जुलाई 2010 में सरकार ने एक आरटीआई के अंतर्गत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि देश में एफसीआई के विभिन्न गोदामों में 1997 से 2007 के बीच 1.83 लाख टन गेहूं, 6.33 लाख टन चावल और 2.2 लाख टन धान खराब हो गया था. जुलाई 2012 में एक अन्य आरटीआई के जवाब में एफसीआई ने कहा है कि 2008 से लेकर अब तक देश में एफसीआई के किसी भी गोदाम में अनाज खराब नहीं हुआ है.
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1982 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है.
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साढ़े पांच दशक पूर्व कई लोक कल्याणकारी उद्देश्यों को लेकर स्थापित किया गया भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) आज लापरवाही, मनमानी और भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है. देश का अन्नदाता किसान आज भुखमरी का शिकार है, बदहाली का शिकार है और आत्महत्या जैसे फैसले लेने के लिए मजबूर है, लेकिन उसी के पसीने से उपजा [...]
Tags: Corruption, FCI, Food, grain, law, negligence, peasants, produce, starvation, अनाज, उत्पादन, एफसीआई, किसान, खाद्य, भुखमरी, भ्रष्टाचार, लापरवाही, व्यवस्था Posted in आर्थिक, कवर स्टोरी-2, कानून और व्यवस्था, राज्य, विधि-न्याय by Author: अभिषेक रंजन सिंह | No Comments » | Read More... |
धान के कटोरे के रूप में विख्यात रोहतास की धरती पर दिन-रात मेहनत करने वाले किसानों की कहानी देश के अन्य हिस्सों में खेती करने वाले किसानों से अलग होती जा रही है. जहां ऐन वक़्त पर खाद की किल्लत से किसानों की कमर लगातार टूटती जा रही है, वहीं सरकारी खरीद केंद्रों पर सक्रिय बिचौलिए किसानों का हक़ मार रहे हैं.
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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