वेनेजुएला में भले ही समाजवादी नेता निकोलस माडुरो ने चुनाव जीत लिया है, लेकिन उनकी जीत का अंतर देखकर तो यही लगता है कि वहां समाजवादियों का वर्चस्व धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. अगर जीत की खुशी में माडुरो इस ओर ध्यान नहीं देंगे, तो कुछ सालों के अंदर समाजवादी वहां अल्पसंख्यक हो जाएंगे. [...]
Tags: कैपरिल्स, पूंजीवादी, माडुरो, राजनीतिक और आर्थिक एजेंडे, राष्ट्रपति पद, वेनेजुएला, समाजवादी नेता, सालस रोमर, ह्यूगो चावेज Posted in विदेश, स्टोरी-6 by Author: राजीव कुमार | No Comments » | Read More... |
आम चुनाव के बहाने मुशर्रफ पाकिस्तान में अपनी राजनीतिक ज़मीन तलाशने में जुटे हुए हैं, लेकिन यहां उनकी लोकप्रियता लगातार घटती ही जा रही है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या मुशर्रफ मई में होने वाले चुनाव में कोई करिश्मा दिखा पाएंगे? पड़ोसी देश पाकिस्तान में चुनावी सरगर्मी तेज है. 11 मई को [...]
Tags: इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट, इमरान खान, नियामतुल्ला खान, परवेज़ मुशर्रफ, पाकिस्तान, वैश्विक स्तर Posted in ख़ुफ़िया, विदेश by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
21वीं सदी के युग पुरुष एवं दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ का बीते 6 मार्च को महज़ 58 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनका दुनिया से विदा होना नव उदारवादी पूंजीवादी नीतियों और पितृसत्ता के ख़िलाफ़ दुनिया भर में चल रहे आंदोलनों के लिए एक त्रासदी ही माना जाएगा. ह्यूगो [...]
Tags: आम जनता, दक्षिण अमेरिकी देश, नवउदारवादी, पूंजीवादी ताक़त, वेनेजुएला एवं क्यूबा, वैश्विक पूंजीवाद, सामाजिक आंदोलन, साम्राज्यवाद, ह्यूगो चावेज़ Posted in विदेश, स्टोरी-6 by Author: रोमा | No Comments » | Read More... |
पाकिस्तान में स्थितियां इन दिनों अनुकूल नहीं हैं, लेकिन फिर भी देखना यही है कि 84 वर्षीय मीर हजार खोसो वहां निष्पक्ष चुनाव करा पाने में सक्षम हो पाते हैं या नहीं? पाकिस्तान में अवकाश प्राप्त न्यायाधीश मीर हजार खोसो को पाकिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री मनोनीत किया गया है. गौरतलब यह है कि देश [...]
Tags: आसिफ अली ज़रदारी, इमरान खान, एशियन डेवलपमेंट बैंक, क्वेटा, निष्पक्ष चुनाव, परवेज़ मुशर्रफ, पाकिस्तान, बलूचिस्तान हाईकोर्ट, मीर हजार खोसो, युसूफ रज़ा गिलानी, संघीय शरिया अदालत Posted in विदेश, स्टोरी-6 by Author: राजीव रंजन तिवारी | No Comments » | Read More... |
इटली एक प्यारा देश है और पिछले पचास सालों के दौरान मैं कई बार इटली गया. मैं अक्सर इटली के विश्वविद्यालयों में जाता हूं, लेकिन पिछले पांच सालों से मुझे ज़्यादातर निमंत्रण इटली के चैंबर ऑफ कामर्स से आने शुरू हुए. मुझे बुलाने के पीछे उनका मक़सद यह जानकारी लेना होता है कि किस तरह [...]
Tags: इटली, इलट, पुनर्वितरण समर्थक Posted in राजनीति, विदेश, स्टोरी-6 by Author: मेघनाद देसाई | No Comments » | Read More... |
पाकिस्तान में पहली बार किसी निर्वाचित सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया है. इसे पाकिस्तान के लोकतंत्र की सफलता ज़रूर कहा जा सकता है, लेकिन सरकार के कार्यकाल पूरा करने का कारण कुछ और भी रहा है. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल में है, आतंकी घटनाओं की संख्या बढ़ ही रही है, अल्पसंख्यक सुरक्षित [...]
Tags: आसिफ अली ज़रदारी, इमरान खान, गठबंधन सरकार पाकिस्तान, नवाज़ शरीफ, परवेज़ मुशर्रफ, पाकिस्तान चुनाव, राजा परवेज़ अशरफ Posted in चुनाव, विदेश, स्टोरी-6 by Author: राजीव कुमार | No Comments » | Read More... |
अपने नौसैनिकों को न लौटाने का फैसला लेकर इटली ने न केवल भारत के साथ धोखा किया है, बल्कि भारत का अपमान भी किया है. ऐसे में भारत को भी अपने अपमान का बदला लेने के लिए इटली को जवाब देना चाहिए और उसके ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई भी करनी चाहिए, अन्यथा वैश्विक स्तर पर भारत [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, इटली, देवब्रत साहा, नौसैनिकों, भाजपा, भारत, भारतीय क़ानून, भारतीय प्रधानमंत्री, भारतीय मछुआरों, भारतीय राजदूत, मनमोहन सिंह, मारियो मोंटी, मालवाहक जहाज, यूपीए सरकार, राजदूत, राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय, विदेश मंत्री, विश्व, समुद्री सीमा, स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र Posted in राजनीति, विदेश, स्टोरी-6 by Author: राजीव कुमार | No Comments » | Read More... |
इटली के दो नौसैनिकों का हाल का विवाद चर्चा में है. इन दोनों को भारतीय अदालत से इस शर्त पर जमानत मिल गई थी कि जब कभी ज़रूरत होगी, वे स्वेच्छा से अदालत में हाजिर हो जाएंगे. जमानत मिलने के बाद दोनों इटली चले गए और अब वापस आने से मना कर रहे हैं. इस [...]
