पत्रकार जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की

पत्रकारिता की संवैधानिक मान्यता नहीं है, लेकिन हमारे देश के लोग पत्रकारिता से जुड़े लोगों पर संसद, नौकरशाही और न्यायपालिका से जुड़े लोगों से ज़्यादा भरोसा करते हैं. हमारे देश के लोग आज भी अ़खबारों और टेलीविजन की खबरों पर धार्मिक ग्रंथों के शब्दों की तरह विश्वास करते हैं.

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साक्षात्‍कारः बड़े ढांचे में लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था का चलना मुश्किल

83 वर्षीय सच्चिदानंद सिन्हा एक समाजवादी कार्यकर्ता, चिंतक एवं लेखक हैं. उस दौर में जब समाजवादी विचारधारा महानगरों एवं चर्चाओं तक सीमित रह गई हो, तब सच्चिदानंद बाबू की न स़िर्फ लेखनी, बल्कि उनकी जीवनशैली भी समाजवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करती नज़र आती है.

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भारत में जापान से ज्यादा खतरनाक भूकंप आ सकते हैं

भारत में जापान से भयानक तबाही आ सकती है. जापान तो खैर इस तरह की परिस्थितियों से निपटने में माहिर हो चुका है, लेकिन भारत में तो इस तरह की आपातकाल स्थितियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतज़ाम भी नहीं हैं.

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नैनो सेटेलाइट जुगनू

छह मार्च, 2010 आईआईटी कानपुर के इतिहास का सबसे सुनहरा दिन था, क्योंकि संस्थान ने इसी दिन अपनी स्थापना के 50 बरस पूरे किए. यह ऐतिहासिक दिन आईआईटी कानपुर के लिए उपलब्धियों के लिहाज़ से भी यादगार बना. संस्थान ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक प्रभावी क़दम ब़ढाया.

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