विकीलीक्स ने पाकिस्तान की पोल खोली

भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान उसके खिला़फ जंग के लिए किसी भी व़क्त तैयार है. वह भारत विरोधी आतंकी संगठनों को बढ़ावा देता है, देश में अशांति फैलाने के लिए हर तरह की मदद उपलब्ध कराता है. यह बात तो हर भारतीय जानता है तो फिर इसमें नया क्या है. संवेदनशील दस्तावेजों को प्रकाशित करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों में यदि कुछ नया है तो वह यह कि यह बात अमेरिका भी अच्छी तरह जानता है. हालांकि अमेरिका अब तक इसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करने से बचता रहा है, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग के जो दस्तावेज विकीलीक्स ने लीक किए हैं, उससे यह बात स्पष्ट हो जाती है. साथ ही यह बात भी खुलकर सामने आती है कि आतंकवाद पाकिस्तान की विदेश नीति का एक अहम अंग है, जिसके ज़रिये वह अमेरिका और भारत को ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है.

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भारतीय टेनिस का नया सूर्य सोमदेव

भारत में टेनिस के खेल की एक खासियत रही है. यहां ऐसे खिलाड़ी कम ही पैदा हुए हैं, जो विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें, लेकिन हर दौर में कम से कम एक खिलाड़ी ज़रूर रहा है, जो अपनी उपलब्धियों से हमें गौरव का एहसास कराता रहा है. पहले रामनाथ कृष्णन, फिर रमेश कृष्णन एवं विजय अमृतराज और उसके बाद लिएंडर पेस एवं महेश भूपति. बीच में सानिया मिर्ज़ा भी आईं, लेकिन उनकी उम्मीदों का सितारा चमकने से पहले ही रास्ते से भटक गया. अब जबकि लिएंडर पेस एवं महेश भूपति अपने करियर के आख़िरी पड़ाव पर हैं, सानिया कोर्ट से ज़्यादा अपना परिवार बसाने में व्यस्त हैं, ऐसे में भारतीय टेनिस प्रेमियों के दिल में एक ही सवाल कौंध रहा था कि अंतरराष्ट्रीय टेनिस में भारत का अगला झंडाबरदार कौन होगा? पिछले एक साल के प्रदर्शन पर ग़ौर करें तो सोमदेव देवबर्मन ने एक नई उम्मीद पैदा की है. हालांकि एटीपी रैंकिंग में वह अभी भी टॉप 100 से बाहर हैं, लेकिन हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और खासकर कॉमनवेल्थ एवं एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन को देखते हुए यह आशा की जा सकती है कि आने वाले दिनों में भारतीय टेनिस नायकविहीन नहीं रहेगा.

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उपेक्षित हैं शारीरिक-मानसिक अक्षमता के शिकार लोग

उन्हें सामान्य इंसान नहीं माना जाता, क्योंकि वे शारीरिक रूप से कमज़ोर होते हैं. उन्हें समाज में हेय दृष्टि से देखा जाता है. आम इंसानों को जो सुविधाएं हासिल हैं, वे उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते. कहने को तो शारीरिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए तमाम तरह के क़ानून बने हैं, कई योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन सच्चाई का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकार के पास उनकी वास्तविक संख्या के बारे में सही आंकड़े तक उपलब्ध नहीं हैं. जो आंकड़े उपलब्ध हैं, वे सही तस्वीर पेश नहीं करते, क्योंकि अलग-अलग तरह की शारीरिक अक्षमताओं की परिभाषा ही स्पष्ट नहीं है. उनकी बदनसीबी यह है कि भगवान ने उन्हें आम इंसानों से अलग बनाया, लेकिन सामाजिक और सरकारी स्तर पर सहयोग से उन्हें सामान्य रूप से जीने के योग्य ज़रूर बनाया जा सकता है.

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ख़तरे में टेस्ट क्रिकेट का भविष्य

तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच जीतकर भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के ख़िला़फ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीत ही ली. इसके साथ ही 2008 में श्रीलंका के ख़िला़फ मिली हार के बाद से टेस्ट सीरीजों में टीम का अपराजेय रिकॉर्ड भी बरक़रार रहा, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि न्यूजीलैंड ने भारत को जीत के लिए नाको चने चबवा दिए.

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अपराध की भेंट चढ़ता देश का बचपन

नेशनल क्राइम रिकॉड्‌र्स ब्यूरो के नवीनतम आंकड़े देश के भविष्य की ख़ौ़फनाक तस्वीर पेश करते हैं. उनके मुताबिक़ पूरे देश में अपराधों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इससे भी ज़्यादा चिंता की बात यह है कि बाल अपराधों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो रही है.

