देश में हर साल 45 हज़ार से ज़्यादा बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होती है, लेकिन इनमें से तक़रीबन 11 हज़ार बच्चों का कोई नामोनिशान तक नहीं मिल पाता. और तक़रीबन 50 फीसद बच्चों को जबरन देह व्यापार में धकेल दिया जाता है. बाक़ी बच्चों से बंधुआ मज़दूरी कराई जाती है या फिर उन्हें [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय मानक, अपराध, एनएचआरसी, गुमशुदा बच्चे, बंधुरा मजदूरी, बच्चों के कंकाल, मानव तस्करी, यूएनटीआईपी प्रोटोकॉल, यूनिसेफ Posted in अन्य, कानून और व्यवस्था, राजनीति, विविध, समाज by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
भारत एक लोकतांत्रिक देश है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम आदमी ही देश का असली मालिक होता है, इसलिए जनता को यह जानने का हक़ है कि जो सरकार उसकी सेवा के लिए बनाई गई है, वह कैसे, कहां और क्या काम कर रही है. इसके साथ ही हर व्यक्ति इस सरकार को चलाने के लिए [...]
Tags: अधिनियम 2005, उच्चतम न्यायालय, लोक सूचना अधिकारी, लोकतांत्रिक देश, सूचना का अधिकार Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
करीब 50 वर्ष पूर्व महाराष्ट्र में औंध की देशी रियासत में राजा ने कुछ अधिकार गांव वालों को दिए थे. पहले तो लोगों को लगा कि अब अपना राज्य हो गया है, तो अब कर देने की क्या ज़रूरत है? इसलिए कर की वसूली में शिथिलता आई. ज्यों ही गांव का खजाना खाली हो [...]
Tags: कर की वसूली, गैर ग्रामदानी, देशी रियासत, मवेशी, स्वशासन Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें by Author: ठाकुर दास बंग | No Comments » | Read More... |
हर आम या खास आदमी को कभी न कभी, किसी सरकारी विभाग से काम प़डता ही है, चाहे वह राशनकार्ड बनवाने का काम हो या पासपोर्ट बनवाने का. आप चाहे शहर में रहते हों या गांव में, सरकारी बाबुओं की फाइल दबाने और फाइल आगे ब़ढाने के लिए रिश्वत की मांग से आप सभी का [...]
Tags: इंकम टैक्स, रिश्वत, रिश्वतखोर अधिकारी, समस्याएं अनेक, सरकारी विभाग, सूचना का अधिकार Posted in कानून और व्यवस्था, स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
चौबीस साल पहले जब राजीव गांधी की कांग्रेस पार्टी ने बहुमत खो दिया था, तब वह एक गठबंधन बनाने से झिझक रहे थे. उसके बाद हमने कुछ सालों तक ऐसी सरकारें देखीं, जिनके पास स्पष्ट बहुमत नहीं था. कुछ साल वी पी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार रही. बिना बहुमत या एक औपचारिक गठबंधन के [...]
Tags: अटल बिहारी वाजपेयी, औपचारिक गठबंधन, गठबंधन, तीसरी पार्टी का भ्रम, परमाणु करार, यूपीए 2, राजनाथ सिंह, राजीव गांधी, राहुल गांधी Posted in कानून और व्यवस्था, राजनीति by Author: मेघनाद देसाई | No Comments » | Read More... |
सरकारी स्कूलों में प़ढने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है, ताकि ऐसे छात्र, जिनके परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है, उनकी पढ़ाई-लिखाई में दिक्कत न आए. इसके लिए बाक़ायदा नियम-क़ानून भी बनाए गए हैं कि कौन इस छात्रवृत्ति का हक़दार होगा और कौन नहीं. इसके बावजूद कई बार ऐसी ख़बरें भी आती हैं [...]
