ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट झारखंड: किसानों के लिए बड़ा ऐलान

jharkhand government announcement for farmers
किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में गुरुवार को दो दिवसीय ग्लोबल एग्रीकल्चर एण्ड फूड समिट का आयोजन हुआ. केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह तथा राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इसका शुभारम्भ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को कई सौगात दिए. सीएम ने कहा कि किसानों को बैंक से कृषि ऋृण लेने पर एक रुपया भी ब्याज अब नहीं चुकाना पड़ेगा. उन्हें ऋृण रहित ब्याज एक वर्ष के लिए दिया जायगा. सरकार ब्याज चुकाएगी, बषर्ते किसानों को एक साल में ऋृण वापस करना होगा.

ग्लोबल समिट में 50 फूड प्रोसेसिंग प्लांट की ऑनलाईन आधारशिला रखी गई. इससे 271 करोड़ का निवेश होने का अनुमान लगाया गया है. इससे 6000 लोगों को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा. इस आयोजन में ट्‌यूनीषिया, चीन, इजरायल, फिलिपींस, मंगोलिया और मोरक्को पार्टनर कंट्री की भूमिका निभा रहे हैं. समिट के शुभारम्भ समारोह में जैविक खाद के झारखंड ब्रांड तथा जे. फार्म एप की लांचिग की गई. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि किसान साधन सम्पन्न और आधुनिक तकनीकों से अवगत हों. इस दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 लाख किसानों को सरकार मोबाईल देगी.

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किसानों को बिचौलियों से मुक्त कराना सरकार की प्राथमिकता है. 2018 तक हर घर में बिजली पहुंचे इसके लिए वर्ष 2018 के अप्रैल-मई तक किसानों के लिए अलग से फीडर की व्यवस्था की जा रही है. किसानों को खेती के लिए छह घंटे बिजली मुहैया कराई जाएगी. सरकार की प्राथमिकता उद्योगों, किसानों तथा आम नागरिकों के लिए अलग-अलग बिजली उपलब्ध कराने की है. मुख्यमंत्री ने पशुपालन, डेयरी और बागवानी पर जोर देते हुए किसानों को इसके लिए आगे आने का आह्‌वान किया. उन्होंने कहा कि यह सब चीज झारखंड में हो जाए तो यहां के किसानों की आय 2022 तक दोगुनी ही नहीं चौगुनी हो जाएगी.

रघुबर दास ने झारखंड की गरीब महिलाओं को 90 फीसद सब्सिडी पर दो-दो गाय उपलब्ध कराने की योजना जारी रखने की बात कही. उन्होंेने कहा कि झारखंड के नौजवान डेयरी के क्षेत्र में आएं. बाजार राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी. डेयरी के लिए 50 फीसद सब्सिडी दी जाएगी. इसमें 2022 तक झारखंड में श्वेत क्रांति लाने का काम सरकार करेगी. मुख्यमंत्री ने ई-मार्केट से झारखंड को 19 मंडियों के जुड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को बिचौलियों से बचाने की प्राथमिकता सरकार की है. झारखंड के किसान लूटे नहीं जाए, उसके साथ धोखाधड़ी न हो तथा उत्पादन का मालिक स्वयं बने इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.

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आर्गेनिक खेती को लेकर भी इस आयोजन में बातें हुईं. इस मौके पर मुख्य मंत्री ने कृषि क्षेत्र से जुड़े निवेशकों तथा समिट के सहयोगी राष्ट्रों को झारखंड में निवेश के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर प्रकार से उन्हें सहायता उपलब्ध कराएगी. 67 वर्ष की आजादी में गांवों की सूरत जितनी बदलनी चाहिए थी नहीं बदली. पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि राज्य का विकास तभी संभव है, जब हमारे किसान खुशहाल होंगे.

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