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मेघालय सरकार एनजीटी से पुनर्विचार के लिए करेगी अपील

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meghalaya-govt-ngtनेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (एनजीटी) द्वारा मेघालय सरकार को राज्‍य में अवैध कोयला खनन पर अंकुश लगाने में विफल रहने पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के मामले में सरकार पुनर्विचार के लिए अपील करने पर विचार कर रही है. मेघालय के मुख्‍यमंत्री कोनराड के संगमा ने सोमवार को यहां पत्रकारों से कहा कि कानूनी विभाग एनजीटी के हालिया आदेश की जांच कर रहा है.

संगमा के अनुसार आदेश में कहा गया है कि खनिकों और अन्‍य क्षेत्र से राशि एकत्र करने की आवश्‍यकता है और सरकार आदेश की जांच कर रही है. उन्‍होंने कहा कि सरकार इससे पहले उपलब्‍ध विकल्‍पों की खोज कर रही थी और इस आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए उच्‍चतम न्‍यायालय और एनजीटी के समक्ष अपील करने का भी प्रयास करेगी. राज्‍य सरकार मेघालय में कोयला खनन को वैध बनाने के लिए काम कर रही है. हालांकि उन्‍होंने दोहराया कि सरकार अवैध खनन की अनुमति नहीं देगी और राज्‍य सरकार द्वारा उन व्‍यक्तियों तथा समूहों के खिलाफ 1000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जो अवैध कोयला खनन में लिप्‍त हैं.

संगमा के अनुसार सरकार ने संबंधित जिला प्रशासन को अवैध कोयला खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है. राज्‍य में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन के बारे में पूछे जाने पर मुख्‍यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपनी तरु से अवैध खनन की अनुमति नहीं दी है और जब भी सरकार को अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलती है, तुरंत कार्रवाई करती है. कोयला खदान से दो लोगों के शव मिलने के बारे में कोनराड ने कहा कि उनकी मौत को कोयला खनन से जोड़ना सही नहीं होगा क्‍योंकि मामले की जांच जारी है. बड़े पैमाने पर अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए ईस्‍ट जयंतिया हिल्‍स जिला प्रशासन की अक्षमता के बारे में मुख्‍यमंत्री ने कहा कि प्रशासन काफी कठिन परिस्‍थतियों में काम कर रहा है.

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