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राजस्थान: बन गया मंत्रीमंडल, 13 कैबिनेट और 10 राज्‍यमंत्रियों ने ली शपथ

rajasthan cabinet swearing in ceremony
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rajasthan cabinet swearing in ceremony

कई दिनों चली माथापच्‍ची के बाद कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी की राय से राजस्‍थान में मंत्रियों के नाम तय हुए और 24 दिसंबर की सुबह राजस्‍थान में मंत्रीमंडल का शपथग्रहण समारोह हुआ. जिसमें 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रियों के चुनाव को लेकर कांग्रेस ने दूरदशिर्ता दिखाई है और जातिगत समीकरण, नए चहरों, अनुभव और सभी दलों को साधते हुए संतुलित मंत्रीमंडल बनाया गया है.

अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक सप्ताह बाद मंत्रीमंडल गठित हुआ है. इस मंत्रीमंडल में डेढ़ दर्जन विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मंत्री बने हैं. मंत्रियों में साथी दल के एकमात्र विधायक भी शामिल हैं. अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के इकलौते विधायक सुभाष गर्ग के समर्थन से राजस्‍थान सरकार बहुमत तक पहुंची थी. गर्ग को कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रायशुमारी से बनाए गए मंत्रीमंडल में अनुभवी और नए चेहरे दोनों को जगह दी गई है. कुछ पूर्व मंि‍त्रयों को भी शामिल किया गया है लेकिन पहली बार बने विधायकों को इसमें नहीं रखा गया. वहीं गहलोत के पिछले कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री रहे सीपी जोशी, भरत सिंह और पूर्व स्पीकर दीपेंद्र सिंह को इस बार जगह नहीं दी गई है.

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जातीय समीकरण पर खासा फोकस

अशोक गहलोत का मंत्रीमंडल गठित करते समय जाति समीकरणों को प्रमुखता दी गई है. कैबिनेट में हर एक समुदाय के प्रतिनिधित्व को शामिल करने की कोशिश की गई है. इन 23 नामों में दो राजपूत, दो वैश्य (व्यापार समुदाय के सदस्य), एक मुस्लिम, चार जाट, तीन एसटी, चार एससी, तीन ओबीसी और एक गुज्जर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले हैं.

राजस्‍थान मंत्रीमंडल के लिए नाम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से रायशुमारी के बाद तय हुए हैं. इसके अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे, कांग्रेस के पर्यवेक्षक के सी वेणुगोपाल और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों का भी अहम रोल रहा. माना जा रहा है कि राहुल गांधी के कहने पर ही नए चेहरों को मंत्रीमंडल में अहमियत दी गई है. इसके अलावा ऐसे चेहरों को भी तवज्‍जो दी गई जो वरिष्‍ठ हैं लेकिन पहले मंत्री बनने से रह गए थे.

विधायक बी डी कल्ला, रघु शर्मा, शांति धारीवाल, लालचंद कटारिया, प्रमोद जैन भाया, परसादी लाल मीणा, विश्वेन्द्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश चंद्र मीणा, भंवर लाल मेघवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, उदय लाल अंजाना और सालेह मोहम्मद को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. वहीं गोविंद सिंह डोटासरा, ममता भूपेश, अर्जुन सिंह बामनिया, भंवर सिंह भाटी, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदना, टीकाराम जोली, भजनलाल जाटव, राजेन्द्र सिंह यादव और आरएलडी के सुभाष गर्ग को राज्‍यमंत्री बनाया गया है.

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