Author Archive
सरोज सिंह

Author:   सरोज सिंह

Total article: 110

बिहार- कांग्रेस को ज़िंदा करने की एक ओर कोशिश

राज्य कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए आलाकमान ने बागडोर युवा अशोक चौधरी के हाथों सौंप तो दी है, लेकिन चुनौती इस बार भी वही है कि पार्टी को पटना और दिल्ली की राजनीति से कैसे बचाया जाए? बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में एक बार फिर सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जब [...]

वादे से मुकर गए नीतीश?

सुप्रीम कोर्ट ने इस पुलिसिया तांडव को जलियावाला बाग से जोड़कर देखा. यह घटना जलियावाला बाग की याद दिला देती है. दरअसल, हम सभी जानते हैं कि पटना की सड़कों पर उस दिन शिक्षकों के साथ क्या हुआ, लेकिन एक दूसरा संकट इन शिक्षकों की पहचान का भी है. आश्‍चर्य की बात तो यह है [...]

टीम मंगल से अमंगल

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय की नई टीम विवाद और असंतोष की बड़ी पोटली में तब्दील हो गई है. हद तो यह है कि पार्टी के बड़े नेता एक-दूसरे को झूठा बताने में लग गए हैं. पटना में यह मामला सुलझना नहीं था, इसलिए दिल्ली में बड़े नेताओं की चौखट पर इसकी गूंज सुनाई पड़ [...]

हर तरफ अन्ना ही अन्ना

बिहार का शायद ही कोई ऐसा कोना हो, जहां अन्ना हजारे की 30 जनवरी की रैली को लेकर तैयारियां और लोगो का उत्साह चरम पर न हो. लोगों को इंतज़ार है तो बस अन्ना हजारे और जनरल वीके सिंह के पटना पहुंचने का. गांधी मैदान में होने वाली उनकी जनतंत्र रैली से बिहार के लोगों [...]

अन्ना समर्थक भर देंगे गाँधी मैदान

तीस जनवरी को अन्ना हजारे की पटना में होने वाली रैली को लेकर पूरे बिहार में ज़बरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. पटना रैली के शिल्पकार जनरल वी के सिंह की दो दिवसीय पटना दौरे ने तो कार्यकर्ताओं का मनोबल इतना बढ़ा दिया है कि हर कोई अन्ना की रैली में आने की बात करने लगा है.

चारा के चक्कर में फिर फंसे नीतीश

चारा घोटाले के आरसी 33ए/96 मामले में नीतीश कुमार को रांची हाईकोर्ट से करारा झटका लगा है. हाईकोर्ट के फैसले के बाद बिहार का राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ने लगा है. खासकर लालू प्रसाद का खेमा कोर्ट के फैसले के बाद अपने होमवर्क को अंतिम शक्ल देने में जुट गया है. आगामी 2 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में भी हंगामे के आसार हैं. इस बीच नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच लंबे अर्से बाद हुई मुलाकात के बाद राजधानी पटना में अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है. चारा घोटाले के आरसी 33ए/96 मामले में रांची हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट द्वारा 28 नवंबर, 2011 को पारित आदेश रद्द कर दिया है. बीते 20 जुलाई के अपने आदेश में हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट रांची के विशेष न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता मिथिलेश कुमार सिंह के अधिवक्ता के प्रत्येक बिंदुओं को सुनते हुए कानून के तहत मामले के गुण-दोष के आधार पर आदेश पारित करें. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में अब नीतीश कुमार एवं शिवानंद तिवारी को चारा घोटाले के विभिन्न मामलों में अभियुक्त बनाने और उनके खिलाफ सम्मन जारी करने पर बहस का रास्ता साफ हो गया है. हाईकोर्ट के इस फैसले का सीधा लाभ लालू प्रसाद को मिल सकता है, क्योंकि अब इस मामले की सुनवाई और भी लंबी चल सकती है. भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि लालू प्रसाद का खेमा अपनी ओर से भी इन मामलों में याचिका डालने की तैयारी कर रहा है.

बिहार : भूमिहीन किसानों के साथ धोखाधड़ी

सुशासन में क्या किसानों एवं ग़रीबों को लूटा जाता है, सामान्य तौर पर तो ऐसा नहीं माना जाता है, पर कुछ तथ्य एवं दस्तावेज़ बताते हैं कि बिहार में यही हो रहा है. भूमिहीन किसानों को पावर टिलर काग़ज़ों पर दे दिया जाता है और बदले में उसे बैंक का नोटिस पहुंचा दिया जाता है. सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते दलाल मरे हुए लोगों के नाम पर जाली काग़ज़ात पेश कर और फर्ज़ी हस्ताक्षर कर फसल क्षतिपूर्ति की राशि निकाल रहे हैं.

नीतीश रोकेंगे मोदी का रथ

गांधीनगर, राजकोट एवं मुंबई से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री को कुर्सी खाली करने के लिए हुंकार भर रहे हैं, पर पाटलिपुत्र की धरती से एक आवाज़ ऐसी भी उठ रही है, जो नरेंद्र मोदी के विजय रथ का पहिया रोक सकती है.

बिहारः इंतिहा हो गई इंतज़ार की

दरभंगा स्थित अशोक पेपर मिल प्रबंधन और मज़दूर कामगार यूनियन के बीच शुरू हुई तक़रार थमने का नाम नहीं ले रही है. मज़दूर कामगार यूनियन के नेताओं द्वारा जहां मिल प्रबंधन पर औज़ारों एवं मशीनों की चोरी के साथ-साथ राशि डकारने का आरोप लगाया जा रहा है, वहीं मिल प्रबंधन द्वारा कामगारों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसके चलते अशोक पेपर मिल प्रबंधन और मज़दूर कामगार यूनियन आमने-सामने आ गए हैं.

सिंह नहीं, किंग महेंद्र

हम और आप केवल कल्पना कर सकते हैं कि क्या कोई शख्स सात बार लगातार राज्यसभा के लिए चुना जा सकता है, लेकिन नज़र जब किंग महेंद्र के चेहरे पर जाकर अटकती है तो लगता है कि इस धरती एवं इस लोकतंत्र में कुछ भी संभव है. इस लंबे दौर में बिहार एवं केंद्र में सत्ता की राजनीति का चेहरा कई बार बदला, पर एक चीज़ नहीं बदली और वह थी किंग महेंद्र की राज्यसभा के लिए दावेदारी.

बिहार: एसी-डीसी बिल : सीबीआई जांच की तलवार

पटना उच्च न्यायालय के बाद बिहार में एसी-डीसी बिल में 67 हज़ार करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में गूंज रहा है. आम भाषा में समझें तो यह मामला खर्च के लिए सरकारी खज़ाने से निकाली गई राशि का हिसाब न देने का है. इसे लेकर सरकार पर घोटाले का शक किया जा रहा है.

काटजू का बयान और नीतिश सरकार

मेरे ख़िला़फ लिखना मना है और सुशासन का सच, चौथी दुनिया में प्रकाशित इन दो आलेखों में जिस सच्चाई को सामने लाया गया था, वही बात मार्कण्डेय काटजू ने की. देश भर में बिहार के विकास की सच्चाई पर एक नई बहस छिड़ गई है. बिहार में सत्ता पक्ष के निशाने पर मार्कण्डेय काटजू हैं और विपक्ष के निशाने पर सत्ता पक्ष.

Page 1 of 1012345...10...Last »