दुनिया भर के देशों की अपनी संस्कृति और सभ्यता है. लोक कथाएं भी इसी संस्कृति और सभ्यता की प्रतीक हैं. लोक कथाओं से किसी देश, किसी समाज की संस्कृति और उनकी सभ्यता का पता चलता है. बचपन में सभी ने अपनी नानी या दादी से लोक कथाएं सुनी होंगी. लोक कथाओं में ज़िंदगी के अनुभवों [...]
Tags: इतिहास, ईरान, उमर, केंद्र सांस्कृतिक, ख़य्याम, ख़ुरासान. दुनिया .देशों, तूस, दिल्ली विश्वविद्यालय, नासिरा शर्मा, निशापुर, फ़िरदौसी, भारत, मशहद, लोक कथा, लोकभारती प्रकाशन, संस्कृति और सभ्यता, सांस्कृतिक घनिष्ठता, साहित्य विभाग, सैय्यद अमीर आबिदी Posted in साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
डेनमार्क की बैडमिंटन खिला़डी टाइन बाउन ने 33 वर्ष की उम्र में ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप का महिला एकल ख़िताब जीतकर इतिहास रच दिया है. उन्होंने प्रतियोगिता के फाइनल में सबसे कम उम्र में जगह बनाने वाली 18 वर्षीय थाईलैंड की रातचानोक इंतानोन को तीन सेटों में 21-14, 16-21 और 21-10 से हराया. वह आख़िरी [...]
Tags: अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, इतिहास, ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप, चीन, चेन लांग, टाइन बाउन, डेनमार्क, थाईलैंड, पराजित, पुरुष वर्ग, फाइनल, बैडमिंटन खिला़डी, मलेशिया, रातचानोक इंतानोन, ली चांग वी Posted in खेल by Author: चौथी दुनिया ब्यूरो | No Comments » | Read More... |
आदिवासियों की पहचान जल, जंगल और ज़मीन से ज़रूर है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण उन्हें इन दिनों अपने मूल स्थान से विस्थापित होना प़ड रहा है. हालांकि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद कर रहे हैं, लेकिन अफ़सोस कि उनकी आवाज़ नक्कारख़ाने में तूती की आवाज़ ही साबित हो रही [...]
Tags: आज़ादी, आदिवासी, इतिहास, उच्च गुणवत्ता, कंपनियों, काठीकुंड, खनिज, जंगल, जल, ज़मीन, झारखंड, दुमका, देश, पदार्थ, पावर प्लांट, प्रकृति, प्राकृतिक संसाधनों, बिहार, राजनीतिक, राज्य, विरोध, विश्व, सरकारी मशीनरी, स्टील प्लांट Posted in कवर स्टोरी-2, पर्यावरण, राज्य by Author: शैलेंद्र सिन्हा | No Comments » | Read More... |
आज़ाद भारत के इतिहास में संजय गांधी ऐसे इकलौते राजनेता हैं, जिनके व्यक्तित्व और क्रियाकलापों के बारे में जानने की जिज्ञासा भारतीय जनमानस में अब भी है, लेकिन उनके बारे में ज़्यादा लिखित सामग्री उपलब्ध नहीं है, लिहाज़ा उनके बारे में सबसे ज़्यादा किंवदंतियां सुनी जाती रही हैं. संजय गांधी ख़ुद कहा करते थे कि [...]
Tags: अटल बिहारी वाजपेयी, अडिग, इंदिरा गांधी, इकलौते, इतिहास, उद्योग मंत्री, जार्ज फर्नांडिस, ज्योतिर्मय बोस, तत्कालीन मुख्यमंत्री, तुर्कमान गेट, निर्णयों, पत्र-पत्रिकाओं, बंसीलाल, भारत, भारतीय जनता पार्टी, युवा कांग्रेस, राज नारायण, राजनीतिक, राजनेता, विनोद मेहता, संजय गांधी, संसद, हरियाणा Posted in साहित्य by Author: अनंत विजय | No Comments » | Read More... |
गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटकर भारत का वर्ष भर दौरा किया. भारत के ग्रामीणों की दुर्दशा देखी. उनके मुंह से वेदनापूर्ण उद्गार निकले, हमारे गांव पैमाल (तुच्छ) हो गए हैं, क्योंकि हम सच्चा अर्थशास्त्र एवं सच्चा समाजशास्त्र जानते नहीं है. बापू का यह कथन बीसवीं सदी के दूसरे दशक के गांवों को जितना [...]
