लाइफ स्टाइलस्वास्थ्य

योग के इन आसन को करने से रहेंगे इन बीमारियों से दूर  

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बदलती लाइफस्टाइल और बिजी शेड्यूल के कारण हम कई रोगों के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में योग का जितना जल्दी आप सहारा ले लेंगे, उतना आपकी सेहत खुश रहेगी. योग से सेहत संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए, लेकिन इसका असर रामबाण है. जिन बीमारियों का इलाज दवाईयों से ठीक नहीं हो पाता है, योग उनको भी ठीक करने की ताकत रखता है. योग में ऐसे आसन भी हैं, जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत नहीं कर सकता. हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही आसन जिनको करने से बीमारियां आपसे दूर भागेंगी.

ये हैं शीर्ष 10 आसन:

सूक्ष्म आसन
40 की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में खानपान की अनियमितता आदि से कैल्शियम की कमी हो जाती है. इसका नतीजा यह है कि घुटनों में दर्द और स्पांडलाइटिस की तकलीफ परेशान करने लगती है. इस आसन को करने से काफी लाभ होता है.

तितली आसन
महिलाओं में गर्भाशय संबंधी समस्या और मांसपेशियों में खिंचाव इस आसन से दूर हो जाते हैं. नियमित आसन करने से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है.

कपालभाति
हर उम्र के स्त्री-पुरुष के लिए लाभकारी हैं. इससे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम ठीक रहते हैं.

अनुलोम-विलोम
सांस संबंधी दिक्कत, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में कारगर है. सभी कर सकते हैं.

भ्रामरी प्राणायाम
मानसिक दबाव, एंजायटी और डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है. सभी के लिए लाभकारी है.

शीतली प्राणायाम
गर्मी के दिनों में शीतली प्राणायाम करने से एसिडिटी समेत पेट संबंधी दिक्कतें नहीं रहतीं. यह आसन बुजुर्गो को विशेष तौर पर अपनाना चाहिए.

सूर्य नमस्कार
बच्चों के विकास, खासतौर पर लंबाई बढ़ाने और आंखों की रोशनी ठीक रखने को सूर्य नमस्कार बेहद जरूरी है.

वृक्ष आसन, सर्वाग आसन

इस आसन से शिक्षा और रोजगार संकट के चलते डिप्रेशन में आ रहे युवाओं को भी लाभ मिल सकता है. शारीरिक तौर पर सुगठित होने के लिए यह आसन अच्छे हैं.

ताड़ आसन-चक्र आसन
एकाग्रता के साथ साथ हृदय के लिए यह आसन हर किसी के लिए फायदेमंद हैं.

हल आसन
इस आसन से दिमाग में स्फूर्ति के साथ-साथ शारीरिक चुस्ती भी बनी रहती है.

 

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