इज़राइल के अ़खबारों में भारत-इज़राइल दोस्ती की कहानियां धड़ल्ले से छप रही हैं. दोनों देशों को एक नेचुरल फ्रेंड बताया जा रहा है. साथ में यह भी बताया जा रहा है कि किस तरह अमेरिका की यहूदी लॉबी ने अमेरिका, और भारत को एकजुट किया. यही यहूदी लॉबी भारत-अमेरिका न्यूक्लियर डील और इज़राइल से हथियार खरीदने की डील के पीछे है.
Tags: Congress, India, Israel, Nuclear, Weapons, government, इज़राइल, कांग्रेस, न्यूक्लियर, सरकार, हथियार, हिंदुस्तान Posted in कवर स्टोरी, कानून और व्यवस्था, पहला पन्ना, मीडिया, राजनीति, विदेश, विधि-न्याय, समाज by Author: डा. मनीष कुमार | No Comments » | Read More... |
सेवा यात्रा के क्रम में पिछले दिनों मुख्यमंत्री मधुबनी के राजकीय अंबेडकर आवासीय स्कूल में गए तो उन्हें कुछ चौंकाने वाले सवालों से रूबरू होना पड़ा. एक छात्र ने कहा कि छत से पानी टपकता है, तो दूसरे ने कहा कि यहां शौचालय नहीं है. मुख्यमंत्री ने शिक्षा सचिव अंजनी सिंह से कहा कि बिना शौचालय के आवासीय स्कूल कैसे हो सकता है.
Tags: Bihar, CBI, Chief Minister, Residential, good governance, service, आवासीय, बिहार, मुख्यमंत्री, सीबीआई, सुशासन, सेवा Posted in आंदोलन, कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, चुनाव, धर्म, मीडिया, राजनीति, विधि-न्याय, समाज by Author: सरोज सिंह | No Comments » | Read More... |
एक समय सरपंच ग्राम पंचायत का सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता था, लेकिन बिहार में इस पद की अहमियत कम होने लगी है. लगभग ढाई दशक बाद बिहार में वर्ष 2001 में पंचायत के चुनाव हुए तो लोगों को लगा कि ग्राम स्वराज का जो सपना महात्मा गांधी और लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने देखा था, वह साकार होने वाला है.
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भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए प्रयास करने की बात काग़ज़ों में बहुत पहले से ही होती आ रही है. इसी काग़ज़ी कार्रवाई का एक और दौर शुरू हुआ, दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर वार्ता का.
Tags: Border, China, India, Paper, relations, represent, काग़ज़, चीन, प्रतिनिधित्व, भारत, संबंधों, सीमावर्ती Posted in कानून और व्यवस्था, पड़ोस, राजनीति, विदेश, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: राजीव कुमार | No Comments » | Read More... |
जनता और जनप्रतिनिधियों का आमना-सामना पांच सालों में स़िर्फ एक बार ही होता है. वह तब, जब विधायक जी विधायक बनने की आस में जनता के आगे हाथ फैलाकर वोटों की भीख मांगते हैं. चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि असली रंग रूप में आ जाते हैं.
Tags: Legislators, Public, Uttar Pradesh, state, vote, उत्तर प्रदेश, चुनाव, जनता, विधानसभा, विधायक, वोट Posted in कानून और व्यवस्था, चुनाव, मीडिया, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: शशि शेखर | No Comments » | Read More... |
उत्तर प्रदेश में परिसीमन के कारण कुछ विधानसभा सीटों का सियासी समीकरण बिग़ड गया है. 13 सीटों पर हालत कुछ ऐसे बन गए हैं कि 13 सीटों पर विधायकों की जीत पर संशय पैदा हो गया है.