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16वें एशियाई खेलः सबसे बड़ा आयोजन

12 नवंबर को 16वें एशियाई खेलों की शुरुआत चीन के ग्वांगझू शहर में एक विशाल रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुई. देश के दक्षिणी हिस्से में बसे इस शहर में समारोह के दौरान वहां की समृद्ध विरासत का नज़ारा देखने को मिला.

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वाकई वेरी-वेरी स्‍पेशल हैं लक्ष्‍मण

अहमदाबाद के मोटेरा मैदान पर कमज़ोर समझी जाने वाली न्यूजीलैंड टीम के ख़िला़फ भारत हार की कगार पर खड़ा था. केवल 15 रनों के स्कोर पर टीम इंडिया के शीर्ष पांच बल्लेबाज़ पेवेलियन लौट चुके थे. तेज गेंदबाज़ क्रिस मार्टिन की कहर बरपाती गेंदों ने दुनिया की नंबर एक टीम को बैकफुट पर धकेल दिया था.

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निर्माता-निर्देशक- 4: हर बदलाव अच्‍छा नहीं होता

समय के साथ चलना हम सब की मजबूरी है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम अपनी जड़ों से ही दूर हो जाएं, लेकिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का कुछ ऐसा ही हाल है. व़क्त गुजरने के साथ बॉलीवुड में नई-नई तकनीकें आईं, दर्शकों का नया समूह जुड़ा, नए जमाने के युवा निर्माता-निर्देशक आए.

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स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में लिंगभेदः नजरिये में बदलाव की जरूरत

देश में बैडमिंटन की मशहूर खिलाड़ी सायना नेहवाल जब पैदा हुई थीं तो उनकी दादी एक महीने तक उन्हें देखने नहीं गईं, क्योंकि उन्हें पोती नहीं, पोते की हसरत थी. भारत के पितृसत्तात्मक समाज में लड़कियों के प्रति यही नज़रिया उनके विकास में सबसे बड़ी बाधा है, साथ ही उन्हें ऐसी सुविधाओं के उपभोग से भी दूर करता है, जो देश में आम नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं.

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टू द प्‍वाइंटः क्रिकेट के असली खेल की खुली किताब

आख़िर इतना शोर क्यों मच रहा है हर्शेल गिब्स की किताब पर? टू द प्वाइंट नामक गिब्स की इस आत्मकथा में ऐसा नया क्या है? उन्होंने वही बातें लिखी हैं, जो हम सभी जानते हैं. फर्क़ स़िर्फ इतना है कि उन्होंने इन बातों को खुलकर लिखने की हिम्मत दिखाई है.

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यह सच्‍चाई नहीं यह साजिश है

पिछले दिनों इंग्लैंड के अख़बार द संडे के एक खुलासे ने भारत ही नहीं, विश्व क्रिकेट में हलचल मचा दी. द संडे ने भारतीय टीम के पिछले श्रीलंका दौरे का ज़िक्र करते हुए यह बताया था कि युवा भारतीय खिलाड़ी सुरेश रैना एक ऐसी महिला के साथ जुड़े हैं, जिसके सटोरियों के साथ नज़दीकी रिश्ते हैं.

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भारत में ओबामाः करने को बहुत कुछ है

बराक ओबामा जब अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए अपना चुनाव प्रचार कर रहे थे तो उनका नारा था, चेंज वी कैन बिलीव इन. मतलब यह कि बदलाव ऐसा हो, जिसमें हम विश्वास कर सकें. उनका यह नारा अमेरिकी जनता को भा गया और वह अफ्रीकी मूल के पहले राष्ट्रपति बनने में कामयाब रहे.

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सचिन तेंदुलकरः सिंपली द बेस्‍ट

पिछले 21 सालों से क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाज़ी की नई-नई परिभाषाएं लिख रहे सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियां खुद ही उनकी महानता की कहानी बयां करती हैं, लेकिन क्या वह क्रिकेट के सर्वकालीन महानतम बल्लेबाज़ हैं? यदि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर की बातों को मानें तो सचिन की तुलना किसी अन्य खिलाड़ी से नहीं की जा सकती.

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अनिश्चितता के बादल कब छटेंगे?

नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता का दौर समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा. प्रधानमंत्री पद के लिए बारह दौर के मतदान के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकल पाया. पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने माओवादियों के दबाव में पिछले 30 जून को ही इस्ती़फा दे दिया था. इसके बाद से तमाम कोशिशों के बावजूद नई सरकार का गठन नहीं हो पाया है.

