बिहार के विश्वविद्यालयों में चुस्त-दुरुस्त होगा प्रशासनिक नियंत्रण

step towards improvement in university's system in bihar
बिहार के विश्वविद्यालयों की दयनीय दशा किसी से छुपी नहीं है. प्रशासनिक स्तकर से लेकर शैक्षिक माहौल तक, सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है. लेकिन अब इस स्थिति में सुधार को लेकर सरकारी स्तलर पर कदम बढ़ाया जाने लगा है. राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक नियंत्रण चुस्त-दुरुस्त करने तथा वित्तीय अनुशासन बनाए रखने को लेकर राज्यपाल लालजी टंडन के निर्देश पर गुरुवार को राजभवन में बैठक हुई. इस बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासनिक सेवा और विश्वविद्यालय वित्त सेवा आयोग का गठन करने को लेकर विचार हुआ.

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दायित्व नहीं निभाते हैं अधिकारी

बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया है कि सेवानिवृत्त अधिकारी विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुशासन एवं नियमितता बहाल रख पाने में संतोषजनक रूप से अपने दायित्व नहीं निभा पाते. ऐसी स्थिति में प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों के कुशलतापूर्ण निर्वहन के लिए उक्त दोनों सेवाओं के गठन की आवश्यकता है. बैठक में यह निर्णय हुआ कि राजभवन इन सेवाओं के पद-सृजन आदि आवश्यक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग से अनुरोध करेगा. गौरतलब है कि उक्त कार्यों के निर्वहन के लिए अभी विश्वविद्यालयों में कुलसचिव, वित्त परामर्शी एवं वित्त पदाधिकारी के पदों पर सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है.

राज्यपाल ने दिया निर्देश

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता विकसित करने तथा प्रशासनिक और वित्तीय नियमितता बनाए रखने के लिए प्रभावकारी कदम उठाने का निर्देश राज्यपाल सचिवालय के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह को दिया है. इस क्रम में राजभवन में विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के मकसद से उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव, वित्त विभाग के अपर सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक, विधि सचिव और राज्यपाल सचिवालय के कई वरीय पदाधिकारी शामिल हुए.

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सभी विवि की होगी समीक्षा

राज्यपाल ने प्रधान सचिव को बारी-बारी से सभी विश्वविद्यालययों की समीक्षा-बैठक भी राजभवन में करने निर्देश दिया. सात दिसंबर को राजभवन में मुंगेर विवि की प्रथम समीक्षा बैठक बुलाई गई है. श्री टंडन ने राज्यपाल सचिवालय की शाखाओं में कार्यरत कर्मियों का भी एक शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरण करते हुए इन्हें एक सप्ताह में नई शाखा में पदभार ग्रहण कर लेने को कहा है. इस क्रम में राज्यपाल सचिवालय के 18 सहायकों, लिपिकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों का स्थानान्तरण किया गया है.

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