ऐसा क्या बोल गये सलमान-शिल्पा की मांगनी पड़ी मांफी

बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान और फिटनेस क्वीन शिल्पा शेट्टी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल न होना लोकतंत्र के लिए भयावह संकेत है

कुछ सवाल ऐसे हैं, जिनका उत्तर कभी नहीं मिलता है. हर दिवाली पर, दिवाली से पहले प्रदूषण स्तर की बात

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समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका, रेप के मामले में गायत्री प्रजापति पर FIR

नई दिल्ली, (विनीत सिंह) : सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को ज़ोरदार झटका दिया है.

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मणिपुर जमीन की एक लड़ाई यहां भी

क्या पूर्वोत्तर को तभी याद किया जाएगा, जब कोई सांप्रदायिक हिंसा होगी, जब लोगों का खून पानी बनकर बहेगा? या तब भी उनके संघर्ष को वह जगह मिलेगी, उनकी आवाज़ सुनी-सुनाई जाएगी, जब वे अपने जल, जंगल एवं ज़मीन की लड़ाई के लिए शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध करेंगे? मणिपुर में तेल उत्खनन के मसले पर जारी जनसंघर्ष की धमक आखिर तथाकथित भारतीय मीडिया में क्यों नहीं सुनाई दे रही है? एस बिजेन सिंह की खास रिपोर्ट :-

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इंडिया अगेंस्‍ट करप्‍शनः अन्‍ना चर्चा समूह, सच बोलना अपराध नहीं है

सेवा में,

श्री वीरभद्र सिंह जी,

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री

1, जंतर मंतर रोड,

नई दिल्ली-110001

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समाज को आईना दिखाती रिपोर्ट

हाल में यूनीसेफ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत में 22 फीसदी लड़कियां कम उम्र में ही मां बन जाती हैं और 43 फीसदी पांच साल से कम उम्र के बच्चे कुपोषण का शिकार हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर बच्चे कमज़ोर और एनीमिया से ग्रसित हैं. इन क्षेत्रों के 48 प्रतिशत बच्चों का वज़न उनकी उम्र के अनुपात में बहुत कम है. यूनिसेफ द्वारा चिल्ड्रन इन अर्बन वर्ल्ड नाम से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी ग़रीबों में यह आंकड़ा और भी चिंताजनक है, जहां गंभीर बीमारियों का स्तर गांव की तुलना में अधिक है.

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मौलानाओं को मनाने की कोशिश

बीती 16 फरवरी, दृश्य नंबर एक. दोपहर दो से तीन बजे का समय. कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट के बाहर राहुल का इस्तक़बाल करने के लिए पूरे लाव-लश्कर के साथ मौजूद थे.

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क्या पुलिस वाले आपकी नहीं सुनते?

चौथी दुनिया में आरटीआई कॉलम शुरू करने के पीछे हमारा मक़सद स़िर्फ यही है कि इसके ज़रिए हम अपने पाठकों और आम आदमी को इतनी ताक़त दे सकें कि लोग व्यवस्था और सरकार से अपने अधिकार और हक़ के लिए सवाल पूछ सकें. साथ ही हमारा मक़सद यह भी है कि हम आपकी समस्याओं का समाधान निकालने में मदद कर सकें.

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