जल, जंगल और ज़मीन बचाने में जुटे आदिवासी

आदिवासियों की पहचान जल, जंगल और ज़मीन से ज़रूर है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण उन्हें इन

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बांग्लादेश : गृहयुद्ध के हालात

बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें 80 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. एक तरफ़ विपक्षी

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रायबरेली-अमेठी-सुल्तानपुर में कांग्रेस जीतेगी या हारेगी

आज़ादी से पहले तक जिस उत्तर प्रदेश को हिंदुस्तान का ताज होने का गौरव प्राप्त था, वही आज देश का सबसे पिछड़ा राज्य बन गया है. देश को कई प्रधानमंत्री और क़द्दावर हस्तियां देने वाले उत्तर प्रदेश की दुर्दशा देखकर यह सोचना भी कठिन हो जाता है कि यह राज्य अपनी इस हालत से कैसे छुटकारा पाएगा.

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव : पीस पार्टी की अहम भूमिका होगी

आज़ादी के छह दशकों बाद भी देश में मुस्लिम नेतृत्व ख़डा नहीं हो पाया है. देश में एक भी सर्वमान्य मुस्लिम नेता ऐसा नहीं है, जिस पर मुसलमान भरोसा जता सकें. इसके कई कारण हैं. पहला यह कि कोई भी सियासी दल नहीं चाहता कि मुस्लिम नेतृत्व पैदा हो.

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खादी ग्रामोधोग आयोग: खादी की दुर्दशा का ज़िम्मेदार है

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जिस खादी को देश में स्वरोजगार पैदा करने का माध्यम बनाया था, उसी देश में आज़ादी के 64 साल बाद खादी ग्रामोद्योग आयोग की हालत बद से बदतर होती जा रही है.हर साल 2 अक्टूबर गांधी जयंती, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को ही खादी के कपड़े नज़र आते हैं.

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