मतलब वह होता है जो फिल्म में पहला भाग अधूरा रह जाता है या फिर फिल्म के आखिर में कुछ ऐसा छाप छोड़ा जाए कि दर्शक समझ जाए कि फिल्म का दूसरा भाग जरूर बनना चाहिए, जिसमें अधूरे सवालों का जवाब उसे मिल सके. लेकिन हमारी फिल्मों में ऐसा बेहद कम ही देखने को मिलता हैं. आइए जानते हैं, उन फिल्मों के बारे में, जिनके सीक्वल तो बने लेकिन वे फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रहीं. इसके अलावा उन फिल्मों के बारे में भी जानते हैं जिनका सिक्वल बनाने की तैयारी जोरों पर चल रही है.

यमला पगला दीवाना फिर से:  इसे इस साल की सबसे बकवास सीक्वल में से एक हना गलत नहीं होगा. हमें तो समझ में ही नहीं आता कि देओल्स परिवार इस फिल्म के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़ा है. क्यों वे एक के बाद एक इस फिल्म का बकवास सीक्वल बनाने में लगे हैं. इससे उनकी छवि खराब होती जा रही है. माना कि पहला भाग हिट था, लेकिन दूसरा बनाने के बाद समझ आ जाना चाहिए था कि अब इस फिल्म का कोई सीक्वल नहीं बनना चाहिए. लेकिन हुआ एक दम उल्टा, तीसरे भाग ने तो देओल्स की नैया ही डुबो दी. फिल्म इतनी बुरी तरह बॉक्स ऑफिस पर पिटी कि शायद अब इस फिल्म का सीक्वल बनाने की हिम्मत किसी में न हो. फिल्म अपनी लागत तक नहीं निकाल पाई. ऐसी फिल्मों को सीक्वल नहीं दर्शकों के लिए टॉर्चर करना कहते हैं.

हैपी फिर भाग जाएगी : सोनाक्षी सिन्हा की हालिया रिलीज फिल्म फिल्म हैपी फिर भाग जाएगी भी फ्लॉप फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है. हो भी क्यूं न, फिल्म की कहानी ही बेहद कमजोर लिखी गई थी. फिल्म हैपी भाग जाएगी को राइटर-डायरेक्टर मुद्दस्सर अजीज ने बनाया था और फिल्म के हिट होने पर उन्होंने इसका सीक्वल अनाउंस कर दिया था. लेकिन इस फिल्म को देखने वाले दर्शकों को वह मजा नहीं आया, जो कि उन्हें हैपी भाग जाएगी में आया था. इसी तरह फिल्म साहब, बीवी या गैंगस्टर 3 ने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा. उम्मीद है कि अब निर्माता इन दोनों सीरीज का अगला पार्ट नहीं बनाएंगे.

रेस 3 : सलमान खान की फिल्म रेस-3 बॉक्स ऑफिस पर क्यों नहीं चली, ये बात सभी जानते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि फिल्म रेस की पिछली दोनों कड़ियों में अच्छी स्क्रिप्ट, शानदार ससपेंस-एक्शन, गाने और सभी कलाकारों द्वारा किया गया गजब का अभिनय था और उससे भी बड़ी बात यह थी कि इन फिल्मों को बनाने की जिम्मेदारी मुस्तान बर्मावाला और अब्बास बर्मावाला ने ली थी. लेकिन इसकी तीसरी कड़ी का जिम्मा सलमान और रेमा डिसूजा ने मिलकर उठाया. नतीजा यह हुआ कि फिल्म में सबकुछ बकवास था और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही. माना की फिल्म ने लगभग 180 करोड़ के आसपास कारोबार किया, लेकिन फिल्म का बजट ही लगभग 150 करोड़ होने की वजह से फिल्म को फ्लॉप करार दिया गया.

हेट स्टोरी 4: पता नहीं यह सीरीज बन ही क्यूं रही है. फिल्म के चारो पार्ट में बस लव सेक्स और धोखा. जिसे दर्शक कम से कम आज के दौर में तो देखना पसंद नहीं करता. अब एक ही चीज को बार-बार दर्शकों के आगे परोसोगे तो फिल्म का क्या हाल होगा यह सभी जानते हैं. इतना ही नहीं, सबसे बड़ी बात यह भी है कि इस फिल्म का सीक्वल से कोई लेना देना भी नहीं हैं. इसके चारो पार्ट अलग-अलग कहानी पर बने हैं, तो फिर ये सीक्वल कहां से हुए, यह फिल्म निर्माता ही दर्शकों को बताएं तो अच्छा होगा.

जिस्म 2 : जॉन अब्राहम और बिपाशा बसु की इरोटिक थ्रिलर मूवी जिस्म ने साल 2003 में सफलता के झंडे गाड़े थे, लेकिन 2012 में आई इसकी सीक्वल जिस्म 2 ने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा. हालांकि इस मूवी मेंे सनी लियोनी रणदीप हुड्डा के साथ गर्मागर्म सीन देती दिखाई दीं. यह फिल्म बस सनी लियोनी के लिए जानी जाती है, क्योंकि उन्होंने इससे बॉलीवुड में एंट्री की थी, लेकिन इससे ज्यादा फिल्म में कुछ नहीं था.

वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा : मुंबई के माफिया डॉन की कहानी पर बेस्ड अजय देवगन की मूवी वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई मूवी ने 2010 में खूब कमाल किया था, लेकिन 2013 में अक्षय कुमार और सोनाक्षी को लेकर बनी इसकी सीक्वल मूवी वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा बिना सिर पैर के बॉक्स ऑफिस पर साबित हुई.

हाउसफुल सीरीज : साजिद खान की रोमांटिक कॉमेडी मूवी हाउसफुल सीरीज भले ही बॉक्स ऑफिस पर चल जाती हो, लेकिन कोई यह बताएगा कि किस लिहाज से यह फिल्म सीक्वल कहलाने लायक है? इसके सारे भाग अलग-अलग कहानियों पर आधारित हैं. सभी पार्ट में हिरोइनें बदल जाती है, तो कोई हीरो बदल जाता है. साजिद खान को फिल्म में दर्शकों को हंसाने से मतलब है, फिर वो काम उन्हें जैसे भी करना पड़े वे करते हैं. फिल्म में बकवास स्टोरी के चलते इसको सिर्फ टॉर्चर ही कहा जा सकता है. बस अक्षय कुमार ही हैं, जिनके दम पर फिल्म को सफलता मिल जाती है. सूत्रों की मानें तो इसका अब चौथा पार्ट बनाने की तैयारी चल रही है. जो शायद अगले साल दीवाली के मौके पर रीलिज हो सकती है.

बागी-2: इस लिस्ट में आप टाइगर श्रॉफ की फिल्म बागी-2 को शामिल कर सकते हैं. हालांकि फिल्म हिट रही थी, लेकिन जिन्होंने इस फिल्म का पहला भाग देखा है, वे जानते हैं कि दूसरे भाग का पहले वाले से कोई लेना देना नहीं था. बस फिल्म के टाइटल को रिपीट करके दर्शकों को नई कहानी के साथ फिल्म को दिखाना था. बागी-2 में बस टाइगर श्रॉफ के एक्शन सीन ही देखने लायक थे, जिसकी वजह से फिल्म हिट रही. वरना फिल्म में ऐसा कुछ नहीं था जिसके लिए इस फिल्म को याद किया जाए. वहीं टाइगर श्रॉफ की बागी 3 भी बागी 2 की रिलीज से पहले ही अनाउंस कर दी गई थी, यानि कि इसके निर्माताओं को फिल्म की सफलता का भरोसा था.

धमाल सीरीज : 2007 में आई इंदर कुमार की सुपर हिट कॉमेडी मूवी धमाल ने दर्शकों को खूब हंसाया था. लेकिन 2011 में आई इसकी सीक्वल फिल्म डबल धमाल (धमाल 2) हॉट कंगना और मल्लिका शेरावत के ग्लैमर के बावजूद पिट गई. कारण सिर्फ एक था कि फिल्म की कहानी बेहद कमजोर थी, जिसकी वजह से डबल धमाल दर्शकों का दिल नहीं जीत सकी. अब खबर है कि इसका तीसरा पार्ट टोटल धमाल के नाम से बनने जा रहा है. जिसमें अजय देवगन संजय दत्त को रिप्लेस करने जा रहे हैं और साथ ही फिल्म में अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित भी दर्शकों को हंसाते हुए नजर आएंगे. फिल्म इस साल के आखिर तक रीलिज हो सकती है.
सीक्वल बनाने के मामले में आप हाल ही में बॉलीवुड की हॉरर कॉमेडी फिल्म स्त्री को उदाहरण के तौर पर देख सकते हैं. बेहद कम बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर हो चुकी है. फिल्म में वह सब कुछ था जो हर दर्शक देखना पसंद करता है. फिल्म के लास्ट में इसका सीक्वल बनाने का स्कोप भी छोड़ा गया और इसमें कुछ ऐसे सवाल भी हैं, जो इसे दूसरे भाग से जोड़ते हैं. ऐसे में कहा जाए तो फिल्म का दूसरा भाग बनना चाहिए. बशर्ते स्क्रिप्ट अच्छी हो.

अगर इन फिल्मों के अलावा हम बॉलीवुड की उन फिल्मों के बारे में बात करें जो सही मायने में फिल्म का सीक्वल हैं, तो उनमें नगीना (निगाहेंः नगीना पार्ट-2), कोई मिल गया (कृष,कृष-3 और कमिंग सून कृष 4 ), मुन्ना भाई एमबीबीएस (लगे रहो मुन्ना भाई), हेरा फेरी (फिर हेरा फेरी), दबंग (दबंग 2), गोलमाल सीरीज, तुन वेड्‌स मनु (तनु वेड्‌स मनु रिर्टन), फुकरे (फुकरे रिटर्न) आदि शामिल हैं. इनमें से अधिकतर वो फिल्में हैं, जिनके दूसरे भाग में कहानी वहीं से शुरू होती है जहां पर पहले पार्ट का अंत होता है. इन फिल्मों की स्क्रिप्ट पर अच्छा खासा जोर दिया गया है. इनमें से कुछ फिल्मों का अभी भी सीक्वल बनाया जा रहा है.

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