महान देश की महान संसद अति महान उदाहरण आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ रही है. संसद को न अपनी गरिमा का ख्याल है, न वह लोगों की ज़िंदगी में आ रही मुश्किलों से संवेदना रखती है और न ही वह उन सवालों को उठाती है, जिन सवालों का रिश्ता इस देश के ग़रीब से [...]
Tags: 1लाख 76 हज़ार करोड़ रुपये, अन्ना हजारे, कोयला मंत्रालय, गरिमा का ख्याल, तृणमूल कांग्रेस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, प्रधानमंत्री नैतिक रुप, भारतीय जनता पार्टी, मायावती, मुलायम सिंह, लाल बहादुर शास्त्री, लोकसभा, वामपंथी दल, शिरोमणि अकाली दल, संसद, संसद की चिंता, सुप्रीम कोर्ट Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
देश में आएदिन आतंकी हमले होते रहते हैं, लेकिन हमारी सुरक्षा-खुफिया एजेंसियां ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगा पाती हैं, जबकि हमारे यहां संसाधनों की कोई कमी नहीं है. तो फिर इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं? पढ़िए, एक गंभीर एवं विश्लेषणात्मक टिप्पणी… बंगलुरू में हाल में हुए बम विस्फोट हमें फिर से याद [...]
Tags: आतंकी हमला, खुफिया नेटवर्क, गृह मंत्री, बंगलुरू, राष्ट्रीय सुरक्षा, सख्त गृह मंत्री Posted in कवर स्टोरी-2, संपादकीय by Author: कमल मोरारका | No Comments » | Read More... |
नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी या उन्हें उम्मीदवार घोषित किए बिना ही प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नीतीश कुमार अंत में क्या फैसला लेते हैं. अगर नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो जाते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी बिना [...]
Tags: कांग्रेस, तीसरा मोर्चा, नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार, भाजपा, वामपंथी, वैचारिक पक्ष Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
मैं पिछले दिनों अन्ना हज़ारे की यात्रा में उनके साथ था. मुझे ऐसा लगा कि वे शायद दोबारा इतिहास रचने के रास्ते पर निकल सकते हैं. उनकी यात्रा अमृतसर से शुरू हुई और पंजाब होते हुए हरियाणा पहुंची. हरियाणा के बाद वह उत्तर प्रदेश गई. इस यात्रा में पहली खास चीज यह देखने में आई [...]
Tags: 25 सूत्रीय कार्यक्रम, अन्ना हजारे, कार्यक्रम, जनसंसद, टेलीविज़न चैनल, युवक, राजनीतिक दल, रामलीला मैदान Posted in जब तोप मुकाबिल हो by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
देश के प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस में ऊहापोह जारी है. राहुल गांधी बार-बार कह रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते, बल्कि पार्टी चलाना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने औपचारिक रूप से कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद को स्वीकारा है. राहुल इस पद को यदि न भी स्वीकार करते, तब भी लोग कांग्रेस में [...]
Tags: इंटेलिजेंस ब्यूरो, कांग्रेस, भ्रष्टाचार, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | 2 Comments » | Read More... |
डीएमके का यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेना कोई क्षणिक मुद्दा नहीं है और न ही यह केवल यूपीए के सत्ता में बने रहने से जुड़ा हुआ है, क्योंकि यूपीए सरकार तो किसी भी हाल में बनी रहेगी. यह मुद्दा इस बात की ओर इशारा करता है कि क्या भारत एक देश है, जिसकी विदेश [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय संबंध, खालिस्तान विद्रोह, जम्मू-कश्मीर, डीएमके, तमिलनाडु, तृणमूल कांग्रेस, पंजाब, यूपीए सत्ता, श्रीलंका, स्वर्ण मंदिर Posted in कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, राजनीति, संपादकीय by Author: मेघनाद देसाई | No Comments » | Read More... |
चुनाव निकट आ रहे हैं, यह ज़्यादातर नेताओं की समझ में आने लगा है. पिछले कुछ दिनों से मुलायम सिंह यादव तीसरे मोर्चे का राग अलाप रहे हैं. यह हैरान करने वाली बात है कि वे ऐसा क्यों कह रहे हैं. पिछले साल जब उनकी पार्टी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बड़ी कामयाबी मिली [...]
