दिग्विजय सिंह और परवेज़ हाशमी को फांसी की सज़ा सुनाने की तैयारी हो चुकी है. कांग्रेस हाईकमान ने इन दोनों की राजनीतिक ज़िंदगी पर एक लंबा पूर्ण विराम लगाने का फैसला ले लिया है. बस इसका औपचारिक ऐलान बाक़ी है. उत्तर प्रदेश के अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ता कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह ने पहले कांग्रेस का संगठन चौपट किया, ग़लत पीसीसी मेंबर बनाए.
Tags: Amethi, Congress, Digvijay Singh, Leader, Lok Sabha, MP, Parvez Hashmi, Raebareli, Rahul Gandhi, Sultanpur, Tickets, Uttar Pradesh, assembly, elections, lost, necklaces, political, अमेठी, उत्तर प्रदेश, कांग्रेस, चुनाव, टिकट, दिग्विजय सिंह, नेता, परवेज़ हाशमी, राजनीतिक, रायबरेली, राहुल गांधी, लोकसभा, विधानसभा, विधायक, सुलतानपुर, हार, हारी Posted in कवर स्टोरी, कानून और व्यवस्था, चुनाव, पहला पन्ना, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज by Author: संतोष भारतीय | 7 Comments » | Read More... |
राहुल गांधी का प्रोग्राम किस तरह बनेगा, उनकी सभा कहां होगी, इसका फैसला कनिष्क सिंह करते थे. किसको कितना पैसा जाना है, इसका फैसला कनिष्क सिंह करते थे. मीडिया में किसको कितना दिया पैसा जाना है और किस मीडिया से क्या कहलवाना है, राज बब्बर तय करते थे. कैंपेन का मैनेजमेंट श्रीप्रकाश जायसवाल के हाथ में था.
Tags: Congress, Kanishka Singh, Rahul Gandhi, Rita Bahuguna, political, कनिष्क सिंह, कांग्रेस, मीडिया, राजनीतिक, राहुल गांधी, रीता बहुगुणा Posted in कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, चुनाव, मीडिया, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज by Author: डा. मनीष कुमार | No Comments » | Read More... |
आधी रात को सोए हज़ारों लोगों पर जब अपनी ही सरकार लाठी चलवाए, अपनी ही पुलिस गोलियां चलाए तो उसकी प्रतिक्रिया क्या हो सकती है. एक अदद क़ानून के लिए एक बूढ़े आदमी को तीन-तीन बार अनशन करना पड़े, लाखों लोग सड़क पर उतर आएं, फिर भी सरकार क़ानून बनाने के बजाय बार-बार वादा़खिला़फी करे, तो जनता उसकी प्रतिक्रिया में क्या करेगी?
Tags: Congress, Corruption, Movement, assembly, elections, politics, आंदोलन, कांग्रेस, चुनाव, भ्रष्टाचार, राजनीति, विधानसभा Posted in आंदोलन, कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, चुनाव, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज by Author: शशि शेखर | 5 Comments » | Read More... |
रूस की जनता ने ब्लादिमीर पुतिन को अपना राष्ट्रपति चुना है. विगत चार मार्च को रूस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए गए, जिसमें पुतिन को लगभग 64 फीसदी मत मिले. उनके विरोधियों में से किसी ने बीस प्रतिशत मत नहीं पाए. कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार गेन्नादी ज्युगानोव को लगभग 18 फीसदी मत मिले, जबकि अन्य उम्मीदवार दहाई के अंक तक नहीं पहुंच सके. रूस के एक बड़े उद्योगपति मिखाइल प्रोखोरोव को लगभग 7.9 फीसदी मत मिले.
Tags: Bladimir Putin, Human Rights, President, Representative, Russia, democratic, voters, प्रतिनिधि, ब्लादिमीर पुतिन, मतदाता, मानवाधिकार, राष्ट्रपति, रूस, लोकतांत्रिक Posted in आंदोलन, कानून और व्यवस्था, राजनीति, विदेश, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: राजीव कुमार | 1 Comment » | Read More... |
यह आलेख कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली द्वारा दिए गए एक भाषण और नए कंपनी बिल-2011 पर आधारित है. वीरप्पा मोइली ने बंगलुरु में हुए एक सम्मेलन, जिसका विषय था-भारत में कॉरपोरेट्स का भविष्य, में बोलते हुए नए कंपनी बिल-2011 और कॉरपोरेट्स की सामाजिक ज़िम्मेदारी यानी सीएसआर पर अपने विचार रखे थे.
Tags: Personal, Public, business, corporate, economy, अर्थव्यवस्था, कॉरपोरेट, व्यक्तिगत, व्यापार, सार्वजनिक Posted in आंदोलन, आर्थिक, कानून और व्यवस्था, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
उत्तर प्रदेश में चुनाव के परिणाम आ चुके हैं. इस बार के चुनाव में लगभग सभी दलों ने मुस्लिम मुद्दों को जिस तरह उछाला, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया था. बसपा, कांग्रेस और सपा ने मुसलमानों को रिझाने में अपनी तऱफ से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, फिर भी सपा को छोड़कर किसी को भी फायदा नहीं हुआ.
