तेजस्वी के तेवर से नीतीश के होश उड़े

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उम्मीद ना सत्तापक्ष को थी ना राजनीतिक विश्लेषकों को, लेकिन चार दिन के शीतकालीन सत्र में सदन दलों ने जिस तरह एकजुट होकर नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, उसे देखकर आगामी चुनावी जंग की तस्वीर साफ होने लगी है. विपक्षी तेवर देखकर नीतीश सरकार के होश उड़ गए. यह तो सबको पता था कि सदन की कार्यवाही ज्यादा देर तक नहीं चलेगी और हुआ भी वैसा ही. लगभग हरेक दिन ऐसा ही हुआ, बस एक दिन राबड़ी देवी वेल में धरने पर बैठीं तो सदन का राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया. लेकिन सदन के बाहर हर रोज नीतीश कुमार को घेरने का काम जारी रहा.

राज्यपाल से लगाई गुहार

चारों दिन नेता विपक्ष तेजस्वी यादव पूरी रौ में नजर आए. सदन में जब बात नहीं सुनी गई तो एकजुट विपक्ष ने राजभवन मार्च करने का फैसला लिया. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जीतन राम मांझी, भाई विरेंद्र, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और प्रेमचंद्र मिश्रा समेत कई प्रमुख नेताओं के शिष्टमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की.

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इन नेताओं ने राज्यपाल को बताया कि राज्य सरकार असंवैधानिक काम कर रही है. नेताओं ने कहा कि सरकार अपराधियों को सरंक्षण दे रही है. इसलिए इस सरकार को बर्खास्त कर दिया जाए. सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार को न तो देश के कानून की परवाह है और न ही यह सरकार संविधान का सम्मान करती है. लोगों का भरोसा अब इस सरकार पर से उठ गया है. सुप्रीम कोर्ट तक ने कह दिया है कि यह शर्मनाक है कि सरकार दोषियों को बचाने में लग गई है.

आक्रामक नजर आए तेजस्वी

पहले लगा कि पिता लालू प्रसाद की बीमारी और भाई तेजप्रताप यादव के तलाक प्रकरण का असर तेजस्वी यादव पर रहेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं दिखा. पहले दिन तो तेजस्वी सदन में नहीं आए लेकिन दूसरे दिन सदन में घुसते ही छा गए. कार्यवाही शुरू होते ही उन्होंने सरकार को घेरना शुरू कर दिया. स्पीकर को मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि हुजूर जिस राज्य का उपमुख्यमंत्री अपराधियों से अपराध न करने का हाथ जोड़ कर अपील करता हो, उस राज्य में सरकार की हनक का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.

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उन्होंने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर बहस की अपील की, पर स्पीकर ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर सीधा आरोप लगाया राज्य की कानून व्यवस्था उनसे नहीं संभल रही है. बालिका रिमांड होम प्रकरण पर जिस तरह से लीपापोती का काम हो रहा है, उससे साफ है कि सरकार दोषियों को बचाना चाह रही है. तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिपण्णी के बाद इस सरकार को एक मिनट भी सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं.

सदन नियम से चलेगा : श्रवण

संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सदन नियम से ही चलेगा ना कि किसी के दबाव से. उन्होंने कहा कि सदन चलाने की अपनी नियमावली है और सभी माननीय सदस्यों को इसका अनुपालन करना चाहिए. विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने कहा कि जनता की मूल समस्याओं से विपक्ष का कोई लेना देना नहीं. विपक्ष हंगामा कर बस सुर्खियां बटोरना चाहता है. इससे बिहार की जनता को कोई लाभ होने वाला नहीं है.

भाजपा के नवल यादव कहते हैं कि सरकार ने जो विकास का एजेंडा सेट किया है वह विपक्ष देखना ही नहीं चाहता है. सरकार का पूरा ध्यान विकास पर है और हम इस एजेंडे को डिरेल नहीं होने देंगे. सदन में अगर विपक्ष नियम के तहत अपनी बात रखता तो सरकार उसे गंभीरता से लेती, मगर जब मकसद ही केवल हंगामा कर सुर्खियां बटोरना हो तो बात समझ से परे है. बिहार की जनता सब देख रही है और सही समय पर सही जबाव देगी.

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