Tags: 2-जी घोटाला, आई के गुजराल, आईएसआई, इटली, एकता, कूटनीतिक संबंध, केंद्र सरकार, गुजराल डॉक्टराइन, तालिबान, नन स्टेट ऐक्टर, नौकरशाही, नौसैनिकों, पाकिस्तान, प्रधानमंत्री, भारत, भारतीय अदालत, मनमोहन सिंह, राजनीतिक आकाओं, लालकृष्ण आडवाणी, विवाद, संप्रभुता Posted in पड़ोस, विदेश, स्टोरी-6 by Author: कमल मोरारका | No Comments » | Read More... |
हिंद महासागर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसके पास होनी चाहिए? उन देशों के पास, जिनकी सीमाएं इससे जुड़ी हुई हैं या फिर उनके पास, जिनका दूर-दूर तक इससे कोई संबंध ही नहीं है. एक सामान्य व्यक्ति भी इसे समझ सकता है कि जिन देशों को इससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए, आ़िखर वे इस क्षेत्र [...]
Tags: अफगानिस्तान, अफ्रीका, अमेरिका, इराक, ईरान, ईरान-इराक, एशिया, गुलाम, चीन, देश, द्वीप यूरोप, द्वीपीय देशों, नौसैन्य अड्डे, बंगाल की खाड़ी, भारत, भारत-पाक, युद्ध, रूस, लोकतांत्रिक, शत्रुओं, समुद्र, सरकार, साम्राज्यवादी ताकतों, सीमा, सीरिया, सुरक्षा, हिंद महासागर Posted in कवर स्टोरी-2, विदेश by Author: राजीव कुमार | No Comments » | Read More... |
फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा को किन अर्थों में देखा जाना चाहिए. क्या यह फ्रांस की रणनीति का हिस्सा है या फिर फ्रांस के नए राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद को ऐसा लगा कि अभी भारत का साथ अन्य देशों की अपेक्षा ज़्यादा लाभकारी हो सकता है. भारत के साथ फ्रांस के अपने हित जुड़े हुए [...]
Tags: अंतरिक्ष, अनुसंधान एवं विकास, अमेरिकी राष्ट्रपति, ओलांद, चीन, ज़रूरत, परियोजनाओं, पाकिस्तान, फ्रांस, भारत, रणनीति, राष्ट्रपति, रेलवे के विकास, वैज्ञानिक, शिक्षा, समझौता, सांस्कृतिक विनिमय, सुरक्षा, हस्ताक्षर Posted in कवर स्टोरी-2, राजनीति, विदेश by Author: राजीव | No Comments » | Read More... |
हैदराबाद में दो धमाके हुए. आधिकारिक तौर पर 14 लोगों की जानें गईं और अनाधिकारिक रूप से बीस से ज़्यादा लोगों की जानें गईं. दैनिक अख़बार इस घटना को टेलीविजन की तरह रिपोर्ट कर रहे हैं, पर यहां कुछ दूसरे सवाल खड़े होते हैं. सवाल यह है कि आख़िर वह कौन-सा जादू है कि विस्फोट [...]
Tags: खुफिया एजेंसियों, गृह मंत्रालय, गृहमंत्री, तमाचा, देश के तंत्र, धमाके, पुलिस, बयान, भगवा आतंकवाद, मनमोहन सिंह, मुंह, राजनीतिक दलों, राज्य, विस्फोट, सुशील कुमार शिंदे, सोनिया गांधी, हैदराबाद Posted in ख़ुफ़िया, जब तोप मुकाबिल हो, राज्य by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
अभी हैदराबाद में विस्फोट हुए. ये विस्फोट रुकने वाले नहीं हैं. पहला कारण तो यह है कि हमारी खुफिया एजेंसियों की हालत उतनी अच्छी नहीं है, जितनी होनी चाहिए, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि ऐसी घटनाएं न स़िर्फ भारतीय लोगों द्वारा अंजाम दी जा रही हैं, बल्कि इसमें सीमा पार से भी [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय, इंद्र कुमार गुजराल, खुफिया एजेंसियों, ग़रीब देश, गृह मंत्री, ड्यूटी, नरसिम्हाराव, पुलिस, प्रधानमंत्री, भारतीय लोगों, मुंबई, रकम मोटी, रॉ, विस्फोट, सरकार, सहयोग, सिक्योरिटी, सीमा, सेना, हैदराबाद Posted in कवर स्टोरी-2, ख़ुफ़िया, पड़ोस, समाज by Author: कमल मोरारका | No Comments » | Read More... |
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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