Tags: Congress, Mayawati, Muslim, Nasimuddin Siddikhi, Uttar Pradesh, उत्तर प्रदेश, कांग्रेस, चुनाव, नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी, मायावती, मुसलमान Posted in आंदोलन, कानून और व्यवस्था, चुनाव, धर्म, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: डॉ. कमर तबरेज | 1 Comment » | Read More... |
आज पूरा विश्व बैंकिंग और कॉरपोरेट क्षेत्र में आई मंदी की मार झेल रहा है. यूरोप में इसका प्रभाव ज़्यादा दिखा, जबकि भारत इस मंदी से कुछ हद तक अपने को दूर रखने में कामयाब रहा है. भारत ने इसके लिए एक अच्छा रास्ता अपनाया. उसने अपनी घरेलू मांग को बढ़ाया. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों ने भी कॉरपोरेट क्षेत्र को मंदी से निपटने में सहयोग दिया, लेकिन सरकार का सहयोग और घरेलू मांगों को बढ़ाना ही वैश्वीकरण के इस दौर में मंदी से बचने के लिए का़फी नहीं है.
Tags: Public, business, corporate, globalization, government, university, कॉरपोरेट, विश्वविद्यालय, वैश्वीकरण, व्यवसायिक, सरकार, सार्वजनिक Posted in कानून और व्यवस्था, राज्य, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: सैयद जमीर पाशा | No Comments » | Read More... |
जीतकर भी हारना क्या होता है, अगर आपको यह जानना है तो उत्तराखंड से बेहतर उदाहरण नहीं हो सकता. कमज़ोर नेतृत्व और आलाकमान में दूरदर्शिता की कमी क्या होती है, उत्तराखंड इसका भी नमूना पेश करता है. जिस राज्य में कांग्रेस की हवा बन चुकी थी, जहां की जनता कांग्रेस के हाथ राजपाट सौंपने का मन बना चुकी थी. उस राज्य में सरकार बनाने की खातिर कांग्रेस के पसीने छूट गए.
Tags: Chief Minister, Congress, Khanduri, Uttarakhand, government, उत्तराखंड, कांग्रेस, खंडूरी, मुख्यमंत्री, सरकार Posted in कानून और व्यवस्था, चुनाव, राजनीति, राज्य, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: रूबी अरुण | 1 Comment » | Read More... |
पंजाब में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को दोबारा सत्ता दिलाने में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भतीजे एवं पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल से अलग होकर पंजाब पीपल्स पार्टी का गठन किया और चुनावी मैदान में कूद प़डे. पंजाब पीपल्स पार्टी और सांझा मोर्चा के उम्मीदवारों ने यहां सबसे ज़्यादा कांग्रेस को नुक़सान पहुंचाया.
Tags: Akali Dal, BJP, Congress, Punjab, Shiromani, अकाली दल, कांग्रेस, पंजाब, भाजपा, शिरोमणि Posted in कानून और व्यवस्था, चुनाव, जरुर पढें, राजनीति, राज्य, समाज by Author: फिरदौस खान | No Comments » | Read More... |
भारत एक ऐसा देश है, जिसका पर्यावरण संबंधी आंदोलनों, ज़मीनी स्तर पर सक्रियता और उत्तरदायी उच्च न्यायपालिका का अपना समृद्ध इतिहास रहा है. ऐसे देश में 2011 का वर्ष पर्यावरण संबंधी मुकदमेबाज़ी का अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष अर्थात मील का पत्थर साबित हुआ है. यद्यपि पर्यावरण संबंधी मुक़दमेबाज़ी पिछले तीन दशकों में काफ़ी बढ़ गई है, लेकिन पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना के कारण 2011 का वर्ष फिर भी काफ़ी विशिष्ट है.
Tags: India in Transition, Movement, estate, green, judiciary, retirement, आंदोलन, न्यायपालिका, पर्यावरण, संपत्ति, सेवानिवृत्त, हरित Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, पर्यावरण, विधि-न्याय, समाज by Author: शिबानी घोष | No Comments » | Read More... |
राजस्थान के बाबुओं के लिए फिज़ूल़खर्ची अब महंगी पड़ सकती है. पहले तो उनके विदेश जाने को लेकर सरकार ने रु़ख कड़ा कर दिया है. सरकार चाहती है कि बाबू अपने पहले के यात्रा खर्च का विवरण देने के बाद ही आगे विदेश यात्रा करेंगे. यही नहीं सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सीके मैथ्यु ने एक सर्कुलर निकाला है, जिसमें इस बात का ज़िक्र किया गया है कि बाबुओं को क्या करना है और क्या नहीं करना है.
Tags: Panchayati, Rajasthan, cadres, consultants, retirement, state, कैडर, पंचायती, राजस्थान, विदेश, सलाहकार, सेवानिवृत्ति Posted in कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, मीडिया, राजनीति, विधि-न्याय, समाज by Author: दिलीप चेरियन | No Comments » | Read More... |
यह सही है कि इससे जनता को कष्ट और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अभी हम श्रमिक संघ प्रणाली का विश्लेषण कर रहे हैं. इसके कई पहलू अभी तक बाक़ी रह गए हैं. मज़दूरों के किसी भी आंदोलन को सफल बनाने के लिए सविनय अवज्ञा के तरीक़े हैं, जैसे टूल्स डाऊन, स्टे-इन-स्ट्राइक आदि.
Tags: Movement, People, Union, charges, labor, अभियोग, अमेरिका, आंदोलन, जनता, श्रमिक, संघ Posted in आंदोलन, आर्थिक, कानून और व्यवस्था, जरुर पढें, राजनीति, समाज by Author: महावीर प्रसाद आर मोरारका | No Comments » | Read More... |
|
आप सांसद हैं, देवता नहीं |
|


