इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता – 1

भारतीय सेना की एक यूनिट है टेक्निकल सर्विस डिवीजन (टीडीएस), जो दूसरे देशों में कोवर्ट ऑपरेशन करती है. यह भारत की ऐसी अकेली यूनिट है, जिसके पास खुफिया तरीके से ऑपरेशन करने की क्षमता है. इसे रक्षा मंत्री की सहमति से बनाया गया था, क्योंकि रॉ और आईबी जैसे संगठनों की क्षमता कम हो गई थी. यह इतनी महत्वपूर्ण यूनिट है कि यहां क्या काम होता है, इसका दफ्तर कहां है, कौन-कौन लोग इसमें काम करते हैं आदि सारी जानकारियां गुप्त हैं, टॉप सीक्रेट हैं, लेकिन 16 अगस्त, 2012 को शाम छह बजे एक सफेद रंग की क्वॉलिस गाड़ी टेक्निकल सर्विस डिवीजन के दफ्तर के पास आकर रुकती है, जिससे दो व्यक्ति उतरते हैं. एक व्यक्ति क्वॉलिस के पास खड़े होकर इंतज़ार करने लगता है और दूसरा व्यक्ति यूनिट के अंदर घुस जाता है.

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दिल्ली का बाबू : पटनायक का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान

ओडिसा के मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार विरोधी छवि बनाने के लिए कुछ क़दम उठाए हैं. उन्होंने दाग़ी आईएएस अधिकारियों को काम से अलग रखा है. हालांकि इन अधिकारियों को वेतन और सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं, लेकिन उन्हें काम से अलग रखा गया है यानी ये अधिकारी ऑफिसर विदाउट ड्यूटी हैं. राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के सात अधिकारियों को ऑफिसर विदाउट ड्‌यूटी के तौर पर नियुक्त किया है. इनमें चार आईएएस अधिकारी पी पटनायक, एसके मिश्रा, रमेश बहेरा और ऋषिकेश पांडा शामिल हैं.

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करों द्वारा प्राप्त सरकारी आय

बाज़ार से ली गई खाद्यादि सामग्रियों के सिवाय आप बहुत सा और दैनिक ख़र्च भी करते हैं. टेलीफोन का किराया, बिजली का चार्ज, पानी का चार्ज इत्यादि आप देते हैं. मकान भाड़े में नगरपालिका के कर आपको देने पड़ते हैं.

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