पंजाब और गोवा में कौन होगा भाजपा उम्मीदवार, आज होगा ऐलान

भारतीय जनता पार्टी पंजाब और गोवा प्रदेश की विधानसभा सीटों पर लडऩे वाले प्रत्याशियों के नामों का ऐलान आज कर

Read more

कांग्रेस और मुस्लिम संगठनों को सबक़ लेना चाहिए

गुजरात का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए एक अलग तरह का सबक़ है और कांग्रेस के लिए दूसरी तरह का. भारतीय जनता पार्टी न अपनी जीत से कुछ सीखती है और न कांग्रेस अपनी हार से. एक और वर्ग है, जो सबक़ नहीं सीखता और वह है हमारे देश का मुस्लिम समाज. मैं शायद ग़लत शब्द इस्तेमाल कर रहा हूं. मुझे मुस्लिम समाज नहीं, मुस्लिम संगठन और मुस्लिम नेता शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए.

Read more

तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

लोकसभा में एफडीआई के मुद्दे पर दो दलों ने जो किया, वह भविष्य की संभावित राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है. शायद पहली बार मुलायम सिंह और मायावती किसी मुद्दे पर एक सी समझ रखते हुए, एक तरह का एक्शन करते दिखाई दिए. यह मानना चाहिए कि अब यह कल्पना असंभव नहीं है कि चाहे उत्तर प्रदेश का चार साल के बाद होने वाला विधानसभा का चुनाव हो या फिर देश की लोकसभा का आने वाला चुनाव, ये दोनों साथ मिलकर भी चुनाव लड़ सकते हैं.

Read more

कांग्रेस में अपनी ढपली-अपना राग : राहुल गांधी की फिक्र किसी को नहीं

कांग्रेस में राहुल गांधी के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है. अगर है, तो फिक़्र अपने-अपने मुस्तकबिल की. पार्टी में रणनीतिकार की भूमिका निभाने वाले कई नेताओं के लिए राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की बजाय एक मोहरा भर हैं. राहुल गांधी की आड़ में उक्त नेता कांग्रेस पार्टी पर अपनी हुकूमत चलाना चाहते हैं. लिहाज़ा उनके बीच घमासान इस बात का नहीं है कि आम चुनावों से पहले पार्टी की साख कैसे बचाई जाए, बल्कि लड़ाई इस बात की है कि राहुल गांधी को अपने-अपने कब्ज़े में कैसे रखा जाए, ताकि सरकार और पार्टी उनके इशारों पर करतब दिखाए.

Read more

एक नहीं, देश को कई केजरीवाल चाहिए

साधारण पोशाक में किसी आम आदमी की तरह दुबला-पतला नज़र आने वाला शख्स, जो बगल से गुजर जाए तो शायद उस पर किसी की नज़र भी न पड़े, आज देश के करोड़ों लोगों की नज़रों में एक आशा बनकर उभरा है. तीखी बोली, तीखे तर्क और ज़िद्दी होने का एहसास दिलाने वाला शख्स अरविंद केजरीवाल आज घर-घर में एक चर्चा का विषय बन बैठा है. अरविंद केजरीवाल की कई अच्छाइयां हैं तो कुछ बुराइयां भी हैं. उनकी अच्छाइयों और बुराइयों का विश्लेषण किया जा सकता है, लेकिन इस बात पर दो राय नहीं है कि देश में आज भ्रष्टाचार के खिला़फ जो माहौल बना है, उसमें अरविंद केजरीवाल का बड़ा योगदान है.

Read more

गुजरात चुनाव सब की परीक्षा लेगा

गुजरात विधानसभा चुनाव किसके लिए फायदेमंद होगा और किसके लिए नहीं, यह तो आख़िरी तौर पर दिसंबर के आख़िरी हफ्ते में पता चलेगा, जब परिणाम आ जाएंगे. लेकिन परीक्षा किस-किस की है, इसका आकलन करना ज़रूरी है. गुजरात विधानसभा चुनाव में पहली परीक्षा श्रीमती सोनिया गांधी की है. कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी के अलावा कोई ऐसा नेता नहीं है, जिसके जाने से भीड़ इकट्ठी हो सके. यहां तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सभा में भी सारे ख़र्चों और सारी कोशिशों के बावजूद लोगों की संख्या कुछ हज़ारों तक सीमित रहती है.

Read more

अन्‍ना की हार या जीत

अन्ना हजारे ने जैसे ही अनशन समाप्त करने की घोषणा की, वैसे ही लगा कि बहुत सारे लोगों की एक अतृप्त इच्छा पूरी नहीं हुई. इसकी वजह से मीडिया के एक बहुत बड़े हिस्से और राजनीतिक दलों में एक भूचाल सा आ गया. मीडिया में कहा जाने लगा, एक आंदोलन की मौत. सोलह महीने का आंदोलन, जो राजनीति में बदल गया. हम क्रांति चाहते थे, राजनीति नहीं जैसी बातें देश के सामने मज़बूती के साथ लाई जाने लगीं.