Tags: छात्रवृत्ति, नियम कानून, पंचायती राज व्यवस्था, भ्रष्टाचार, संवैधानिक संस्था Posted in कानून और व्यवस्था, स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
डीएमके का यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेना कोई क्षणिक मुद्दा नहीं है और न ही यह केवल यूपीए के सत्ता में बने रहने से जुड़ा हुआ है, क्योंकि यूपीए सरकार तो किसी भी हाल में बनी रहेगी. यह मुद्दा इस बात की ओर इशारा करता है कि क्या भारत एक देश है, जिसकी विदेश [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय संबंध, खालिस्तान विद्रोह, जम्मू-कश्मीर, डीएमके, तमिलनाडु, तृणमूल कांग्रेस, पंजाब, यूपीए सत्ता, श्रीलंका, स्वर्ण मंदिर Posted in कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, राजनीति, संपादकीय by Author: मेघनाद देसाई | No Comments » | Read More... |
जिस देश की अधिकांश आबादी ग़रीब हो, वहां यह ज़रूरी हो जाता है कि ग़रीबों से जु़डी योजनाओं को ईमानदारी से लागू किया जाए. लेकिन व्यवहार में अब तक यही देखने को मिला है कि ग़रीबों के विकास के लिए बनाई गई लगभग सभी योजनाओं में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है, चाहे वह मनरेगा हो [...]
Tags: आरटीआई, इंदिरा आवास योजना, गरीबों को हक कैसे मिलेगा, जन प्रतिनिथि, बीपीएल, मनरेगा, सस्ता राशन Posted in कानून और व्यवस्था, विधि-न्याय, स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | 1 Comment » | Read More... |
बदलते परिवेश में बच्चे वक्त से पहले ही ब़डे हो रहे हैं. एक तऱफ वे कम उम्र में तमाम तरह की उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तऱफ वे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम भी दे रहे हैं. चोरी, अपहरण, फिरौती, किडनैपिंग, ब्लैकमेलिंग और रेप से लेकर हत्या करने से भी उन्हें कोई परहेज़ [...]
Tags: अपराध, अपहरण, आर्थिक तंगी, इकोनॉमी गैप, उड़ीसा, किडनैपिंग, घटनाएं, चोरी, छेड़छाड़, टेलीविजन, दिल्ली, दुनिया, दोस्तों, नशा, नशाखोरी, पहरणकर्ता, पावर, पुलिस, पैसे, फंसता, फिरौती, फिल्म, बचपन, बाल अपराधी, ब्लैकमेलिंग, भारतीय क़ानून, मासूम, मुजरिम, यौन अपराध, राजधानी, रेप, शिकार, शिक्षिका, शौक, सज़ा, सामाजिक व्यवस्था, सामूहिक दुष्कर्म Posted in कानून और व्यवस्था, समाज by Author: प्रियंका प्रियम तिवारी | No Comments » | Read More... |
जम्मू और कश्मीर सरकार पुलिस सुधार बिल 2013 लाना चाहती है. राज्य में इस बिल के विरोध में आवाज़ बुलंद होनी शुरू हो गई है. आख़िर इस बिल में ऐसा क्या है, जो लोग इसे दिल दहला देने वाला मान रहे हैं, जानिए इस ख़ास रिपोर्ट में… जम्मू और कश्मीर में इन दिनों प्रस्तावित पुलिस [...]
Tags: आबादी, आवाज़, गृह मंत्रालय, गृहयुद्ध, ग्रामीण सुरक्षा, जम्मू और कश्मीर, पुलिस, फोर्सेज़, बिल, बुलंद, मानवाधिकारों, राज्य, लोगों में ख़ौफ़, विधानसभा, विरोध, सुधार, स्पेशल पॉवर फ़ौज आर्म्ड Posted in कानून और व्यवस्था, राजनीति, राज्य, स्टोरी-6 by Author: Mohammad Haroon | No Comments » | Read More... |
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व्यवस्था संविधान को धोखा देकर बनी है |
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