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नईमा परवेज

Author:   नईमा परवेज

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हंगामा है क्यों बरपा

शर्म अल शेख़ में जारी हुए भारत-पाकिस्तान के साझा बयान को लेकर संसद के अंदर और बाहर एक हंगामा बरपा है. एनडीए और विपक्ष की दूसरी पार्टियों ने प्रधानमंत्री द्वारा संसद में दी जाने वाली सफाई को अनदेखा करते हुई उनपर पाकिस्तानी कैंप में जा बैठने का आरोप लगाया है.

ईरान में हिंसात्मक कार्रवाइयों का सच

आम धारणा यह है कि ईरान में 1979 में जो इस्लामी इंक़लाब आया था उसके सर्वेसर्वा अयातुल्लाह खुमैनी थे. पहली बात तो यह है कि यह धारणा पूरी तौर से सही नहीं है. ईरान में 1979 में होने वाली क्रांति की बुनियाद 1954 में सोशलिस्ट लीडर और प्रधानमंत्री रहे मुसाद्दीक़ ने रखी थी,

अ़फग़ानी तालिबान, पाकिस्तानी तालिबान

27 मई को लाहौर और 28 मई को पेशावर और डेरा इस्माइल ख़ान में तालिबान ने बदले की कार्रवाई करते हुए चार सुसाइड हमलों में 40 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. फौज की कार्रवाई में अब तक 25 लाख लोग बेघर हो चुके

अमेरिका की अ़फ पाक पॉलिसी पैसा फेंक, तमाशा देख

कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि अब अमेरिका अपने तथाकथित वॉर ऑन टेरर का केंद्र बिंदु अ़फग़ानिस्तान से हटा कर पाकिस्तान को बनाना चाहता है ताकि अ़फग़ानिस्तान में भारी नुकसान से बचते हुए पाकिस्तानी फौज को इस दलदल में धकेला जा सके.

पाकिस्तानी बिसात पर अमेरिकी मोहरें

सच्चाई यह है कि उप-महाद्वीप के एक हिस्से को अलग किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है, लेकिन उप-महाद्वीप का बड़ा और अभिन्न अंग होने के बावजूद भारत में अभी तक कोई गंभीर विचार-विमर्श नहीं हो रहा है.

पाकिस्तान खेतिहर ज़मीन अरब देशों को बेचेगा

पाकिस्तान के पूंजी निवेश मंत्री ने गत 19 अप्रैल को एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी सरकार सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और दूसरे अरब व खाड़ी के देशों से इस संबंध में विचार-विमर्श कर रही है

पाकिस्तान में किसान आंदोलन

किसानों के इस जमावड़े की सब से ख़ास बात यह थी कि 15000 की इस भीड़ में 5000 किसान महिलाएं भी थीं. पाकिस्तान के केवल एक टेलीविजन चैनल एआरवाई ने इस की कवरेज़ की, जबकि प्रिंट मीडिया ने इसे कोई ख़ास तवज्जो नहीं दी.