Read more

निगाहें भ्रष्‍टाचार पर, निशाना 2014

अरविंद केजरीवाल और टीम अन्ना के बाक़ी सदस्य जब जुलाई 2012 के अनशन के लिए मांगों की लिस्ट तैयार कर रहे होंगे, तब उन्हें भी यह अहसास रहा होगा कि वे असल में क्या मांग रहे हैं? 15 दाग़ी मंत्रियों (टीम अन्ना के अनुसार), 160 से ज़्यादा दाग़ी सांसदों और कई पार्टी अध्यक्षों के खिला़फ जांच और कार्रवाई की मांग, अब ये मांगें मानी जाएंगी, उस पर कितना अमल हो पाएगा, इन सवालों के जवाब ढूंढने की बजाय इस बात का विश्लेषण होना चाहिए कि अगर ये मांगें नहीं मानी जाती हैं तब टीम अन्ना का क्या होगा, तब टीम अन्ना क्या करेगी?

Read more

संघ नहीं चाहता भाजपा मज़बूत हो

यह हमेशा विवाद का विषय रहा है कि विधानसभा का चुनाव मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करके लड़ा जाए या चुनाव के बाद मुख्यमंत्री चुना जाए. ठीक उसी तरह, जैसे लोकसभा चुनाव में कुछ पार्टियां प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करके लड़ती हैं, कुछ पार्टियां ऐसा नहीं करती हैं. 2004 में भाजपा ने आडवाणी जी को प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग कहकर चुनाव लड़ा था, जबकि कांग्रेस ने किसी को भी अपना उम्मीदवार नहीं बनाया था.

Read more

आम चुनाव 2014 की तैयारी

अमेरिका में राष्ट्रपति के लिए चुनाव अभियान उसी दिन से शुरू हो जाता है, जिस दिन नया राष्ट्रपति शपथ लेता है. भारत में राष्ट्रपति और लोकसभा के चुनाव के बीच दो साल का अंतराल है और अभी से प्रधानमंत्री पद के लिए अभियान शुरू हो गया है. राष्ट्रपति पद के किसी एक उम्मीदवार को समर्थन देने के मुद्दे पर एनडीए का राज़ी होना मुश्किल है. भाजपा 2014 के आम चुनाव की तैयारी में जुट गई है.

Read more

प्रणब मुखर्जी सफल राष्ट्रपति साबित होंगे

हिंदुस्तान की राजनीति में इंदिरा जी की हत्या के बाद प्रणब मुखर्जी का एक विशेष स्थान रहा. जब इंदिरा जी की हत्या हुई तो प्रणब मुखर्जी और राजीव गांधी दोनों दिल्ली से बाहर थे. न केवल बाहर थे, बल्कि दोनों साथ थे. वापस लौटते हुए जब बातचीत हुई कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा, क्योंकि इंदिरा जी की हत्या हो गई है और उनकी लाश दिल्ली में रखी हुई है तो प्रणब मुखर्जी ने लोगों से कहा कि मैं ही सबसे वरिष्ठ हूं और मुझे ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए.

Read more

समाजवादी पार्टी का विजय लक्ष्य 2014

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विजय पताका फहराने के बाद समाजवादी पार्टी 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में दिल्ली फतह करने की तैयारी में जुट गई है. सपा की इस कार्ययोजना को विजय लक्ष्य 2014 नाम दिया गया है. इसके पोस्टर भी छपवा लिए गए हैं, जिन पर विजय 2012-लक्ष्य 2014 नारा लिखा हुआ है. इस कार्ययोजना का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनाना है.

Read more

कौन बनेगा राष्ट्रपति

अमेरिका के जनक को लोगों पर विश्वास नहीं था. उन लोगों ने इसे इस बात से दर्शाया कि न तो अमेरिकी राष्ट्रपति और न सीनेटर मतदाताओं द्वारा चुना जा सकेगा. अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है और यह कॉलेज स्वयं लोगों द्वारा चुना जाता है. इसी तरह बीसवीं सदी की शुरुआत में सीनेटर चुना जाना शुरू किया गया.

Read more

सियासत में रियासत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार एक दर्जन से ज़्यादा राजघरानों के सदस्य अपना भाग्य आजमा रहे हैं. हाल में कांग्रेस से अलग हुए राजा बुंदेला अपनी पार्टी बुंदेलखंड विकास कांग्रेस के टिकट पर झांसी से चुनाव मैदान में हैं.

