उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले का देवबंद क़स्बा. पिछले दिनों जमायत-ए-उलेमा-ए-हिंद के 30वें वार्षिक सम्मेलन में यहां लाखों लोग जुटे थे. स़िर्फ और स़िर्फ पुरुष. जमायत-ए-उलेमा-ए-हिंद देवबंदी फिरके के मुस्लिम उलेमाओं का कट्टरपंथी धड़ा है. सूत्रों का दावा है कि इस सम्मेलन में पूरे देश के कोने-कोने से पांच लाख से भी ज़्यादा लोग एकत्र हुए थे. सम्मेलन वाले स्थान पर जाने के संकरे और धूल भरे रास्ते पर भीड़ इतनी थी कि लोग बमुश्किल ही आगे बढ़ पा रहे थे. मीडिया के ज़्यादातर लोगों ने भीड़ से बचने के लिए सभा स्थल से थोड़ी दूरी पर डेरा जमा लिया था.
Tags: Muslims, Uttar Pradesh, religious, security issue, terrorism, आतंकवाद, उत्तर प्रदेश, मजहबी, मदनी, मुसलमान, राजनीति Posted in स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
भरतपुर के किसानों ने सरसों की खेती के साथ ही शहद उत्पादन के रूप में एक साहसिक क़दम उठाया है. बस उन्हें सरकारी संरक्षण-प्रोत्साहन की ज़रूरत है. अगर ऐसा हो जाए तो वे इस क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं.
Tags: Mustard flowers, Rajasthan, bee, business, honey, किसान, फूल, मधुमक्खी, व्यवसाय, सरसों Posted in स्टोरी-6 by Author: उमाशंकर मिश्र | No Comments » | Read More... |
राष्ट्रपति मुशर्रफ ने 23 अक्टूबर 2007 के गिलगिट दौरे के समय लीगल फ्रेमवर्क 1999 में संशोधन के पैकेज की घोषणा की. इस पैकेज के मुताबिक़, लेजिसलेटिव काउंसिल को विकसित करने के साथ ही लेजिसलेटिव असेंबली का गठन किया गया और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी को इसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया. कश्मीर मामलों के मंत्री को लेजिसलेटिव असेंबली का चेयरमैन बनाया गया था. उस समय असेंबली के सदस्यों के पास मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उपाध्यक्ष के ख़िला़फ अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार था. इसके अलावा असेंबली को उत्तरी इलाक़ों के लिए वार्षिक बजट पारित करने का भी विशेषाधिकार दिया गया था.
Tags: India, Kashmir, Muslim society, Pakistan, national security, कश्मीर, चीन, पाकिस्तान, भारत, मुस्लिम समाज Posted in स्टोरी-6 by Author: अक़दस वहीद | No Comments » | Read More... |
उत्तराखंड के गठन के बाद कुंभ और अर्द्धकुंभ जैसे विराट जनपर्वों को लेकर एक जो महत्वपूर्ण परिवतर्र्न सामने आया, वे हैं स्थायी निर्माण कार्य. इससे पहले उक्त विराट मेले हरिद्वार में करोड़ों रुपये ख़र्च करने के सशक्त बहाने बनकर आते थे. रुपये तो अब भी पहले की तुलना में कई गुना अधिक ख़र्च हो रहे हैं, पर अब ज़ोर स्थायी निर्माण कार्यों पर अधिक है. यह परिवर्तन उत्तराखंड बनने के बाद आए पहले अर्द्धकुंभ से हुआ. तब पंडित नारायण दत्त तिवारी राज्य के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने ही इन महामेलों के निमित्त स्थायी निर्माण कार्यों की पहल की.
Tags: Haridwar, Kalyan Singh, Kumbh, Maha Kumbha, Uttarakhand, pilgrim, उत्तराखंड, कल्याण सिंह, कुंभ मेला, हरिद्वार Posted in स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
वर्ष 1977 में धर्मवीर की अगुवाई में एक सरकारी संगठन राष्ट्रीय पुलिस आयोग (एनपीसी) का गठन किया गया, जिसका काम भारत में पुलिस व्यवस्था की कार्य प्रणालियों की समीक्षा करना था. साथ ही इस आयोग ने नागरिकों के प्रति पुलिस व्यवस्था को जवाबदेह बनाने के लिए भी कई सुझाव दिए. एनपीसी ने पुलिस सुधार के मामले में आठ विस्तृत रिपोर्ट पेश कीं और पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण एवं सार्वजनिक संबंधों के मामले में भी कई स़िफारिशें कीं.
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एडोल्फ हिटलर एक ऐसा नाम है, जिसे शायद ही कोई भूल सकता है. आख़िर कोई भूल भी कैसे सकता है. इसके कारनामे ही कुछ ऐसे रहे हैं कि इसे भूलना इतिहास के एक अहम हिस्से को भूलने जैसा है. एक बार यह मान भी लें कि हमारे जेहन से हिटलर कहीं गुम हो गया है तो ऐसे में उसके कारनामे को याद रखने की उम्मीद बेमानी ही होगी. मुमकिन है हम और आप भूल जाएं, लेकिन इज़रायल के लिए हिटलर नाम के नासूर को भूलना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है.
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11 नवंबर, 2009 को पश्चिम बंगाल के झा़डग्राम में लगभग तीन हजार आदिवासियों ने अनुमंडल कार्यालय का घेराव किया. प्रशासन ने कहा कि पुलिस अत्याचार के ख़िला़फ बनी समिति के लोगों ने वहां पर अचानक हमला कर दिया और पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना प़डा. हालांकि आदिवासी राजधानी एक्सप्रेस को बंधक बनाने के मामले में गिरफ़्तार किए गए लोगों की रिहाई की मांग कर रहे थे. लाठीचार्ज में दर्ज़नों लोग घायल हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी. इसके विरोध में समिति ने 12 नवंबर से 72 घंटे के बंद का भी पालन किया.
