फिल्‍मों में देशभक्ति

स्‍वतंत्रता दिवस नेशनल हॉलिडे यानी राष्ट्रीय अवकाश का दिन है. सुबह को झंडा फहराने के बाद यह दिन भी आम छुट्टियों की तरह मान लिया गया है. इस दिन परिवार के साथ फिल्में देखना एक अच्छा ऑप्शन बन गया है. हर साल स्वतंत्रता दिवस पर फिल्म रिलीज होती है. बॉलीवुड इस मौक़े को खूब भुनाता है. महंगी से महंगी, मनोरंजन की दृष्टि से अच्छी या औसत फिल्में इस दिन रिलीज होती हैं और कारोबार का फायदा निर्देशक उठा लेते हैं.

Read more

आत्‍महत्‍या की कीमत हम सब चुकाते हैं

वर्ष 2006 में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री नवीन जिंदल ने संसद में एक मुद्दा उठाया कि भारतीय छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं की वजह क्या है और सरकार किस तरह आत्महत्या के आंकड़े बढ़ने से रोक सकती है. इसके बाद संसद की तऱफ से कुछ विशेष क़ानून बनाए गए. सबसे पहले तो परीक्षाओं से जुड़ी हेल्पलाइन शुरू की गई, जो परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को फोन पर साइकोलॉजिकल एडवाइस देती है.

Read more

कारगिल युद्ध के बारह साल

करगिल और एलओसी के आसपास का इलाक़ा लद्दा़ख के ठंडे रेगिस्तान का एक हिस्सा है. सर्दियों में भारी ब़र्फबारी की वजह से रास्ता बाधित हो जाता है. 18000 फीट ऊंची पहा़िडयों पर -60 डिग्री का तापमान और ठंडी तेज़ हवाएं सांस लेना मुश्किल कर देती हैं. 1977 के भारत-पाक समझौते के तहत दोनों देशों की सेना 15 सितंबर से लेकर 15 अप्रैल तक इन इलाक़ों की किसी भी पोस्ट पर तैनात नहीं रहेगी, लेकिन पाक सेना ने इस क़रार को ताक़ पर रखकर 1999 में इसी दौरान घुसपैठ की. पाक की रणनीत यह थी कि वर्फ पिघलने से पहले इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया जाए क्योंकि इस दौरान सेना का श्रीनगर से इधर कूच करना संभव नहीं हो पाएगा. यह रणनीति कामयाब हो जाती तो पाकिस्तान सेना का कई महत्वपूर्ण चोटियों पर क़ब्ज़ा हो जाता, जहां से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग-1ए का रास्ता कई जगह से बंद किया जा सकता था और भारतीय सेना के कई दस्तों को इस सीमा में लेकर बंधक बनाया जा सकता था. पाकिस्तान का क़ब्ज़ा एलओसी के महत्वपूर्ण इलाक़ों पर हो जाता, जहां से इस्लामाबाद को और भी मज़बूत बनाया जा सकता था. इससे भारतीय कश्मीर का एक ब़डा हिस्सा पाकिस्तान के क़ब्ज़े में आ जाता. इसके अलावा उनकी मंशा परमाणु शक्ति का डर दिखाना भी थी.

Read more

आबादी पर काबू पाने में सरकार नाकाम

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई पर विशेष वर्ष 2000 में बनी राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का मुख्य उद्देश्य 2045 तक स्टेबल

Read more

ऐसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव

अब जबकि राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं, तो यह जानना भी ज़रूरी हो जाता है कि राष्ट्रपति का चुनाव आ़िखर होता कैसे है, कौन लोग इस पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं, इस पद के लिए होने वाले चुनाव की प्रक्रिया क्या है, मतदान कैसे होता है, मत का मूल्य कैसे तय किया जाता है और कौन-कौन से लोग मतदान में भाग लेते हैं? आम आदमी राष्ट्रपति चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया को समझ सके, उससे परिचित हो सके, इसलिए चौथी दुनिया इस अंक में राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े हर एक पहलू को आप तक पहुंचा रहा है.

