आखिर क्यों सकारात्मक सियासी बयान कश्मीर में हकीकत नहीं बन पाते

21 अक्टूबर को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में तीन मिलिटेंट समेत सात आम लोग मारे गए थे और दर्जनों

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कश्मीर : क्या राज्यपाल एक प्रभावशाली वार्ताकार भी होंगे

30 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो गई. जिसमें जम्मू कश्मीर में भाजपा के राज्य अध्यक्ष

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आने वाली सरकारों के लिए स्वस्थ परंपरा छोड़कर जाइए

मई 2014 में नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने. उन्होंने लोगों की आशाएं और उम्मीदें बढ़ा दी थी. चुनाव में कुछ अतिशयोक्तियां

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कश्मीरियों को खुश करने की कोशिश है फारूक़ अब्दुल्ला का स़ख्त लहजा

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव दो साल बाद होने हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि राज्य की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी

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कश्मीर में हिंसा भड़काने की तैयारी में आईएसआईएस 

  नई दिल्ली।  जम्मू-कश्मीर में आईएसआईएस के खूंखार लड़ाके सेंध लगाने की तैयारी में हैं. आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर में एंट्री

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बीजेपी-पीडीपी सरकार के नाक के नीचें, पाकिस्तान के ‘न्यूज चैनल’ फैला रहे हैं घाटी में आग

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया)। कश्मीर के हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। आम लोगों की जिंदगी पर ग्रहण लग

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प्राकृतिक आपदा के लिए इन्सान जिम्मेदार

कश्मीर में बाढ एक विशेष स्थिती थी लेकिन इसे विशेष सहायता नहीं मिली. हां, स्वैच्छिक सहायता मुस्तैदी से पहुंच रही

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सारी ज़िम्मेदारी मनमोहन सिंह की

अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह मनमोहन सिंह कश्मीर का मसला सुलझाना चाहते थे और पाकिस्तान के साथ

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जब तोप मुकाबिल हो : सेना रायसीना हिल्स तक जा सकती है

छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ी घटना हो गई. कांगे्रस के काफिले पर गोली का चलना, लगभग 29 लोगों का मारा जाना,

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कश्मीर और कश्मीरियों से दिल का रिश्ता जोड़िए

कश्मीर हमारे लिए कभी प्राथमिकता नहीं रहा. कश्मीर की क्या तकली़फ है, वह तकली़फ क्यों है, उस तकली़फ के पीछे की सच्चाई क्या है, हमने कभी जानने की कोशिश नहीं की. हमने हमेशा कश्मीर को सरकारी चश्मे से देखा है, चाहे वह चश्मा किसी भी सरकार का रहा हो. हम में से बहुत कम लोग श्रीनगर गए हैं. श्रीनगर में पर्यटक के नाते जाना एक बात है और कश्मीर को समझने के लिए जाना दूसरी बात है.

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कश्मीर में नशे की फ़सल

धरती का स्वर्ग कहलाने वाला कश्मीर अ़फग़ानिस्तान की राह पर चल पड़ा है. क्षेत्र में नशे की खेती जोर पकड़ती जा रही है. नशे का सेवन न स़िर्फ एक गंभीर समस्या है, बल्कि इसका कारोबार और उत्पादन ग़ैरक़ानूनी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2010 में पुलिस ने 8831.5 कनाल भूमि पर फैली नशे की खेती नष्ट की. 2011 में 7444 कनाल भूमि पर की जा रही अवैध खेती नष्ट की गई.

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कश्‍मीरः सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम, देश सर्वोपरि है राजनीति नहीं

जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफसपा) को लेकर सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन के बीच मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं. कांग्रेस के अंदऱखाने भी इस मुद्दे पर कोई आपसी सहमति नहीं है.

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कश्मीर पर वार्ताकारों की ज़रूरत क्या है

कश्मीर वार्ताकारों ने अपनी गतिविधियों के कारण विश्वसनीयता खो दी है. अब उन्हें और मौक़ा दिया जाना व्यर्थ है. शुरू से ही हम इनकी मुहिम को लेकर आशंकित थे. यह बात समझ से परे है कि संप्रग सरकार इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंची कि कश्मीर समस्या का हल वार्ताकारों की टीम नियुक्त करने से हो जाएगा.

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