Tags: Andhra Pradesh, Chhattisgarh, Police, West Bengal, अपमान, आंध्र प्रदेश, आदिवासी, छत्तीसगढ़, जिंदगी, पश्चिम बंगाल Posted in स्टोरी-6 by Author: बिमल राय | No Comments » | Read More... |
मुंबई पर आतंकी हमले की घटना को एक साल बीत चुका है. इस हमले की वजह से ही हम जुल्लु यादव, हेमंत करकरे और कई दूसरे बेहतरीन पुलिस अधिकारियों के बारे में जान सके. यह वारदात हमारे राजनीतिक वर्ग के घटिया चरित्र को भी सामने लाई. साथ ही उनके उन सहयोगियों को भी, जो इस चौंकाने वाली घटना पर फिल्म बनाने की योजना बना रहे थे. उस व़क्त विभिन्न लोग पुलिस संगठन में बदलाव की मांग कर रहे थे, अब वे या तो अपना जोश खो चुके हैं या फिर उस व़क्त झूठी मांग कर रहे थे. एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने विस्तृत चर्चा छेड़ी कि करकरे को किसने मारा?
Tags: India, Mumbai, Police, political system, terrorism, आतंकवाद, पुलिस, मुंबई, वायदे, सुधार Posted in स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
राजस्थान में भरतपुर ज़िले की वैर तहसील के किसान यह अच्छी तरह से समझ चुके हैं कि परंपरागत फसलों की खेती से भोजन की आवश्यकता तो पूरी की जा सकती है, लेकिन बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, शादी-ब्याह एवं अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए इन पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. शायद यही कारण था कि रेतीली धरती के इन रणबांकुरों ने अपने जीवन की बेहतरी के लिए परंपरागत खेती के साथ-साथ हॉर्टीकल्चर को भी अपनाना शुरू कर दिया. मौसमी परिस्थितियों, भूमि की गुणवत्ता और बाज़ार की स्थिति को ध्यान में रखकर स्थानीय किसान फल, फूल एवं औषधीय पौधों की खेती लंबे समय से कर रहे हैं, जिससे खेती से प्राप्त होने वाले मुना़फे में न केवल वृद्धि हुई है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आया है.
Tags: Agriculture, Farmer, Farming, Rajasthan, papaya, किसान, दिल्ली, पपीता, बल्लभगढ़, राजस्थान Posted in स्टोरी-6 by Author: उमाशंकर मिश्र | No Comments » | Read More... |
हार वह दूरी है, जो नींद के पहले सुनी जाने वाली कहानी से शुरू होकर सुबह उठने के अलार्म पर ख़त्म होती है. जहां यह कहानी एक समय की बात है. से शुरू होती है और धीरे-धीरे कहानी सुनने वाला नींद की आगोश में आ जाता है, वहीं वह अलार्म एक नई सुबह की शुरुआत करता है. तीन राजनीतिक पार्टियां अपनी ही सफलता का शिकार हो चुकी हैं. इनके मुद्दों की मियाद पूरी हो गई है और अब वे अपने लिए मुद्दे खोज पाने में भी असक्षम हैं.
Tags: BJP, Mayawati, Mulayam Singh, Uttar Pradesh, उत्तर प्रदेश, भारतीय जनता पार्टी, मायावती, राजनीति, राजनीतिक Posted in स्टोरी-6 by Author: एम जे अकबर | No Comments » | Read More... |
पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक़, उत्तरी इलाक़ा न तो पाकिस्तान का हिस्सा है और न ही आज़ाद जम्मू-कश्मीर का अंग है. 1949 में आज़ाद जम्मू-कश्मीर की सरकार ने इन इलाक़ों की प्रशासनिक ज़िम्मेदारी पाकिस्तान को सुपुर्द कर दी थी, जो समय के साथ स्थायी हो चुकी है. दुर्भाग्य से पाकिस्तान इन इलाक़ों को तऱक्क़ी के रास्ते पर लाने में विफल रही है, जिसमें मानवाधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करना अहम रहा है. एक लंबे अर्से से इन इलाक़ों के लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं.
Tags: Democracy, Jammu & kashmir, Pakistan, tourism, जम्मू-कश्मीर, पर्यटन, पाकिस्तान, राजनीति, लोकतंत्र Posted in स्टोरी-6 by Author: अक़दस वहीद | No Comments » | Read More... |
यह माना जाता है कि भारत में 14 साल के बच्चों की आबादी पूरी अमेरिकी आबादी से भी ज़्यादा है. भारत में कुल श्रम शक्ति का लगभग 3.6 फीसदी हिस्सा 14 साल से कम उम्र के बच्चों का है. हमारे देश में हर दस बच्चों में से 9 काम करते हैं. ये बच्चे लगभग 85 फीसदी पारंपरिक कृषि गतिविधियों में कार्यरत हैं, जबकि 9 फीसदी से कम उत्पादन, सेवा और मरम्मती कार्यों में लगे हैं. स़िर्फ 0.8 फीसदी कारखानों में काम करते हैं.
Tags: India, School, government, labor, अभिशाप, देश, बाल मजदूरी, भारत, समाज, सरकार Posted in स्टोरी-6 by Author: सौमित्र मोहन | 1 Comment » | Read More... |
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आप सांसद हैं, देवता नहीं |
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