Read more

अन्ना की रसोई

अन्ना की रसोई भी आम लोगों की रसोई की तरह ही है. दरवाज़े के किनारे से झांकने पर सीधी नज़र आती है एक लिस्ट जो सेल्फ से ज़रा ऊपर गोंद से चिपकी हुई है, जिस पर पूरे दिन का मेन्यू लिखा है. वैसे इसे प़ढकर कोई भी आसानी से अन्ना के खाने की आदत से वाक़ि़फ हो सकता है, पर उत्सुकता कहती है कि थोड़ा और तलाशें. नज़र फिरती है तो दिखती है सब्ज़ियों की टोकरी, एक सेल्फ पर गैस चूल्हा और उसके आसपास मंडराता एक छोटे से क़द का अधेड़ उम्र का व्यक्ति.

Read more

अब बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में : सरकार भ्रम फैला रही है

साल 2012 में हमें यह सोचकर खुश होना चाहिए कि समाज के कर्णधार यानी हमारी नौजवान पी़ढी अब ज़्यादा स्वस्थ हो रही है. देश के सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्थान एम्स द्वारा 19 ब़डे शहरों में किए गए सर्वे के अनुसार, साल 1992 के मुक़ाबले 2012 के युवा ज़्यादा लंबे और वज़न में भारी हो रहे हैं. इसी तथ्य पर सरकार यह मानती है कि पोषण में पौष्टिकता ब़ढने की वजह से बच्चे अब स्वस्थ हो रहे हैं.

Read more

बॉलीवुड का एक्शन कनेक्शन

फिल्म गोल का बिल्लो रानी गाना किसने नहीं सुना होगा. इस फिल्म की दो खास बातें हैं, पहली फिल्म का गाना और दूसरी फिल्म का आखिरी सीन जिसमें फुटबॉलर हवा में उछलकर गोल-गोल चक्कर खाते हुए गोल करके मैच जीत जाता है. आखिरी गोल कर दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने वाला यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि देश का पहला शाउलिन वॉरयर कनिष्क शर्मा हैं, जिन्होंने चीन के प्राचीन मठ शाउलिन जाकर इस मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ली है.

Read more

देश का पहला शाओलिन वॉरियर कनिष्क शर्मा : अपनी रक्षा अपने हाथ

भारत के इतिहास में 26/11 का दर्दनाक हादसा काले अक्षरों में दर्ज है. पूरा देश इस आतंकवादी हमले का साक्षी रहा है. हमले की शुरुआत से लेकर वीरों को गंवाने तक देशवासियों, सेना, पुलिस और सरकार ने केवल अ़फसोस ही जताया है.

Read more

सोशल नेटवर्किंग साइट्स और फिल्मी सितारे

एक छोटे एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान पसलियों में चोट लग गई…अंदर कुछ नुक़सान हुआ है. सांस लेने में परेशानी हो रही है. रात के तीन बज रहे हैं…कौन बनेगा करोड़पति का एपिसोड शूट करके घर लौट रहा हूं…सुबह जल्दी उठकर फिल्म की शूटिंग पर जाना है…

Read more

हस्‍तकलाओं का अस्तित्‍व खतरे में

इक्कीसवीं सदी के ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड में व्यापार लोगों को जोड़ने वाली सबसे शक्तिशाली चीज़ों में से है. लेकिन आश्चर्य यह है कि व्यापार की ब़ढती समृद्धि के साथ ग़रीबी भी ब़ढी है और इससे अमीरी और ग़रीबी के बीच की खाई ब़डी हो गई है. विश्व व्यापार में वे संभावनाएं हैं, जो ग़रीबी हटाने के साथ इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए बेहतरीन माध्यम बन सकती हैं.