Tags: अंग्रेजों, अंधकार, अर्थशास्त्र, इतिहास, गुप्त वंश, ग्राम प्रधान देश, ग्रामीण, दक्षिण अफ्रीका, भारत, लोकतंत्र, संस्कृति, समाजशास्त्र Posted in जरुर पढें, राज्य by Author: ठाकुर दास बंग | No Comments » | Read More... |
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंद्रह अगस्त को लाल क़िले से देश को संबोधित किया. संबोधन से पहले लोग आशा कर रहे थे कि वह उन सारे सवालों का जवाब देंगे, जो देश के सामने हैं या जिन्हें उनके सामने उठाया जा रहा है. विरोधी दल तो कोई सवाल उठा नहीं रहे हैं, सवाल स़िर्फ अन्ना हजारे और बाबा रामदेव उठा रहे हैं. उन सवालों को जनता का समर्थन भी हासिल है, जिनका जवाब प्रधानमंत्री को लाल क़िले से देना चाहिए था.
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भारतीय समाज में प्राचीन काल से लेकर आज तक सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है. उस व़क्त भी ताक़तवर व्यक्ति अपने फायदे के लिए कमज़ोर व्यक्ति का इस्तेमाल करता था, और आज भी ऐसा ही हो रहा है.
Tags: Mahabharata, book, conflict, history, political, psychology, social, इतिहास, किताब, महाभारत, मानसिकता, राजनीतिक, संघर्ष, सामाजिक Posted in जरुर पढें, समाज, साहित्य by Author: फ़िरदौस ख़ान | No Comments » | Read More... |
हिंदी में स्त्री विमर्श का इतिहास बहुत पुराना नहीं है. हिंदी साहित्य में माना जाता है कि राजेंद्र यादव ने अपनी पत्रिका हंस में स्त्री विमर्श की गंभीर शुरुआत की थी. दरअसल स्त्री विमर्श पश्चिमी देशों से आयातित एक कांसेप्ट है, जिसे राजेंद्र यादव ने भारत में झटक लिया और खूब शोर शराबा मचाकर स्त्री विमर्श के सबसे बड़े पैरोकार के तौर पर अपने आपको स्थापित कर लिया.
Tags: Rajendra Yadav, Women, culture, gender, history, इतिहास, राजेंद्र यादव, लैंगिक, संस्कृति, समाज, स्त्री Posted in कानून और व्यवस्था, विधि-न्याय, समाज, साहित्य, स्टोरी-6 by Author: अनंत विजय | No Comments » | Read More... |
फुटबॉल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि वैज्ञानिक किसी खिला़डी के अद्भुत खेल का कारण जानना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने लॉयनल मेसी के दिमाग़ का परीक्षण करने का फैसला किया है, क्योंकि मेसी अभी 25 साल के भी नहीं हुए हैं और उन्होंने अपने खेल से पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लिया है.
Tags: Argentina, Champions, Football, Lionel Messi, Roserio, history, science, अर्जेंटीना, इतिहास, चैंपियंस, फुटबॉल, रोसेरियो, लॉयनल मेसी, वैज्ञानिक Posted in खेल, जरुर पढें by Author: नवीन चौहान | No Comments » | Read More... |
दुनिया में इतिहास रचने वालों की कोई कमी नहीं है. कुछ लोग अपना नाम चमकाने के लिए इतिहास रचते हैं तो कुछ लोग निस्वार्थ रूप से अपना कार्य करते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उन्होंने इतिहास रच दिया. बिहार के गया ज़िले के दशरथ मांझी एक ऐसे ही इतिहास रचयिता रहे हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी के इलाज में बाधक बने पहाड़ को काटकर सड़क निर्माण किया था.
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बीते 20 अगस्त को गुरेज सेक्टर में भारतीय सेना का एक युवा लेफ्टिनेंट आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गया. शहीद लेफ्टिनेंट 15 मराठा एलआई बटालियन से जुड़ा था. इस युवा सेना अधिकारी की शहादत ने देश के समक्ष हमारे सैनिकों के गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर ताज़ा कर दिया है. गुरेज सेक्टर में शहीद हुए इस लेफ्टिनेंट ने अकेले ही 12 दहशतगर्दों को मार गिराया और अंत में खुद भी शहीद हो गया.
Tags: Batallion, Indian, Lieutenant, history, martyr, officer, अधिकारी, इतिहास, बटालियन, भारतीय, लेफ्टिनेंट, शहीद Posted in कानून और व्यवस्था, विधि-न्याय, समाज, स्टोरी-6 by Author: ब्रिगेडियर हेमंत महाजन | No Comments » | Read More... |
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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