Tags: आडवाणी, चंद्रबाबू नायडू, तीसरे मोर्चे, भाजपा से अलग राष्ट्रीय नीति, भारतीय जनता पार्टी, मुलायम सिंह यादव, राजनाथ सिंह, वरिष्ठ राजनेता, विकास के मॉडल की आलोचनाएं Posted in कवर स्टोरी-2, चुनाव, राजनीति, संपादकीय by Author: कमल मोरारका | 2 Comments » | Read More... |
कांग्रेस की चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. कांग्रेस पूरे भरोसे के साथ यह मानकर बैठी है कि वह तीन सौ से ज़्यादा सीटें जीत रही है. जब कहते हैं कि कांग्रेस जीत रही है और कांग्रेस मान बैठी है, तो इसका मतलब है कि नेतृत्व यानी कांग्रेस अध्यक्ष, कार्यवाहक अध्यक्ष, महामंत्री या 24 अकबर [...]
Tags: 24 अकबर रोड, कांग्रेस की तैयारी, कांग्रेस पदाधिकारी, कांग्रेस रणनीति, चुनावी तैयारियां, नीतीश कैंप, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, राजनीतिक दल, लोकतंत्र मखौल Posted in जब तोप मुकाबिल हो, राजनीति, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
क़ानून के जरिए लोगों को यह अवसर नहीं दिया जाना चाहिए कि वे उसका गलत इस्तेमाल कर सकें, जिससे कि रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और उत्पीड़न को बढ़ावा मिले. मुझे लगता है कि यह उचित समय है, जब सरकार स्वयं चुनाव कराने का निर्णय ले. एक नई सरकार सत्ता में आए, जो परिपक्वता के साथ, सहयोगियों या [...]
Tags: प्रधानमंत्री परिपक्व व्यक्ति, मोरारजी भाई देसाई क्रिमिनल लॉ, राष्ट्रवादी कदम, विदेश नीति, सरकार सिमटती, सेक्स के लिए सहमति का मसला Posted in कवर स्टोरी-2, संपादकीय by Author: कमल मोरारका | No Comments » | Read More... |
लोकसभा या राज्यसभा टेलीविज़न का कैमरा जब सदन में घूमता है, तो वहां कुर्सियां खाली दिखाई देती हैं. स़िर्फ एक वक्त होता है, जब कुर्सियां भरी हुई होती हैं और वह है कभी-कभी 12 बजे का वक्त, जिसे शून्यकाल कहा जाता है. उसमें लोग अपनी भड़ास निकालते हैं, गुस्सा करते हैं और एक-दूसरे के ऊपर [...]
Tags: 272 ज़िले नक्सलवादियों की चपेट, जॉर्ज फर्नांडिस, शून्यकाल, संसद, संसद लोकतंत्र का मंदिर, सांसद सेंट्रल हॉल Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
काम तो सचमुच कमाल के हो रहे हैं. सीबीआई सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंपती है, जिसका रिश्ता 26 लाख करोड़ रुपये के कोयला घोटाले से है. जब इस घोटाले का पर्दाफ़ाश हुआ और हमने देश में सबसे पहले छापा, तो उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. शायद इसका कारण यह था कि विपक्षी [...]
Tags: कांग्रेस, कोयला घोटाले, ग़रीब लोगों, डॉ. मनमोहन सिंह, देश, प्रधानमंत्री, बिहार, भारत सरकार, भारतीय जनता पार्टी, भ्रष्टाचार, मनीष तिवारी, राजनीतिक दल, रिज़र्व बैंक, लोकतंत्र, वित्त मंत्री, विदेशी बैंक, संसद, सीएजी रिपोर्ट, सीबीआई रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, सूचना मंत्री, हिंदुस्तान Posted in जब तोप मुकाबिल हो, राजनीति by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
पत्रकारिता प्रतिस्पर्धा का पेशा है. प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट, स्टोरी और स्कूप के क्षेत्र में होती है. प्रतिस्पर्धा निर्भीकता में होती है, साहस में होती है और पत्रकारिता के पेशे के ये गुण आभूषण होते हैं, क्योंकि संपादक इन्हीं गुणों के आधार पर अपने साथियों या साथ काम करने वालों की समीक्षा करता है. लेकिन आज इससे [...]
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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