हिंदी ग़ज़लों ने बेहद लोकप्रियता हासिल की है. हिंदी के सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार हिंदी ग़ज़लकारों के लिए नज़ीर बने. कुलदीप सलिल की हिंदी ग़ज़लें भी बेहद सराही जाती हैं. हाल में उनका ग़ज़ल संग्रह धूप के साये में आया है, जिसे खासा पसंद किया जा रहा है. ग़ज़ल अरबी साहित्य की मशहूर काव्य विधा [...]
Tags: अरबी साहित्य, काव्य विधा, कुलदीप सलिल, गजल, दुष्यंत कुमार, धूप के साए में, शायरी, शेअर, हिंद पॉकेट बुक्स Posted in साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | 1 Comment » | Read More... |
मशहूर लेखिका अमृता प्रीतम को पंजाबी भाषा की पहली कवयित्री माना जाता है. उन्होंने उपन्यास लिखे, कहानियां लिखीं, आत्मकथा लिखी और संस्मरण भी लिखे. दरअसल, उनकी हर रचना को पाठकों ने दिल से पसंद किया. उनकी यह खासियत रही कि उन्होंने न केवल बेलौस ज़िंदगी को जिया, बल्कि अपनी आत्मकथा रसीदी टिकट के ज़रिए [...]
Tags: अमृता के पत्र, अमृता प्रीतम, आत्मकथा, उपन्यास, चित्रकार इमरोज़, पंजाबी भाषा, बुल्गारिया, संस्मरण, सोफिया Posted in साहित्य by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
बड़े अजब-ग़ज़ब बयान आ रहे हैं देश के राजनीतिक गलियारे से. कोई कह रहा है कि फलां सठिया गए हैं, इसलिए उन्हें अपनी किसी बात का ध्यान नहीं रहता. कोई कहता है कि फलां पगला गए हैं, उनका इलाज होना चाहिए. कोई कह रहा है कि फलां जब हमारे साथ थे, तो चरस पीते थे, [...]
Tags: कोई पाए बौराय, राजनीतिक गलियारे, राजस्व के सवाल, व्यंग्य Posted in साहित्य by Author: महेंद्र अवधेश | No Comments » | Read More... |
पांखी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित चंद्रसैन प्रबलजी की पुस्तक प्रबंध चेतना अपने आप में अनूठी है, क्योंकि रचनाकार ने एक प्रबंधक के नज़रिए से कविताएं रची हैं. किताब की शुरुआत मंत्रों से की गई है. इसके बाद गणेश और विद्या की देवी सरस्वती की आरती है. फिर कवि ने कविता के माध्यम से अपना परिचय दिया [...]
Tags: कविताएं, किताब, पांखी प्रकाशन, प्रबंधन पर आधारित, युवा निर्माण, साहित्य Posted in साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
पिछले कई महीनों से सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर साहित्य और पत्रकारिता से जुड़ी कुछ बेहद अहम लेखिकाएं स्त्री विमर्श को एक नया आयाम दे रही हैं. जब भी आप फेसबुक पर जाएंगे, तो किसी अहम महिला लेखिका के स्टेटस में स्त्री विमर्श की आंधी महसूस करेंगे, लेकिन फेसबुक पर जिस तरह का स्त्री विमर्श [...]
Tags: अमेरिका, इंग्लैंड, उपन्यास, कहानी, नासिरा शर्मा, फेसबुक, मैत्रेयी पुष्पा, विध्वंसकारी रुप, सोशल नेटवर्किंग साइट, स्त्री विमर्श, स्त्री विमर्श पश्चिमी देश Posted in साहित्य by Author: अनंत विजय | No Comments » | Read More... |
महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद ने देश को आज़ाद कराने का सपना देखा और इस सपने को साकार करने के लिए अपना जीवन तक बलिदान कर दिया. वे आज़ाद जिए और अपनी ज़िंदगी के आख़िरी पल तक आज़ाद रहे. हिंदुस्तान को फ़िरंगियों की ग़ुलामी से आज़ाद कराने के लिए इस धरती के सपूतों ने अपनी जान [...]