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पाकिस्‍तानः गहराता जा रहा है तख्‍तापलट का खतरा

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्ऱफ के एक बयान ने पिछले दिनों पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी. मुशर्ऱफ ने अपनी राजनीतिक पार्टी के लांच से तीन दिन पहले लंदन में कहा कि पाकिस्तान में एक बार फिर सैनिक शासन का दौर शुरू होने वाला है. पूरी दुनिया के लिए यह बयान भले चौंकाने वाला हो, लेकिन चौथी दुनिया ने जुलाई महीने में ही यह बात कही थी.

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टीम इंडिया की वेरी-वेरी स्‍पेशल जीत

पांच अक्टूबर का वह मंगलवार भारतीय खेल जगत के लिए वैसे ही स्पेशल था जिसे लक्ष्मण की बल्लेबाज़ी ने वेरी-वेरी स्पेशल बना दिया. एक ओर राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलीट गोल्ड मेडल की बरसात कर रहे थे तो दिल्ली से थोड़ी दूर मोहाली के पीसीए स्टेडियम में वीवीएस लक्ष्मण टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया की बादशाहत की एक नई कहानी लिख रहे थे.

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माइनिंग एक्‍ट में बदलावः यह सिर्फ सरकार का दिखावा है

माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में बदलाव के लिए मंत्रीस्तरीय समिति की स़िफारिशें सरकार के इरादों की पोल खोलकर रख देती हैं. खनन कंपनियों के मुना़फे का 26 प्रतिशत हिस्सा खनन क्षेत्र एवं स्थानीय वाशिंदों के विकास के लिए अलग रखने का प्रस्ताव हो या डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन का गठन संबंधी सुझाव, गहराई में जाकर देखें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार आदिवासियों और ग़रीब किसानों का हितैषी होने का केवल दिखावा भर करना चाहती है.

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बीसीसीआई में कुछ नहीं बदला है

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी के अध्याय को अंतिम रूप से ख़त्म कर दिया. इसके लिए लीग के क़ानून में बदलाव करना पड़ा और इसके साथ ही देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक आईपीएल घोटाले से भी बोर्ड ने ख़ुद को अलग कर लिया.

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माओवादी अपने सिद्धांतों से भटक रहे हैं

नेपाल असमंजस के दौर से गुज़र रहा है. 30 जून को माधव कुमार नेपाल द्वारा प्रधानमंत्री पद से इस्ती़फा दिए जाने के बाद से यह देश राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का शिकार है. प्रतिनिधि सभा में छह-सात बार मतदान के बाद भी प्रधानमंत्री पद के दोनों उम्मीदवारों पुष्प कमल दहल प्रचंड और रामचंद्र पौडेल में से किसी को आवश्यक बहुमत हासिल नहीं हो पाया.

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पाकिस्‍तान, क्रिकेट, अंडरवर्ल्‍ड, सेक्‍स और मैच फिक्सिंग

मैच फिक्सिंग के आरोप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की एंटी करप्शन यूनिट की जांच के घेरे में आए पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ की पूर्व गर्लफ्रेंड वीना मलिक ने दावा किया है कि आसिफ पहले भी मैच फिक्सिंग में लिप्त रहे हैं. और तो और, वीना ने यहां तक कहा है कि खिलाड़ियों को फंसाने के लिए आसिफ लड़कियों का इस्तेमाल करते रहे हैं.

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सरकार और नाडा है डोपिंग की जिम्‍मेदार

राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में हो रही देरी, सुरसा के मुंह की तरह बढ़ते बजट और दूसरे देशों के शीर्ष एथलीटों द्वारा इसमें भाग न लेने की खबरों के बीच भी एक आम भारतीय की उम्मीदें परवान चढ़ रही थीं, वह यह कि कड़ी प्रतियोगिता के अभाव में शायद भारत ज्यादा पदक अपने नाम करने में कामयाब हो जाए.

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सरकार प्रॉपर्टी डीलर बन गई है

विरोध के बदले गोली. बच्चे, बूढ़े, जवान, महिलाएं यानी समाज का हर तबका लाठी-डंडों के साथ एक साथ खड़ा था. किसान आंदोलन की यह आग आगरा, मथुरा और अलीगढ़ के रास्ते पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैल गई. किसानों के इस उग्र विरोध के पीछे सरकार का अक्खड़ रवैया है, जो 10,000 करोड़ रुपये के यमुना एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के लिए उनकी ज़मीनों को औने-पौने दामों पर अधिग्रहीत करना चाहती है, लेकिन यह तो केवल शुरुआत है.