Read more

उत्तर प्रदेश और निर्दलीय उम्मीदवार : कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना, कभी वह भी मना

सूबे में गठबंधन राजनीति का दौर क्या आया, निर्दलीयों की अहमियत में चार चांद लग गए, उनका मोल लगने लगा. हालांकि निर्दलीयों के लिए ऐसा अवसर कई बार आया, जब सत्ता की दावेदारी रखने वालों ने उन्हें लालबत्ती से नवाज़ कर कैबिनेट मंत्री तक का दर्जा दिया, लेकिन पूर्ण बहुमत की सरकारों में उन्हें अहमियत नहीं मिली.

Read more

जनता भोली होती है, बेवक़ू़फ नहीं

उत्तर प्रदेश के चुनाव का सवाल क्या है, और उत्तर प्रदेश के चुनाव में किन सवालों के जवाब जनता देगी. इसके बारे में स़िर्फ इतना कहना चाहते हैं कि जिन सवालों पर जनता को जवाब देना चाहिए, वे सवाल जनता के सामने नहीं लाए जा रहे हैं. जिन सवालों पर जनता को खामोश रहना चाहिए, वे सवाल उनके सामने लाए जा रहे हैं. लोगों के इमोशन से भी खेलने की कोशिश हो रही है.

Read more

सिर्फ़ उत्तर प्रदेश में नहीं हो रहे चुनाव

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन ताज्जुब की बात है कि मीडिया में सबसे ज़्यादा ख़बरें स़िर्फ उत्तर प्रदेश से ही आ रही हैं. मानों मणिपुर या गोवा देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है.

Read more

विधानसभा चुनावः एक बार फिर महिलाओं की उपेक्षा

देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में महिलाओं की अनदेखी किए जाने से यह साबित हो जाता है कि सियासी दलों की करनी और कथनी में कितना फर्क़ होता है. यह बात अलग है कि अगर इन चुनावों में महिला प्रधान सियासी दलों को कामयाबी मिल जाती है तो देश के दो राज्यों की मुख्यमंत्री महिलाएं हो सकती हैं यानी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में जयललिता.

Read more

केरलः टिकट बंटवारे पर कांग्रेस में बवाल

केरल में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की स़िफारिश पर 25 युवा कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर बवाल मच गया है. टिकट की दावेदारी जता रहे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बग़ावत कर दी है.

Read more

विजय हुंकार भरने को सेना तैयार

बेगूसराय ज़िले में पहली बार हो रहे नगर निगम चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. पूर्व के नगर परिषद चुनाव में जीत हासिल करने के बाद मुख्य पार्षद पुष्पा शर्मा तथा उपमुख्य पार्षद जवाहर लाल भारद्वाज सहित कई दिग्गज वार्ड पार्षदों के द्वारा इस बार चुनाव न लड़ने तथा कई पंचायतों के नगर निगम में शामिल किए जाने के कारण मुखिया या मुखिया पति के चुनाव लड़ने से मुक़ाबला का़फी रोचक हो गया है.

Read more

पंचायत चुनावः निवेश के अड्डे बने चुनाव

झारखंड में 32 वर्षों से लंबित पंचायत चुनाव अंतत: संपन्न हो गए. अब केंद्र सरकार से पंचायतों को मिलने वाली राशि मिलने का रास्ता सा़फ हो गया. चुनाव न होने के कारण झारखंड इससे वंचित रह रहा था. ग्रामीण इलाकों के लोग अब खुद योजनाएं बनाएंगे और उन्हें अमली जामा पहनाएंगे.

Read more

चुनावी ताना-बाना बुनना शुरू

जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव एवं राज्य में नई सरकार के गठन की चर्चा पुरानी पड़ती जा रही है, वैसे-वैसे आगामी पंचायत चुनाव की सरगर्मी ग्रामीण क्षेत्रों में रेस पकड़ने लगी है. विभिन्न पदों के संभावित उम्मीदवार मतदाताओं का हालचाल पूछते देखे जा रहे हैं.

Read more

प्रतिनिधित्‍व से वंचित हटिया

कांग्रेस विधायक गोपाल शरण नाथ शाहदेव के देहांत के बाद हटिया विधानसभा क्षेत्र नेतृत्वविहीन पड़ा है. शाहदेव का देहांत 24 जून 2010 को हुआ था. उनके चुनाव को दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के रामजी लाल सारडा ने न्यायालय में चुनौती दी थी.

Read more

दिनाराः जदयू को खोई जमीन की तलाश

पिछले विधानसभा चुनाव में सैकड़े के आंकड़े से जदयू प्रत्याशी रामधनी सिंह के हारने के बाद जदयू दिनारा में अपनी खोई प्रतिष्ठा दोबारा वापस पाने के लिए बेकरार है. शायद यही कारण है कि नए परिसीमन के तहत विक्रमगंज विधानसभा क्षेत्र समाप्त होने के बाद पार्टी ने दमदार उम्मीदवार जय कुमार सिंह को यहां से उतारा है.

Read more