मुख्यमंत्री की आलोचना की तो पत्रकार को किया रासुका के तहत गिरफ्तार

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मणिपुर की भाजपा सरकार की आलोचना करना एक स्थानीय पत्रकार को महंगा पडा. एक फेसबुक वीडियो अपलोड करने की वजह से इम्फाल स्थित पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. 19 नवंबर को राज्‍य सरकार द्वारा झांसी की रानी की जयंती मनाए जाने पर इस पत्रकार ने यह वीडियो अपलोड किया गया था.

इस वीडियो में पत्रकार ने मुख्यमंत्री एन विरेन सिंह को केन्द्र सरकार की कठपुतली बताते हुए कहा है कि आप विश्वासघात न करें, मणिपुर के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान न करें. मणिपुर के वर्तमान संघर्ष का अपमान मत करें.

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27 नवंबर को एनएसए के तहत वांगखेम किशोरचंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया था. पश्चिम इम्फाल के सीजेएम अदालत से जमानत तो मिली लेकिन जमानत देने के 24 घंटों के बाद फिर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. सीजेआई ने जमानत देते हुए कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री के खिलाफ पत्रकार ने अपनी राय रखी, जिसे, राजद्रोह नहीं कहा जा सकता.

19 नवंबर को अंग्रेजी और मीतेई भाषा में अपलोड कई वीडियो क्लिप में वांगकेम ने कथित तौर पर कहा कि मैं यह जानकर दुखी हूं कि मणिपुर की वर्तमान सरकार झांसी की रानी की जयंती मना रहे हैं लेकिन उनका मणिपुर के स्वतंत्रा सेनानियों से कोई मतलब नहीं है.

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वांगकेम की पत्नी एलांगबम रंजीता ने कहा कि उन्हें पहली बार 20 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था. फिर उन्हें 70,000 रुपये का जुर्माना देकर 26 नवंबर को जमानत दे दी गई. अगले दिन उन्हें फिर से पुलिस स्टेशन बुलाया गया था. सिविल ड्रेस में पांच से छह पुलिसकर्मी हमारे घर आए और उन्हें ले गए. 30 नवंबर को रंजीता ने इम्फाल में वांगखेम की तत्काल रिहाई की मांग के लिए आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया था.

 27 नवंबर को पश्चिम इम्फाल के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक नए आदेश में कहा गया कि आगे के आदेश तक, एनएसए की धारा 3(2) के तहत वांगखम को हिरासत में लिया जाना चाहिए. आदेश में कहा गया है कि वांगखेम उन गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकते है, जो राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं हो सकते है. ज्ञात हो कि इस साल अगस्त में  वांगखेम को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भाजपा के खिलाफ पोस्‍ट लिखने के लिए गिरफ्तार किया गया था. उस पोस्‍ट में वांगखेम ने लिखा था कि भाजपा को बुद्धू जोकर पार्टी बताया था.

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