Read more

शेखावाटीः चलें गांव की ओर

राजस्थान के झुंझनू का कठराथल गांव, दूर तक नज़र आते लहलहाते खेत, चरते पशु और रंग-बिरंगे पक्षी, कच्ची पगडंडियों के किनारे बने मिट्टी और घास-फूंस के छोटे-ब़डे घर, सौंधी खुशबू वाली आबोहवा और प्रकृति के प्रेम से सराबोर वातारण.

Read more

तिरंगे का इतिहास

किसी भी देश का राष्ट्रीय ध्वज उसकी पहचान ही नहीं, बल्कि उसके इतिहास और विचार को भी दर्शाता है. दुनिया भर में झंडे का इस्तेमाल प्राचीन काल से हो रहा है. जब राष्ट्र का निर्माण भी नहीं हुआ था, तब झंडे का इस्तेमाल कबीलाई समाज के लोग किया करते थे. कबीले के नेता या लोग उस कबीले के प्रति अपनी निष्ठा या वफादारी के प्रमाण स्वरूप अपने घरों के बाहर झंडा लगाया करते थे.

Read more

दस साल पहले हुआ था ओसामा का सौदा

ओसामा के मारे जाने के बाद अटकलों का बाज़ार काफी गर्म हो गया है. लगभग रोज़ ही कोई न कोई नई कहानी पता चलती है. इसी क्रम में हाल में जनता को बताया गया कि ओसामा का सौदा आज से दस साल पहले ही तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बुश और तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्ऱफ के बीच हो चुका था.

Read more

वालीवुड की ट्रेड सेटिंग फिल्में

हिंदी फिल्मों में ढेर सारी चीजें बदल कर भी नहीं बदलतीं. भले ही नई तकनीक, नई लोकेशंस और बढ़े हुए बजट से सिनेमा के प्रदर्शन में भारी बदलाव आया हो. लेकिन कुछ चीजें एक ट्रेंड की तरह तबसे चली आ रही हैं, जबसे इनका प्रयोग हुआ है और ये बार-बार पर्दे पर आकर नई फिल्मों के ज़रिए अपने प्रयोग की याद दिलाती है

Read more

बाघों के लिए बुरी खबर है

इस बार सुंदरवन और पश्चिम बंगाल व उड़ीसा के नक्सल प्रभावित इलाक़ों को भी इस रिपोर्ट में शामिल किया गया है, जो पिछली बार शामिल नहीं थे. सबसे चिंताजनक बात यह है कि बाघों की जो बढ़ोतरी रिपोर्ट उन इलाक़ों से नहीं आई है, जहां प्रोजेक्ट टाइगर दशकों से चल रहा है.

Read more

काले धन का सौदागर हसन अली

एक चोर प्रवृत्ति का ठग व्यक्ति हुआ करता था नटवर लाल. उसने तीन बार ताजमहल को, दो बार लालकिले को और एक बार तो राष्ट्रपति भवन को भी भोले-भाले विदेशी पर्यटकों को बेच डाला था. इस नटवर लाल का असली नाम मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव था. नटवर लाल ने अपनी चालाकी से सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये मार लिए.

Read more

बॉलीवुड ही फैशन का ट्रेंड बदलता है

स्टाइल, आउट़िफट और अपीयरेंस के ज़रिए युवाओं में कॉफिंडेंस भरने का श्रेय बॉलीवुड को दिया जाना चाहिए. दौर कोई भी हो बॉलीवुड ने फैशन ट्रेंड सेट करने का काम हमेशा से किया है. पिछले कई दशकों से सिनेमा फैशन का ट्रेंड सेट करता रहा है.

