महान देश की महान संसद अति महान उदाहरण आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ रही है. संसद को न अपनी गरिमा का ख्याल है, न वह लोगों की ज़िंदगी में आ रही मुश्किलों से संवेदना रखती है और न ही वह उन सवालों को उठाती है, जिन सवालों का रिश्ता इस देश के ग़रीब से [...]
Tags: 1लाख 76 हज़ार करोड़ रुपये, अन्ना हजारे, कोयला मंत्रालय, गरिमा का ख्याल, तृणमूल कांग्रेस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, प्रधानमंत्री नैतिक रुप, भारतीय जनता पार्टी, मायावती, मुलायम सिंह, लाल बहादुर शास्त्री, लोकसभा, वामपंथी दल, शिरोमणि अकाली दल, संसद, संसद की चिंता, सुप्रीम कोर्ट Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी या उन्हें उम्मीदवार घोषित किए बिना ही प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नीतीश कुमार अंत में क्या फैसला लेते हैं. अगर नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो जाते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी बिना [...]
Tags: कांग्रेस, तीसरा मोर्चा, नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार, भाजपा, वामपंथी, वैचारिक पक्ष Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
मैं पिछले दिनों अन्ना हज़ारे की यात्रा में उनके साथ था. मुझे ऐसा लगा कि वे शायद दोबारा इतिहास रचने के रास्ते पर निकल सकते हैं. उनकी यात्रा अमृतसर से शुरू हुई और पंजाब होते हुए हरियाणा पहुंची. हरियाणा के बाद वह उत्तर प्रदेश गई. इस यात्रा में पहली खास चीज यह देखने में आई [...]
Tags: 25 सूत्रीय कार्यक्रम, अन्ना हजारे, कार्यक्रम, जनसंसद, टेलीविज़न चैनल, युवक, राजनीतिक दल, रामलीला मैदान Posted in जब तोप मुकाबिल हो by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
देश के प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस में ऊहापोह जारी है. राहुल गांधी बार-बार कह रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते, बल्कि पार्टी चलाना चाहते हैं और इसीलिए उन्होंने औपचारिक रूप से कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद को स्वीकारा है. राहुल इस पद को यदि न भी स्वीकार करते, तब भी लोग कांग्रेस में [...]
Tags: इंटेलिजेंस ब्यूरो, कांग्रेस, भ्रष्टाचार, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | 2 Comments » | Read More... |
कांग्रेस की चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. कांग्रेस पूरे भरोसे के साथ यह मानकर बैठी है कि वह तीन सौ से ज़्यादा सीटें जीत रही है. जब कहते हैं कि कांग्रेस जीत रही है और कांग्रेस मान बैठी है, तो इसका मतलब है कि नेतृत्व यानी कांग्रेस अध्यक्ष, कार्यवाहक अध्यक्ष, महामंत्री या 24 अकबर [...]
Tags: 24 अकबर रोड, कांग्रेस की तैयारी, कांग्रेस पदाधिकारी, कांग्रेस रणनीति, चुनावी तैयारियां, नीतीश कैंप, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, राजनीतिक दल, लोकतंत्र मखौल Posted in जब तोप मुकाबिल हो, राजनीति, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
लोकसभा या राज्यसभा टेलीविज़न का कैमरा जब सदन में घूमता है, तो वहां कुर्सियां खाली दिखाई देती हैं. स़िर्फ एक वक्त होता है, जब कुर्सियां भरी हुई होती हैं और वह है कभी-कभी 12 बजे का वक्त, जिसे शून्यकाल कहा जाता है. उसमें लोग अपनी भड़ास निकालते हैं, गुस्सा करते हैं और एक-दूसरे के ऊपर [...]
Tags: 272 ज़िले नक्सलवादियों की चपेट, जॉर्ज फर्नांडिस, शून्यकाल, संसद, संसद लोकतंत्र का मंदिर, सांसद सेंट्रल हॉल Posted in जब तोप मुकाबिल हो, संपादकीय by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
काम तो सचमुच कमाल के हो रहे हैं. सीबीआई सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट सौंपती है, जिसका रिश्ता 26 लाख करोड़ रुपये के कोयला घोटाले से है. जब इस घोटाले का पर्दाफ़ाश हुआ और हमने देश में सबसे पहले छापा, तो उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. शायद इसका कारण यह था कि विपक्षी [...]
