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सीपी जोशी के ‘हिंदू धर्म’  वाले बयान को लेकर राहुल गांधी ने ऐसे किया रिएक्ट

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इन चुनावी सरगर्मियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप अब इस कदर बढ़ गया है कि बात धर्म तक आ पहुंची है. इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी ने राजस्थान के नाथद्वारा में मतदाताओं को रिझाने के बाबत इतना उत्साहित हो गए कि अपने वक्तव्यों को धार देने के लिए धर्म तक का इस्तेमाल कर दिया, जिससे सियासत का वही धर्म वाला पुराना अध्याय शुरु हो गया.

हालांकि, उनके बयान को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके अपना खेद प्रगट करते हुए कहा कि सीपी जोशी का बयान कांग्रेस पार्टी के आदर्शों के विपरीत है. पार्टी के नेता ऐसा कोई भी बयान न दें, जिससे समाज के किसी भी वर्ग को दु:ख पहुंचे. कांग्रेस के सिद्धांतों, कार्यकर्ताओँ की भावानाओं का आदर करते हुए जोशी जी को जरूर अपनी गलती का अहसास होगा. उन्हें अपने बयान पर खेद प्रगट करना चहिए.

बता दें कि राजस्थान में नाथाद्वारा में चुनावी रैली के दौरान मतदाताओं को रिझाने के बाबत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी ने केंद्र में  सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि धर्म की बात कौन जानता है. अगर कोई धर्म की बात जानता है तो वो केवल पंडित ही जानते हैं.

इसके साथ ही बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पीएम मोदी, उमा भारती, साध्वी ऋतंबरा  जैसे नेता ही हिंदू धर्म की बात करते हैं, जैसा लगता है कि धर्म के बारे में सबकुछ यही जानते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई धर्म के बारे में जानता है तो वो सिर्फ पंडित ही जानते हैं.

जोशी ने आगे कहा कि बीजेपी के नेता कहते हैं कि कांग्रेसी हिंदू नहीं है. जैसा की इन्होंने को यूनिवर्सिटी खोल रखी है कि किसको हिंदू होने का प्रमाणपत्र देना है और किसको नहीं देना है.

उन्होंने आगे कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल एक साथ रहते थें. इतना ही नहीं, पंडित नेहरू ने तो सरदार पटेल की एकीकृत भारत योजना का समर्थन भी किया था. लेकिन, पता नहीं ये लोगो क्यों सरदार पटेल और पंडित नेहरू के बारे में गतल-गलत भ्रांतियां फैलाते हैं.

वहीं, अपने बयान के चलते चौतरफा फंसे सीपी जोशी ने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस के सिद्धांतों और कार्यकर्ताओँ की भावनाओं का सम्मान करते हुए मेरे कथन से समाज के किसी वर्ग को ठोस पहुंची हो तो मैं उसके लिए खेद प्रगट करता हूं.


गौरतलब है कि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष बच गए हैं. ऐसे में प्रदेश में सियासत का पारा इस समय उफान पर चढ़ा हुआ है.

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