यूएन में फिर गुंजी भारत की आवाज, कश्मीर हमारा हिस्सा

नई दिल्ली। कश्मीर को लेकर भारत अपना स्टैंड कई बार क्लियर कर चुका है। भारत ने कई जगहों पर साफ

Read more

सुरक्षा परिषद खुद असुरक्षित है

भारत संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्यों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यह 7 बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी

Read more

शिक्षक दिवस पर विशेष : अब शिक्षा में भी क्रांति की दरकार…

शिक्षण संस्थाएं केवल डिग्रीधारक पैदा करने की मशीन हो गई हैं और नौकरी पाने की शैक्षणिक योग्यता तय कर दी

Read more

पाकिस्तान में नवाज शरीफ का राज: बहेगी अमन की बयार !

पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई व्यक्ति, यानी नवाज शरीफ तीसरी बार प्रधानमंत्री बन रहे हों.

Read more

अफगानिस्‍तानः रणनीति पर पुनर्विचार की जरूरत है

अफग़ानिस्तान में तालिबान का असर कम होता नहीं दिखाई पड़ रहा है. यहां छिटपुट हमले तो होते ही रहते हैं, लेकिन इस बीच एक बड़ा हमला हुआ, जो अ़फग़ानिस्तान की वर्तमान स्थिति और इसके भविष्य के बारे में पुनर्विचार करने को मजबूर कर देता है. यह हमला पिछले कई हमलों से अलग दिखाई पड़ता है. पहले के हमले किसी दूतावास या किसी विशेष जगह पर बम विस्फोट के ज़रिये किए जाते रहे हैं.

Read more

एनसीटीसी : इस जल्दबाज़ी की वजह क्या है

एनसीटीसी के गठन के पीछे क्या वाकई देश की सुरक्षा की चिंता है या फिर यह कांग्रेस की विपक्षी पार्टियों और नेताओं, ख़ासकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर शिकंजा कसने की कोई सियासत? आख़िर कांग्रेस और उसके मंत्री एनसीटीसी यानी आतंकवाद निरोधी ख़ु़फिया केंद्र को लेकर इतनी हड़बड़ी में क्यों हैं?

Read more

विवाद में फंसी पाकिस्तान सरकार

पाकिस्तान और विवाद का चोली दामन का रिश्ता है. कभी उसे आतंकवाद को समर्थन देने के आरोपों का सामना करना पड़ता है, तो कभी सेना और सरकार के बीच के तनाव के कारण लोकतंत्र ही खतरे में पड़ता मालूम होता है. मेमोगेट का मामला अभी चल ही रहा है कि सरकार को एक अन्य मामले का सामना करना पड़ गया है.

Read more

सिर्फ़ उत्तर प्रदेश में नहीं हो रहे चुनाव

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन ताज्जुब की बात है कि मीडिया में सबसे ज़्यादा ख़बरें स़िर्फ उत्तर प्रदेश से ही आ रही हैं. मानों मणिपुर या गोवा देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है.

Read more

मणिपुर: कांग्रेस की राह आसान नहीं

देश में गठबंधन की राजनीति और राजनीतिक दलों का एक साथ मिलकर चुनाव लड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन 60 सदस्यीय विधानसभा वाले मणिपुर में, जहां आगामी 28 जनवरी को मतदान होना है, गठबंधन का ऐसा खेल खेला जा रहा है, जो आपको हैरत में डाल सकता है.

Read more

भारत-मालदीव : बेहतर संबंध बनाने की क़वायद

हिन्द महासागर में अपनी स्थिति मज़बूत करने और दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत के लिए यह ज़रूरी है कि वह अपने पड़ोसियों को विश्वास में ले. मालदीव के साथ हाल में हुआ समझौता इसी दिशा में उठाया गया एक अच्छा क़दम माना जा सकता है.

Read more

आतंकवाद से लड़ने वाली सबसे बड़ी एजेंसी : एन आई ए का सच

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने नॉर्थ ब्लॉक में बैठे बाबुओं और नौकरशाहों को ज़रिया बनाकर देश की आंतरिक सुरक्षा को भी सियासत का खेल बना दिया है. आप इसकी त्रासद बानगी देखना चाहें तो एनआईए यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी पर नज़र डालें.

