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सावधान : प्रेगनेंसी के दौरान गोनोरिया जैसी यौन संक्रमण बीमारी शिशु के लिए है बेहद खतरनाक

Gonorrhea Diseases
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Gonorrhea

महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान अपने पेट में पल रहे बच्‍चे को सुरक्षित रखने के साथ साथ खुद के स्‍वास्‍थ्‍य को भी अहमियत देना बहुत जरूरी है. क्‍योंकि प्रेगनेंसी के दौरान गोनोरिया जैसी यौन संक्रमण बीमारी और भी समस्‍या आपके लिए बढ़ा सकती है. यह संक्रमण असुरक्षित संबंधों से फैलता है. क्‍योंकि महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रेगनेंसी होती है.

गर्भावस्‍था के समय यदि महिलाओं को ये समस्‍याएं हो जाती है जिससे गर्भपात का खतरा बहुत बढ़ जाता है. यह संक्रमण गर्भवती महिलाओं के द्वारा गर्भ में पल रहे बच्‍चे को भी हो सकता है. यह बीमारी आमतौर पर दो से दस दिन में फैलने के बाद पता चलता है.

महिलाओं को गर्भावस्‍था के दौरान गोनोरिया बीमारी होने पर गर्भपात का खतरा काफी बढ़ जाता है. जिससे बच्‍चे का जन्‍म समय से पहले होने की संभावना बढ़ जाती है. यदि गोनोरिया संक्रमण का इलाज सही समय पर इलाज नहीं कराने पर एचआईवी होने का खतरा बढ़ता है. जिससे बच्‍चे के जन्‍म के बाद भी महिलाओं को गर्भाशय संक्रमण हो सकता है.

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गर्भावस्‍था के दौरान गोनोरिया बीमारी होने पर पेट में पल रहे बच्‍चे के आंखों पर असर डालता है. जिससे बच्‍चे की आंखों की रोशनी भी जा सकती है. इसलिए उस बच्‍चे के जन्‍म के साथ ही आंखों का इलाज कराना चाहिए. ताकि भविष्‍य में होने वाले संक्रमण व अन्‍य रोगों से बचाया जा सके.

यदि समय रहते गोनोरिया संक्रमण का इलाज समय रहते नही कराने पर बच्‍चे को रक्‍त और जोड़ों में गंभीर संक्रमण होने का खतरा रहता है जिससे दिमागी बुखार होने का ज्‍यादा खतरा होता है.

गोनोरिया बीमारी के लक्षण कुछ महिलाओं में नजर नहीं आतं हैं. लेकिन कई बार यह संक्रमण के आधार पर ही इसके लक्षण नजर आने लगते हैं. आमतौर पर यह मूत्र या मल त्‍यागने पर दर्द या जलन होना भी गोनोरिया बीमारी की ओर इशारा करता है.

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