Read more

बॉलीवुड: सब कुछ बदल गया है

एक व़क्त था, जब हिंदी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक ही मीडिया से बातचीत करते थे और फिल्में बढ़िया कारोबार कर जाती थीं. फिल्म के प्रोमोशन का ख़र्च निर्माण का एक-दो फीसदी हुआ करता था और उसकी मार्केटिंग केवल इतनी होती थी, जितनी चर्चाएं हुआ करती थीं

Read more

विश्व के प्रमुख तानाशाह

अचानक से एक और तानाशाह के बारे में बातें होने लगी हैं. तानाशाही उस तरह की सरकार को कहते हैं जहां संपूर्ण सत्ता एक ही व्यक्ति के हाथ में होती है. वहां क़ानून का राज नहीं, शासक के हिसाब से सरकार चलती है.

Read more

सेटेलाइट सिंडिकेशनः कारोबार का नया माध्‍यम

आजकल कम ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही हैं, इसलिए डिस्ट्रीब्यूटर फिल्म रिलीज होने के बाद उससे हुए कारोबार से 20 फीसदी अपनी फीस के रूप में रखते हैं और निर्माता को 80 फीसदी दे रहे हैं. फिल्म निर्माता आजकल सेटेलाइट पर राइट बेचकर पहले ही फिल्म की लागत निकाल लेते हैं.

Read more

अंतरराष्‍टीय पर्यटन का हिस्सा बनता बॉलीवुड

बॉलीवुड फिल्मों का बाज़ार दूसरे देशों की फिल्मों के बाज़ार से ज़्यादा व्यापक है. यही वजह है कि इन फिल्मों की शूटिंग लोकेशंस का काफी प्रचार-प्रसार होता है. एक बात जो सबसे ज़्यादा अहम है, वह यह कि जहां-जहां फिल्मों की शूटिंग होती है, वहां के पर्यटन व्यवसाय में काफी इज़ा़फा हो जाता है. यह बात कई देश मान चुके हैं और वे चाहते हैं कि उनके पर्यटन स्थलों पर खासकर बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो. इस बात पर किसी और ने नहीं, बल्कि रोमानिया के एक मंत्री ने मुहर लगाई है. हालांकि हमारे देश में इसका बिल्कुल उल्टा है. यहां किसी भी मॉन्यूमेंट या टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर शूटिंग की इजाज़त लेना फिल्म निर्माताओं के लिए मुश्किलों भरा काम है. यही वजह है कि अपने देश में बेहतरीन लोकेशंस एवं पर्यटन स्थल होने के बावजूद वहां फिल्मों की शूटिंग कम ही होती है. रोमानिया के एक मंत्री बार्बी केरली का कहना है कि बॉलीवुड केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि व्यापार का बहुत बड़ा ज़रिया है. केरली ने बॉलीवुड के फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए रोमानिया आमंत्रित किया है. उनके अनुसार, अगर बॉलीवुड वहां शूटिंग करेगा तो उनके देश का प्रचार होगा, साथ ही जिन जगहों पर फिल्म की शूटिंग होगी, वहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. यही बात मालदीव के पर्यटन मंत्री टोइड मोहम्मद ने भी कही. बकौल टोइड, अगर बॉलीवुड के फिल्म निर्माता उनके यहां आकर शूटिंग करेंगे तो वह मालदीव की अधिकांश जगहों को शूटिंग लायक़ बना देंगे. स़िर्फ 6.5 लाख आबादी वाले द्वीप मालदीव की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर है. यहां 85,000 भारतीय रहते हैं. यहां बॉलीवुड की फिल्में और टेलीविज़न धारावाहिक बच्चों से लेकर बड़ों तक पसंद किए जाते हैं. स्थानीय ट्रेवल एजेंट कहते हैं कि बॉलीवुड की वजह से यहां पर्यटन को काफी बढ़ावा मिला.

Read more

एक और अयोध्‍या

भारतीय सभ्यता और संस्कृति को पूरे विश्व में गौरवपूर्ण स्थान हासिल है. संसार ने हमारे प्राचीन महाकाव्यों, पुराणों एवं ग्रंथों का लोहा माना है. विश्व के कई देशों ने हमारी सभ्यता और संस्कृति का अनुकरण किया है. दक्षिण पूर्व एशिया स्थित देश थाइलैंड भी प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरित है.