Tags: BJP, BSP, Lok Sabha elections, Uttar Pradesh, assembly, उत्तर प्रदेश, चुनाव, बसपा, भाजपा, लोकसभा, विधानसभा Posted in कानून और व्यवस्था, चुनाव, राजनीति, राज्य, समाज, स्टोरी-6 by Author: अजय कुमार | No Comments » | Read More... |
आम तौर पर यह धारणा बनी हुई है कि जनसंख्या वृद्धि हानिकारक है. इससे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जाती है. आर्थिक दृष्टिकोण के सभी पैमाने भी इसी की पुष्टि करते हैं. अर्थशास्त्रियों की परिभाषा का निष्कर्ष यही है कि जनसंख्या वृद्धि के कारण ही खाद्यान्न की कमी होती है, क्योंकि जिस अनुपात में आबादी में इज़ा़फा होता, उस अनुपात में पैदावार नहीं हो पाती है.
Tags: Nation, Population, definition, development, economic, आर्थिक, जनसंख्या, परिभाषा, राष्ट्र, विकसित Posted in आर्थिक, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: डॉ. गजाला उर्फी | No Comments » | Read More... |
हाल के कुछ वर्षों में देश की माली हालत भले ही खराब हुई हो, लेकिन प्राय: सभी राजनीतिक दलों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, उनका फंड लगातार ब़ढा है. इस समय चुनाव आयोग काले धन पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह कमर कसे हुए है.
Tags: Election Commission, country, political, socialist, आयोग, चुनाव, देश, राजनीतिक, समाजवादी Posted in कानून और व्यवस्था, राजनीति, समाज, स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
भूतपूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता स्वर्गीय इंदिरा गांधी का नाम आते ही ज़हन में एक ऐसी महिला की तस्वीर उभर आती है, जिसने कभी झुकना और हारना नहीं सीखा था. ताउम्र उनका विवादों से नाता रहा. देश में इमरजेंसी लगाने जैसा फैसला इंदिरा गांधी जैसी नेता ही ले सकती थीं, यह बात इमरजेंसी का विरोध करने वाले भी कहने से परहेज़ नहीं करते.
Tags: Congress, Indira Gandhi, Politics, emergency, prime, इंदिरा गांधी, इमरजेंसी, कांग्रेस, प्रधानमंत्री, राजनीति Posted in चुनाव, जरुर पढें, राजनीति, राज्य, समाज by Author: अजय कुमार | No Comments » | Read More... |
हाल में पिछले दशक में भारतीय प्रवासियों पर उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट-2001 आने के बाद से और भारतीय नीति के परिप्रेक्ष्य में मील का पत्थर साबित होने वाले कुछ संक्रमणों के साथ भारत सरकार दुनिया भर में फैले अनिवासी भारतीयों और भारतीय मूल के अत्यंत कुशल भारतीय प्रवासियों को अपनी पहुंच के भीतर लाने का प्रयास कर रही है.
Tags: India, foreign, future overseas, government, homeland, प्रवासी, भविष्य, भारतीय, मातृभूमि, विदेशी, सरकार Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, राजनीति, विदेश, समाज by Author: बिनोद खडरिया | No Comments » | Read More... |
बीती सोलह जनवरी को हिंदी के वरिष्ठ कवि, आलोचक, स्तंभकार अशोक वाजपेयी इकहत्तर बरस के हो गए. उनके जन्मदिन के मौक़े पर इंडिया इंटरनेशलन सेंटर की एनेक्सी में एक बेहद आत्मीय सा समारोह हुआ. उस मौक़े पर वरिष्ठ आलोचक डॉक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल के संपादन में अशोक वाजपेयी पर एकाग्र एक किताब का विमोचन मशहूर चित्रकार रज़ा साहब, अशोक जी और उनकी पत्नी रश्मि जी ने किया.
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अगर दिल में बहादुरी का जज़्बा हो तो उम्र की ज़ंजीरें बहुत कमज़ोर हो जाती हैं. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2011 के लिए चयनित नन्हें जांबाज़ों के कारनामे कुछ यही बयां करते हैं. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार इस बार 24 बच्चों को दिया गया. इनमें कुछ बच्चों को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया.
Tags: Awards, Bravery, Heart, Manmohan Singh, Republic Day Parade, गणतंत्र दिवस, दिल, परेड, पुरस्कार, मनमोहन सिंह, वीरता Posted in जरुर पढें, समाज by Author: राजेश एस कुमार | No Comments » | Read More... |
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जनता भोली होती है, बेवक़ू़फ नहीं |
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