Tags: अलीराजपुर, काकोरी कांड, किताब, चंद्रशेखर आज़ाद, जीवन तक बलिदान, महान क्रांतिकारी, राजकमल प्रकाशन Posted in समीक्षा, साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | 2 Comments » | Read More... |
पिछले साल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में लेखिका अलका पांडे से उनकी किताबों पर बात हो रही थी. अलका पांडे ने अंग्रेजी में न्यूज एज कामसूत्र फॉर वूमन नाम से एक किताब लिखी थी. उन्होंने जो अनुभव बताए, वे बेहद चौंकाने वाले थे. उन्होंने बताया कि उनकी किताब के बाद उन्हें इरोटिक लेखक मान लिया [...]
Tags: अल्का पांडे, इरोटिक लेखक, कालिदास, झंडाबरदार, मृदुला गर्ग उपन्यास, राजेंद्र यादव, रेजीनॉल्ड, शोभा डे, सेक्सुअल डिजायर, स्क्रिप्ट राइटर ई एल जेम्स Posted in साहित्य by Author: अनंत विजय | 1 Comment » | Read More... |
महलों का सुख-वैभव त्यागकर मीरा ने ख़ुद को कृष्ण की दासी के रूप में साकार किया. कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम की वजह से उन्हें अनेक कष्ट सहने पड़े, लेकिन फिर भी उन्होंने कृष्ण भक्ति नहीं छोड़ी. क्या है ख़ास इस किताब में? हिंदुस्तान में अनेक भक्त कवि हुए हैं, जिन्होंने भक्ति-रस में सराबोर होकर [...]
Tags: कृष्ण की दासी, कृष्ण भक्त मीरा, कृष्ण भक्ति, क्रृष्ण के प्रति प्रेम, गिरिधर गोपाल, गुस्साईंजी, घुंघरू बांध मीरा नाची रे, चित्तौड़ के नरेश राणा सांगा, जीव गोस्वामी, तानसेन, द्नारिका, भक्ति काल की कवयित्री, मीरा, मीरा सती, विष का प्याला, हिंद पॉकेट बुक्स हाउस Posted in समीक्षा, साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | 2 Comments » | Read More... |
इन दिनों उत्तर प्रदेश में साहित्यिक पुरस्कारों की बाढ़ आई हुई है. मायावती के शासनकाल के दौरान रुके या रोके गए साहित्यिक पुरस्कार दिए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन पुरस्कार समारोहों में शिरकत कर रहे हैं. गाजे-बाजे के साथ पुरस्कृत साहित्यकारों का सम्मान किया जा रहा है. पुरस्कार समारोह में अखिलेश यादव की [...]
Tags: अकादमी पुरस्कार, कॉकस, पुरस्कारों पर रोक, पुरस्कृत साहित्यकारों का सम्मान, मुख्यमंत्रियों का गुणगान, लखटकिया पुरस्कार, श्री लाल शुक्ल Posted in साहित्य by Author: अनंत विजय | 1 Comment » | Read More... |
उड़ान भरो औरत उड़ान भरो रूढ़ियों के पिंजड़े में कब तक रहोगी कैद किसी मर्द की संपत्ति नहीं तुम नहीं कोई जींस मात्र भोग का सामान नहीं केवल तुम नहीं कोई लेन-देन की वस्तु अस्तित्व की अपने हो रानी तुम तेरी ही क्यों स़िर्फ चुल्हानी की दुनिया बाहर तुम्हारा भी हक़ बेशक है छू [...]
Tags: उड़ान भरो औरत, कविता Posted in साहित्य by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
हिंदुस्तान के बेहतरीन शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाई दी. उनके ज़माने में उर्दू शायरी इश्क़, मुहब्बत, विसाल, हिज्र और हुस्न की तारी़फों तक ही सिमटी हुई थी, लेकिन ग़ालिब ने अपनी शायरी में ज़िंदगी के विभिन्न रंगों को शामिल किया. उनकी शायरी में हक़ीक़त के रंग हैं, तो फ़लसफ़े की रोशनी भी [...]
Tags: दस्तंबू राजकमल प्रकाशन, मिर्जा गालिब, शायरी Posted in साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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