Tags: कांग्रेस, कोयला घोटाले, ग़रीब लोगों, डॉ. मनमोहन सिंह, देश, प्रधानमंत्री, बिहार, भारत सरकार, भारतीय जनता पार्टी, भ्रष्टाचार, मनीष तिवारी, राजनीतिक दल, रिज़र्व बैंक, लोकतंत्र, वित्त मंत्री, विदेशी बैंक, संसद, सीएजी रिपोर्ट, सीबीआई रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, सूचना मंत्री, हिंदुस्तान Posted in जब तोप मुकाबिल हो, राजनीति by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
पत्रकारिता प्रतिस्पर्धा का पेशा है. प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट, स्टोरी और स्कूप के क्षेत्र में होती है. प्रतिस्पर्धा निर्भीकता में होती है, साहस में होती है और पत्रकारिता के पेशे के ये गुण आभूषण होते हैं, क्योंकि संपादक इन्हीं गुणों के आधार पर अपने साथियों या साथ काम करने वालों की समीक्षा करता है. लेकिन आज इससे [...]
Tags: अकाउंट, आईएसआई, आम आदमी, इज्जत, ई-मेल, ईमानदार पत्रकार, ईमानदारी, एटीएम ऑपरेशन, ख़ुफ़िया एजेंसियां, दर्द, दलाल पत्रकार, दलाली, देश, पक्ष, पत्रकार, पत्रकारों, पीड़ित, प्रभाष जोशी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, राजनीतिक दल, विश्वास, संपादक, सच्चाई, सरकार, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, हांगकांग Posted in जब तोप मुकाबिल हो by Author: संतोष भारतीय | No Comments » | Read More... |
एक फिल्म आई थी, जिसका एक बहुत मशहूर संवाद था, तारीख़ पर तारीख़, तारीख़ पर तारीख़, तारीख़ पर तारीख़. दरअसल, यह वाक्य हमारी न्याय-व्यवस्था की उस कमज़ोरी को दर्शाता है, जिसमें न्याय पाने की चाह लिए पीढ़ियां गुज़र जाती हैं. लेकिन फिर भी न्याय नहीं मिलता. सच तो यह है कि आज देश के जो [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, अमेरिका, अर्थशास्त्री, खेती, ग़रीब, ग़रीबी, घोटाला, चंद्रशेखर, देश, नरसिम्हा राव, नौजवानों, न्याय-व्यवस्था, प्रधानमंत्री, बिजली, भविष्य, भाषण, भ्रष्टाचार, मनमोहन सिंह, राजीव गांधी, विदेशी बैंकों, वीपी सिंह, व्यवस्था, सामाजिक परिवर्तन, हिंदुस्तान Posted in जब तोप मुकाबिल हो by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
हैदराबाद में दो धमाके हुए. आधिकारिक तौर पर 14 लोगों की जानें गईं और अनाधिकारिक रूप से बीस से ज़्यादा लोगों की जानें गईं. दैनिक अख़बार इस घटना को टेलीविजन की तरह रिपोर्ट कर रहे हैं, पर यहां कुछ दूसरे सवाल खड़े होते हैं. सवाल यह है कि आख़िर वह कौन-सा जादू है कि विस्फोट [...]
Tags: खुफिया एजेंसियों, गृह मंत्रालय, गृहमंत्री, तमाचा, देश के तंत्र, धमाके, पुलिस, बयान, भगवा आतंकवाद, मनमोहन सिंह, मुंह, राजनीतिक दलों, राज्य, विस्फोट, सुशील कुमार शिंदे, सोनिया गांधी, हैदराबाद Posted in ख़ुफ़िया, जब तोप मुकाबिल हो, राज्य by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है. यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बजट बहुत सख्त होगा, जैसा कि अमेरिका चाहता है. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का मानना है कि हिंदुस्तान में हर तरह की सब्सिडी या आर्थिक सहायता बंद होनी चाहिए. दरअसल, अमेरिका भारत को एक ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप [...]
Tags: अटल बिहारी वाजपेयी, अन्ना हजारे, इस्त़िफा, चंद्रशेखर, जनता, भ्रष्टाचार, महंगाई, राजनीतिक दल, राजीव गांधी, राज्यसभा, लोकसभा, संसद, सदन, सरकार, सांसद Posted in जब तोप मुकाबिल हो, स्टोरी-6 by Author: संतोष भारतीय | 1 Comment » | Read More... |
नरेंद्र मोदी की विजय ने संघ और भारतीय जनता पार्टी में एक चुप्पी पैदा कर दी है. संघ के प्रमुख लोगों में अब यह राय बनने लगी है कि नरेंद्र मोदी को देश के नेता के रूप में लाना चाहिए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता इस सोच से सहमत नहीं हैं. भारतीय जनता पार्टी के लगभग सभी नेताओं का मानना है कि नरेंद्र मोदी को देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में प्रस्तुत करते ही देश के 80 प्रतिशत लोग भारतीय जनता पार्टी के ख़िला़फ हो जाएंगे, क्योंकि मोदी की सोच से देश के 16 प्रतिशत मुसलमान और लगभग 80 प्रतिशत हिंदू सहमत नहीं हैं.
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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