पूरी दुनिया के चप्पे-चप्पे में मौजूद मोसाद को इसके लिए भी ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ा. आख़िरकार, उसके शातिर और क़ाबिल ख़ुफ़िया एजेंटों ने उनका पता लगा ही लिया. जिसकी तलाश में मोसाद मोरक्को भटक रहा था, ब्लैक सेप्टेंबर का वह ख़तरनाक सदस्य अली हसन सालमेह बेरूत में मौजूद था. एक बार फिर मोसाद ने उसे घेरने का पूरा प्लान तैयार कर लिया और साथ में मौक़े पर ही उसे ख़त्म करने का पूरा साज़ो-सामान भी. अपने इस गुप्त मिशन को मोसाद ने कुछ इस तरह अंजाम दिया कि ख़ुद अली हसन को भी पता नहीं चल पाया कि जिस गाड़ी में वह सवार है, वह गाड़ी नहीं बल्कि चलता-फिरता मौत का सामान है.
Tags: Airways kidnapped, Egypt, Libya, Saudi Arabia, Syria, मिस्र, लीबिया, सऊदी अरब Posted in ख़ुफ़िया by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
पुलिस एनकाउंटर शब्द की उत्पत्ति भारतीय उप-महाद्वीप में ही हुई है. जिसे भारतीय पुलिस, अर्द्ध सैन्यबल, सेना और दूसरे रक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल में लाई जाती है. वह भी इसलिए कि उसने किसी व्यक्ति की हत्या क्यों की है? पुलिस ऐसा मानती है कि उन्होंने जिसकी हत्या की है वो एक ख़ूंखार अपराधी, गैंगस्टर, आतंकवादी और माओवादी या नक्सलवादी है
Tags: Naxalites, terrorists, आतंकवादी, नक्सली Posted in ख़ुफ़िया, जरुर पढें, विविध, समाज by Author: रवि किशोर | No Comments » | Read More... |
वक़्त- सुबह के क़रीब साढ़े चार बजे. तारीख़- 5 सितंबर 1972 और जगह म्यूनिख ओलंपिक खेल का मैदान. यह इतिहास की अब तक की सबसे बर्बर और ख़ौफ़नाक साज़िश थी, जिसे सबकी नज़रों के सामने अंजाम दिया गया. इस काले दिन के गवाह कई लोग थे. सभी ने दिल दहला देने वाले इस नापाक मिशन को अपने अंजाम तक पहुंचते देखा. सरेआम! अपनी आंखों के सामने!! लेकिन, यह शायद ही किसी ने सोचा होगा कि कोई खिलाड़ी अब तक के सबसे बड़े आतंकी वारदात को अंजाम देगा. वे सही भी थे और ग़लत भी.
Tags: Munich Olympics, खेल गांव Posted in ख़ुफ़िया, जरुर पढें, विदेश by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
कुछ साल पहले की बात है. बहावलपुर के पास मेरी मुलाक़ात अपने गांव के कुछ ऐसे युवाओं से हुई जो जिहाद की तैयारी कर रहे थे. मैंने उन्हें अपनी आंखें बंद कर अपना भविष्य देखने की सलाह दी. बड़ी शालीनता के साथ उन्होंने इस अनुरोध को टाल दिया और कहा कि वे खुली आंखों से कुछ भी नहीं देख रहे हैं
Tags: Punjab, poverty and backwardness, terrorism, आतंकवाद, पंजाब Posted in ख़ुफ़िया, जरुर पढें, पड़ोस by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
इज़रायल की ख़ु़फिया एजेंसी मोसाद के बारे में इतना कहना ही काफी होगा कि स़िर्फ भगवान ही सब कुछ जानता है और वह मोसाद के लिए काम करता है. ऐसा हम यूं ही नहीं कह रहे. इसका सबूत है मोसाद के कारनामे, जिसने पूरी दुनिया को ऐसा कहने पर मज़बूर कर दिया.
Tags: Jewish, Sovereignty, इज़रायल, ख़ु़फिया, यहूदी Posted in ख़ुफ़िया, जरुर पढें, विदेश by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
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आप सांसद हैं, देवता नहीं |
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