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लोस में नागरिकता संशोधन विधेयक पास होना असम के लिए खतरे का संकेत : तरुण गोगोई

Gogoi
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Gogoiपूर्व मुख्‍यमंत्री तरुण गोगोई ने बांग्‍लादेश से धार्मिक उत्‍पीड़न के कारण देश छोड़ने वाले हिंदू लोगों को भारतीय नागरिकता देने वाले विधेयक को असम के लिए खतरे का संकेत करार देते हुए कहा कि भाजपानीत गठबंधन सरकार ने समाज को बांटने वाला तथा खतरनाक विधेयक लोकसभा में आज पास कर दिया है. इसे असमिया समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्‍त नहीं करेगा. गोगोई ने आश्‍चर्य व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि पूरे पूर्वोत्‍तर राज्‍य के लोग इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं और केंद्र की मोदी सरकार इन राज्‍यों के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है. गोगोई ने कहा कि इस विधेयक को पास करने से पहले कांग्रेस के सांसद भुवनेश्‍वर कलिता और सुष्मिता देव ने केंद्र सरकार को इसके पास होने के बाद की परिस्‍थति से अवगत कराया था लेकिन उनके सुझाव पर किसी तरह का ध्‍यान नहीं दिया गया. इसके लागू होने के बाद असम पर जिम्‍मेवारी अधिक बढ़ जाएगी. असम के लोग इस बोझ को झेलना नहीं चाहते.

राज्‍य को अशांत करने में मुख्‍यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, वित्‍तमंत्री डॉ. हिमंत विश्‍व शर्मा और संसदीय कार्यमंत्री चंद्र मोहन पटवारी को ठहराते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा के तीनों नेता अपनी कुर्सी बचाने के चक्‍कर में केंद्र के सामने असमिया समाज की भावनाओं को रखने में विफल साबित हुए. उनमें इतनी हिम्‍मत नहीं है कि केंद्र के सामने प्रदेश के लोगों के नफा-नुकसान का मुद्दा उठाए. पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक के पास होने के साथ राष्‍ट्रीय नागरिक पंजीकरण का कोई औचित्‍य नहीं रह गया है. हम एक जिम्‍मेवार विपक्ष होने के नाते असम के लोगों के लिए हमारी प्रतिबद्धता है कि उनकी लड़ाई को आगे बढ़ाए. उन्‍होंने क‍हा कि केंद्र के इस फैसले से भविष्‍य में असमवासियों की सांस्‍कृतिक, भाषाई एवं सामाजिक पहचान पर खतरे मंडराएंगे. इस मुद्दे को वे निकट भविष्‍य में होने वाले लोकसभा चुनाव में भुनाएंगे.

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