Read more

निर्माता-निर्देशक-3

निर्माता-निर्देशकों के एकछत्र राज से बॉलीवुड आज़ाद हो चुका है. उदारीकरण के दौर का साक्षी बनकर बॉलीवुड अब ख़ुद में एक ताक़त बनकर उभर चुका है. इस बदलाव के पीछे इंडस्ट्री की आर्थिक स्थिति का बड़ा योगदान है. इससे फिल्मों के रूप-स्वरूप में भी का़फी परिवर्तन हुआ है.

Read more

प्रशासनिक परीक्षा में बदलावः हकीकत की अनदेखी

लंबे समय से बदलाव की मांग के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा के प्रारूप में बदलाव कर दिया है. इसके तहत संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव किए गए हैं. अगले साल यानी 2011 से वैकल्पिक प्रश्नपत्र नहीं होगा, इसकी जगह अभ्यर्थियों को दो अनिवार्य विषयों की परीक्षा देनी होगी.

Read more

माइक्रोसॉफ्ट की असलियत और हमारी सरकार

कंप्यूटर के आविष्कार ने विश्व में क्रांति ला दी है. मौजूदा दौर में जीवन का कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है. विकसित देशों के साथ विकासशील देश भी कंप्यूटर के ज़रिए सभी कामों को आसान बनाने के लिए इसका प्रशिक्षण गांव-गांव तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं.

Read more

स्‍वरोजगार के लिए बेहतरीन विकल्‍प है फ्रेंचाइजी

एक वक्त था जब नौकरी के लिए पढ़े-लिखे लोगों की ज़रूरत थी, पर मंदी के दौर ने ऐसा माहौल बना दिया है कि पढ़े-लिखे लोगों को भी नौकरी पाने के लिए खाक छानना पड़ रहा है. हालात इस कदर खराब हो रहे हैं कि लोगों की हाथ आई नौकरियां भी छूट रही हैं. ऐसे में फ्रेंचाइजिंग इंडस्ट्री में हाथ आजमाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है.

Read more

ओपन ऑफिस एक उपयोगी सॉफ्टवेयर

ओपन ऑफिस एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है, जो एक ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले सभी उपयोगी सॉफ्टवेयरों का कलेक्शन है. जिस तरह से माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम में माइक्रोसॉफ्ट का ऑफिस होता है, ठीक उसी तरह का एप्लीकेशन ओपन ऑफिस का भी है. दोनों में फर्क केवल आपकी जेब पर पड़ने वाले भार का है, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट का ऑफिस जहां खरीदा जाता है, वहीं ओपन ऑफिस बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है.

Read more

कंप्‍यूटर ऑपरेटिंग सिस्‍टम और सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर की दुनिया ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर के मामलों में दो भागों में बंट चुकी है यानी ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम और पेड ऑपरेटिंग सिस्टम. कंप्यूटर सिस्टम शुरू करने के लिए उसमें डाले जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम एवं सॉफ्टवेयर ओपन सोर्स और पेड दोनों होते हैं.

Read more

शहरीकरणः कब चेतेंगे हम

दुनिया में तेज़ी से हो रहे शहरीकरण के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की हालिया रिपोर्ट के दो आंकड़े गौर करने योग्य हैं. पहला यह कि इस वर्ष के अंत तक विश्व की आधी आबादी शहरों में रहने लगेगी, जबकि भारत में 30 प्रतिशत लोग शहरी होंगे. दूसरा यह कि 2050 तक हिंदुस्तान की आधी आबादी महानगरों, नगरों एवं कस्बों में निवास करेगी और तब तक विश्व स्तर पर शहरीकरण का आंकड़ा 70 प्रतिशत पर पहुंच चुका होगा.

Read more