चुनावराजनीति

सवर्ण आरक्षण बिल राज्‍यसभा से भी मंजूर, राष्‍ट्रपति के दस्‍तखत बाकी, राज्यों में भी लागू होगा कोटा

PM modi and president kovind on reservation
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8 लाख रूपए से कम सालाना आमदनी वाले आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का बिल बुधवार को राज्यसभा से भी पास हो गया. इस बिल के पक्ष में 165 और विरोध में 7 वोट पड़े. हालांकि विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया. ये बिल एक दिन लोकसभा से भी पास हो चुका था. इसे लागू करने के लिए अब केवल राष्ट्रपति की मंजूरी ही बाकी है. चुनावी मौसम में लाए गए इस आरक्षण बिल की जिस तरह जल्‍दबाजी में घोषणा की गई. वैसे ही इसे लागू करने के लिए जल्‍दी ही इसे संसद के दोनों सदनों से पास भी करा लिया गया. सूत्रों की मानें तो अब सरकार की योजना इससे जुड़ी गजट अधिसूचना भी जल्द ही जारी करने की है.

लोकसभा की तरह राज्‍यसभा में भी बिल पर बहस के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत बाकी दलों ने इस विधेयक को पेश करने के समय को राजनीति से प्रेरित बताया. उधर सरकार के मंत्रियों ने सभी आलोचनाओं को खारिज करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया. राज्‍यसभा में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राज्‍यों को इस बात की छूट होगी कि वे इस आरक्षण की आर्थिक सीमा को अपने अनुसार बदल सकें. मसलन, केन्‍द्र सरकार ने इसे 8 लाख रूपए सालाना आय तय किया है तो राज्‍य इसे घटाकर 5 लाख रूपए कर सकते हैं. गौरतलब है कि ये आरक्षण राज्‍य की सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा. विधेयक के कोर्ट की परीक्षा में ठहर न पाने की आशंकाओं को खारिज करते हुए रविशंकर ने कहा कि आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा संविधान में नहीं लगाई गई है.

राज्‍यसभा में कांग्रेस सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि 8 लाख रुपए कमाने वाला गरीब है तो सरकार को 8 लाख तक की कमाई पर इनकम टैक्स भी माफ कर देना चाहिए. इस नए आरक्षण के बाद अब कुल आरक्षण 49.5% से बढ़कर 59.5% हो जाएगा.

वर्ग    मौजूदा आरक्षण  नया आरक्षण

ओबीसी 27%        27%

एससी  15%        15%

एसटी   7.5%      7.5%

सवर्ण   —     10%

कुल    49.5%    59.5%

सवर्णों को आरक्षण देने के लिए ये हैं मापदंड

  1. परिवार की सालाना आमदनी 8 लाख रु. से ज्यादा न हो
  2. परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि न हो
  3. आवेदक के पास 1,000 वर्ग फीट से बड़ा फ्लैट नहीं होना चाहिए
  4. म्यूनिसिपलिटी एरिया में 100 गज से बड़ा घर नहीं होना चाहिए
  5. नॉन नोटिफाइड म्यूनिसिपलिटी में 200 गज से बड़ा घर न हो

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