बांग्लादेश से मलेशिया जाते हुए 10 रोहिंग्या पकडे गए

बांग्लादेश पुलिस ने 10 रोहिंग्या शरणार्थियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया है जब वे नाव पर सवार होकर मलेशिया के लिए रवाना होने वाले थे. यह जानकारी शुक्रवार को एक बंगलादेशी अधिकारी ने दी.

गौर तलब है कि दक्षिणपूर्व बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार के कैम्पों में तकरीबन 10 लाख रोहिंग्या शरण लिए हुए हैं. इन शरणार्थियों में से अधिकतर उस समय बांग्लादेश आये थे जब पिछले साल म्यांमार ने राखिन प्रान्त में उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी.

अधिकारीयों kका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों तक यह शरणार्थी अकसर बेईमान ट्रैफिकर्स के चुंगुल में फंस जाते थे जो उन्हें पैसे लेकर नाव द्वारा अन्य समृद्ध देशों तक पहुंचने का वादा करते थे.

बांग्लादेश की एलिट रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने कहा कि उसने गुरुवार की रात को एक तटीय स्टेशन शाह पोरिर द्विप में 6 लड़कियों और चार मर्दों को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे बांग्लादेश और म्यांमार को विभाजित करने वाली नफ नदी में खड़ी नाव पर सवार होने वाले थे.

कॉक्सस बाज़ार के आरएबी प्रमुख माहेदी हसन के हवाले से जारी एक बयाना में बताया गया है कि ये शरणार्थी बंगाल की खाड़ी के रास्ते मलेशिया जाने वाले थे. 6 लड़कियों की उम्र 20 से 22 साल के बीच थी. उन्हें यह pप्रलोभन दिया गया था कि मलेशिया में उनकी शादी दौलतमंद लोगों से करा दी जायेगी.

अधिकारीयों ने यह भी बताया कि इन 10 शरणार्थियों के साथ एक मानव तस्कर की गिरफ्तारी भी अमल में आई है.

ऐसा अनुमान है कि पिछले कुछ वर्षों में मानव तस्करों ने हजारों रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश से मलेशिया पहुँचाया था. इस तसकारी पर 2015 में उस समय रोक लगी थी जब थाईलैंड के अधिकारीयों ने अपनी भूमि पर सामूहिक कब्र ढूंढ निकाले थे और कि खचाखच भरी नावों को अपने तटों के आसपास तैरते देखा था.

बंगलादेशी अधिकारीयों का कहना है कि मलाशिया जाने के लिए लड़कियों को 100 डॉलर और मर्दों को 250 डॉलर देने पड़ते हैं. और फिर जब नाव थाईलैंड के क्षेत्र से बहार नक़ल जाती है तो 2500 डॉलर की अतिरिक्त रक़म तस्करों को देनी पड़ती है.

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