Read more

कमल मोरारका का ब्लॉग : पुलिस तंत्र मे सुधार समय की मांग है

दिल्ली हाईकोर्ट के निकट हुए बम विस्फोट ने एक बार फिर से एक बड़े खतरे के तौर पर आतंकवाद की ओर लोगों का ध्यान खींचा है. इसी तरह के बम विस्फोट मुंबई, पुणे एवं जयपुर आदि शहरों में भी हुए थे. लेकिन 9/11 के बाद अमेरिका में कोई बड़ा बम धमाका नहीं हुआ और न 2005 के विस्फोट के बाद ब्रिटेन में ही ऐसी कोई घटना घटी.

Read more

पूरे तंत्र को सुधारने की ज़रूरत है

बार-बार कहने के बावजूद सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है. सरकार से मतलब सिर्फ मंत्री नहीं, बल्कि सरकार से मतलब पूरा सिस्टम, दारोगा से लेकर गृह सचिव तक. ये सब नशे की गोली खाकर सो रहे हैं और देश हर दूसरे-तीसरे महीने खतरे का सामना कर रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट में तीन महीने के भीतर हुआ दूसरा बम धमाका हमारे सिस्टम के खोखलेपन और सबसे अंत में प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के नकारेपन को चीख-चीखकर बयान कर रहा है.

Read more

सरकार चुप क्यों है

26 नवंबर, 2008 की त्रासदी को मुंबई के लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि 13 जुलाई, 2011 को फिर से दिल दहला देने वाली घटना घट गई. महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए कौन वहां की क़ानून व्यवस्था की स्थिति की आलोचना कर सकता है. बिना किसी सरकारी सहायता के मुंबई वालों को इस विपत्ति से उबरने में अपनी चिरपरिचित योग्यता का परिचय देना पड़ेगा.

Read more

पाकिस्तान : सामंतवादी तंत्र की हकीकत

फ्यूडलिज्म या सामंतवादी तंत्र एक सोच का नाम है. एक ऐसे व्यक्ति की सोच, जो दूसरों को अपने मुक़ाबले तुच्छ मानता हो और उनका हक़ छीनना जायज़ समझता हो. ऐसी नकारात्मक सोच और चिंता रखने वाले वर्ग सामंतवादी तंत्र को जन्म देते हैं. यह तंत्र अमीरों को कमज़ोरों के शोषण का गुण सिखाता है, नाजायज़ तरीक़े से दौलत जमा करता है, ग़रीब को और ग़रीब बनाता है, अमीर को और अमीर बनाता है.

Read more

जम्‍मू-कश्‍मीरः पंचायत चुनाव ने उम्‍मीद जगाई

हाल में जम्मू-कश्मीर में संपन्न हुए पंचायत चुनाव से राज्य में एक नई बयार देखने को मिली. बड़ी तादाद में घरों से निकल कर लोगों ने मतदान करके न स़िर्फ लोकतंत्र में अपनी आस्था व्यक्त की, बल्कि चुनाव बहिष्कार करने वालों को स्पष्ट संकेत भी दे दिया.

Read more

इलियास का इफेक्‍ट

पहले अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन, फिर उसके सक्रिय सदस्य इलियास कश्मीरी का मारा जाना और अब पाकिस्तान में धड़ाधड़ हो रहे बम धमाकों ने सबको सकते में डाल दिया है. पता नहीं पाकिस्तान को अब भी इस बात का एहसास है या नहीं कि उसने जो वर्षों पहले भारत विरोधी आतंकवाद की फसलें बोई थीं, अब वही फलफूल रही हैं.

Read more

आतंक का चक्रव्यूह

दो मई की सुबह दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मार गिराए जाने के बाद यह बात साफ हो गई कि पाकिस्तान में आतंकियों को लंबे समय से पनाह मिल रही है. लादेन की मौत के साथ ही आतंक का पाकिस्तान कनेक्शन एक बार फिर दुनिया के सामने उजागर हो गया. यह भी साफ हो गया कि लादेन एबटाबाद में पिछले पांच सालों से सिर छुपाकर रह रहा था और पाकिस्तान दुनिया के सामने आतंक के ख़िला़फ बयानबाज़ी कर रहा था.

Read more