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क्रिकेट से भरोसा उठ गया

तुम्हें भरोसा नहीं तो मैं अभी बताता हूं. नई गेंद से पहला ओवर मोहम्मद आमिर करेगा और तीसरे ओवर की पहली गेंद नो बॉल होगी. दसवां ओवर मोहम्मद आसिफ करेगा और उसकी पांचवी गेंद नो बॉल होगी. यह बयान हैं सट्‌टेबाज़ मजहर मजीद के और अब तो सब जानते हैं कि उसका हर शब्द सच था.

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दिल्‍ली की प्रवासी आबादी जाएं तो जाएं कहां!

फैक्ट्रियों में मज़दूरी करके, सड़कों पर रिक्शा-ऑटो एवं छोटी-मोटी दुकान चलाकर किसी तरह अपनी ज़िंदगी गुजार रहे इन लोगों का भविष्य वैसे ही अनिश्चितता के भंवर में उलझा हुआ है, रही-सही कसर महंगाई ने पूरी कर दी है. दिल्ली के बारे में कहा जाता है कि यहां हर आय वर्ग के लोगों के लिए रहने की संभावना मौजूद है, लेकिन अब यह मिथक टूटता जा रहा है.

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विश्‍व चैंपियन का सम्‍मान करना सीखिए

विश्वनाथन आनंद, शतरंज की दुनिया का एक ऐसा नाम जिसे सारी दुनिया सम्मान की नज़रों से देखती है और जिसकी उपलब्धियों से हर भारतीय गौरवान्वित महसूस करता है. लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है कि देश के मानव संसाधन विकास मंत्रालय को यह नहीं पता कि आनंद भारतीय हैं या नहीं.

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पाकिस्‍तानः आपदा से उपजा अनजाना डर

ठीक चालीस साल पहले की बात है. 12 नवंबर, 1970 की रात पाकिस्तान में एक जलजला आया था. इसका नाम था भोला. भोला नाम के इस समुद्री तूफान ने पाकिस्तान को इस कदर अपनी आगोश में ले लिया कि 50 लाख से ज़्यादा लोगों की जान चली गई. साढ़े तीन करोड़ से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हुए, गांव के गांव तबाह हो गए.

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यह कैसी खेल भावना है?

वीरेंद्र सहवाग 99 रनों पर बल्लेबाज़ी कर रहे थे और 171 रनों के छोटे, लेकिन कठिन लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम जीत से केवल एक रन दूर थी. गेंद श्रीलंका टीम के ऑफ स्पिनर सूरज रणदीव के हाथों में थी और तमाम दर्शक भारत की जीत के साथ सहवाग के शतक की प्रतीक्षा कर रहे थे.

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गरीब रिक्‍शेवाले कहां जाएंगे

मानव श्रम के दोहन के सबसे स्पष्ट उदाहरणों में से एक है सड़कों पर चलने वाला रिक्शा. और यह रोजी-रोटी कमाने के सबसे पुराने तरीक़ों में से भी एक है. न जाने कब से इस सवारी के घूमते तीन चक्कों के साथ न जाने कितनी ज़िंदगियों की क़िस्मत घूमती रही है. अशिक्षा और भूमिहीनता के चलते भुखमरी झेलने को अभिशप्त समाज के सबसे निचले और कमज़ोर तबके के लिए रिक्शा पेट पालने का अभिन्न और अक्सर एकमात्र साधन रहा है.

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स्‍टार खिलाडि़यों से महरूम रहेगा राष्‍ट्रमंडल खेल

राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में घपले की ख़बरें आज मीडिया में सुर्ख़ियां बटोर रही हैं. हर गली-चौराहे से लेकर देश की संसद तक में इस पर हंगामा मचा हुआ है, लेकिन इस सारे हो-हल्ले के बीच यह बात दबकर रह गई है कि देश का सबसे बड़ा खेल आयोजन माने जा रहे इन खेलों से दुनिया के टॉप एथलीट धीरे-धीरे किनारा करते जा रहे हैं.

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नेपालः राजशाही की आहट सुनाई दे रही है

प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल को इस्ती़फा दिए एक महीने से ज़्यादा व़क्त गुज़र चुका है, लेकिन नेपाल का भविष्य अभी भी राजनीतिक अनिश्चितता के घेरे में है. संविधान सभा की समय सीमा को एक साल बढ़ा दिया गया है, लेकिन संविधान बनाने की बात तो दूर, मुल्क की राजनीतिक पार्टियां सरकार बनाने के नाम पर भी एकमत नहीं हो पा रही हैं.

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