गाजियाबाद में धड़ल्ले से हो रहे फर्जी शादियों के रजिस्ट्रेशन

fake marrage registration takes place in noida

गाजियाबाद में शादियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। जांच पड़ताल किए बगैर ही उप निबंधक कार्यालय से शादी के प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं। माना जा रहा है कि जनपद में फर्जी विवाह पंजीकरण कराने के लिए बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी ने सोमवार को खुद एक मामला पकड़ा। राजस्थान के युवक और युवती शादी किए बिना ही रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंच गए।

प्रशासन के पास पिछले कुछ समय से शिकायतें पहुंच रही थी कि गाजियाबाद में शादियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। दूसरे राज्यों के लोग शादी के झूठे प्रमाण पत्र लेकर रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। उप निबंधक कार्यालयों में दस्तावेज की जांच नहीं होती और शादी का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।

एक माह पहले एक मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा। पाकिस्तान की युवती ने मुंबई निवासी युवक से शादी की। लेकिन युवती ने आवदेन पत्र में जानकारी सही नहीं बताई। इसके बावजूद उनका शादी का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इन शिकायतों के मद्देनजर जिलाधिकारी ने खुद सदर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालयों का निरीक्षण किया।

राजस्थान से आए थे युवक और युवती : प्रदेश से बाहर के लोग किसी धार्मिक संस्था का विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हैं, लेकिन इनकी जांच नहीं होती। डीएम ने निरीक्षण के दौरान विवाह पंजीकरण के लिए कार्यालय में उपस्थित विनोद एवं प्रियंका नामक युवती से पूछताछ की। दोनों ने बताया कि वह राजस्थान के निवासी है। गाजियाबाद में विवाह पंजीकरण कराए जाने के संबंध में पूछने पर वह सही जबाव नहीं दे सके। डीएम को युवक और युवती ने बताया कि वह एक वकील से मिले थे जिन्होंने विवाह पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी ली। पूछताछ के बाद पता चला कि दोनों की अभी तक शादी नहीं हुई है। उप निबन्धक पंचम से प्रदेश के बाहर के लोगों के विवाह का पंजीकरण गाजियाबाद में कराए जाने के संबंध में पूछने पर कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिला। इससे शक जताया जा रहा है कि जनपद में विवाह पंजीकरण कराने के लिए बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है।

जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी उप निबंधकों निर्देश दिए कि प्रदेश से बाहर के लोगों द्वारा विवाह पंजीकरण के लिए यदि किसी धार्मिक संस्था का विवाह प्रमाण पत्र देकर आवेदन किया जाता है तो उसकी जांच की जाए। ऐसा नहीं होने पर उप निबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने पिछले एक वर्ष का आकड़ा मांगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ऐसे कितने प्रकरण है कि जिनमें दोनों पक्ष (वर एवं वधू) यूपी के बाहर के हैं।

शादी का प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन कराए जाने की शिकायतें मिलीं थीं। निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां मिलीं है। सभी उप निबंधकों से विवाह पंजीकरण के पिछले एक वर्ष के आकड़े मांगे गए हैं। -रितु माहेश्वरी, जिलाधिकारी

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