बंद हो कमोडिटी एक्सचेंज

कमोडिटी एक्सचेंज को अर्थशास्त्री सट्टा बाज़ार मानते हैं, क्योंकि वहां लोगों की गाढ़ी कमाई के साथ खिलवाड़ किया जाता है.

Read more

दवा कंपनियां, डॉक्‍टर और दुकानदार: आखिर इस मर्ज की दवा क्‍या है

दवा, डॉक्टर एवं दुकानदार के प्रति भोली-भाली जनता इतना विश्वास रखती है कि डॉक्टर साहब जितनी फीस मांगते हैं, दुकानदार जितने का बिल बनाता है, को वह बिना किसी लाग-लपेट के अपना घर गिरवी रखकर भी चुकाती है. क्या आप बता सकते हैं कि कोई घर ऐसा है, जहां कोई बीमार नहीं पड़ता, जहां दवाओं की ज़रूरत नहीं पड़ती? यानी दवा इस्तेमाल करने वालों की संख्या सबसे अधिक है. किसी न किसी रूप में लगभग सभी लोगों को दवा का इस्तेमाल करना पड़ता है, कभी बदन दर्द के नाम पर तो कभी सिर दर्द के नाम पर.

Read more

अंतराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2012 सशक्‍त कृषि नीति बनाने की जरूरत

संसद द्वारा सहकारिता समितियों के सशक्तिकरण के लिए संविधान संशोधन (111) विधेयक 2009 को मंज़ूरी मिलने के बाद भारत की सहकारी संस्थाएं पहले से ज़्यादा स्वतंत्र और मज़बूत हो जाएंगी. विधेयक पारित होने के बाद निश्चित तौर पर देश की लाखों सहकारी समितियों को भी पंचायतीराज की तरह स्वायत्त अधिकार मिल जाएगा. हालांकि इस मामले में केंद्र एवं राज्य सरकारों को अभी कुछ और पहल करने की ज़रूरत है, ख़ासकर वित्तीय अधिकारों और राज्यों की सहकारी समितियों में एक समान क़ानून को लेकर.

Read more

अपनी माटी से जुड़ते बिहारी कारोबारी

कुछ साल पहले देश में यह धारणा बन चुकी थी कि बिहार में उद्योग-धंधे लगाना किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है. ऐसा मानने वालों का तर्क था कि राज्य में कोई औद्योगिक माहौल ही नहीं है, क्योंकि वहां बुनियादी सुविधाओं से लेकर आधारभूत संरचनाओं की घोर कमी है.

Read more

दावों और वायदों का कारोबार

एक राजनीतिक अनुमान के हिसाब से मध्यावधि चुनाव भी दूर नहीं है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने यात्राओं की योजनाएं इस तरह बनाईं कि वह उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय हो सके और देश भर में कार्यकर्ताओं के बीच एक संदेश जा सके, पर भाजपा इसमें कितनी सफल हुई है, इसका आकलन तो उसे ही करना होगा.

Read more

कोयला महाघोटाला : सरकार और विपक्ष खामोश क्यों है

अभी हाल में कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि उनकी तमाम कोशिशों के बाद भी कोयले के कारोबार में 50 फीसदी भ्रष्टाचार है. उन्होंने इस क्षेत्र में चल रहे भ्रष्टाचार को ऐतिहासिक बताया.

Read more

बीडी मजदूर : जीवन में खुशहाली कब आएगी

किसी भी देश की आर्थिक उन्नति उसके औद्योगिक विकास पर निर्भर करती है. अगर वह किसी विकासशील देश की बात हो तो वहां के लघु उद्योग ही उसके आर्थिक विकास की रीढ़ होते हैं. भारत भी एक विकासशील देश है. ज़ाहिर है, भारत के विकास की कहानी के पीछे भी इन्हीं उद्योगों का योगदान है, लेकिन अब भारत धीरे-धीरे विकासशील देशों की कतार में का़फी आगे आ चुका है.

Read more

बढ़ेगा कारोबार, बढ़ेगा बिहार

कहा जाता है कि बेहतर राजनीतिक माहौल में ही आर्थिक उन्नति के अंकुर छिपे होते हैं. चुनावी सरगर्मी शुरू होते ही निज़ाम बदलने की संभावना ने कारोबारी जगत में हलचल पैदा कर दी है. आने वाला समय कैसा होगा, क्या कारोबारी जगत मौजूदा निज़ाम से खुश है, अगर है तो क्यों, क्या सभी वर्ग संतुष्ट हैं, कौन सी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं और अब नई सरकार से क्या अपेक्षाएं हैं आदि विचार बिंदुओं पर हमने व्यापारी समाज का मन टटोलने की कोशिश की.

Read more

गया का अगरबत्ती उद्योगः बेहाल कारीगर, उदासीन सरकार

गया ज़िला अंतर्गत पंचायती अखाड़ा में रुकसाना अगरबत्ती बनाकर अपने परिवार का गुज़ारा करती है. रुकसाना एवं उसके बच्चे हर रोज़ तीन से चार किलो अगरबत्ती बनाते हैं. उसका पति मज़दूरी करता है. रुकसाना का कहना है कि वह तीन से चार हज़ार रुपये महीना कमा लेती है. बात करते-करते उसकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं और वह अपनी परेशानियां बयां करने लगती हैं.

Read more

जिधर देखो उधर मिलावट

बनारस की शान और लबों पर सुर्ख़ी लाने वाले पान में अब कत्थे के स्थान पर गैम्बियर का इस्तेमाल खुलेआम हो रहा है. उत्तर प्रदेश में जनवरी से मई 2010 तक 51 स्थानों पर छापे मारकर सैकड़ों नमूने लिए गए. जिनमें से 19 नमूनों में गैम्बियर पाए जाने पर सरकार ने संबंधित लोगों के ख़िला़फ कार्यवाही के आदेश दिए हैं.

Read more

जाली कोर्ट फीस टिकटों का कारोबार

जायज़ काम के लिए लाइसेंस मिलने के बाद नाजायज़ काम करने के आरोप में ब़र्खास्त किए गए स्टांप वेंडरों का गिरोह अभी भी सक्रिय है. यह गिरोह गया व्यवहार न्यायालय परिसर में जाली कोर्ट फीस टिकटों के ज़रिए सरकार को प्रतिमाह लाखों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचा रहा है.

Read more

श्रावणी मेला यानी करोड़ों का कारोबार

श्रावणी मेला शुरू हो और देवघर के पेड़े की चर्चा न हो, ऐसा हो नहीं सकता. मेले में मुख्य रूप से बिकने वाली वस्तुओं में बाबा धाम का प्रसाद पेड़ा, चूड़ा, इलायची दाना, सिंदूर, चूड़ी के साथ-साथ लोहे के बर्तन एवं खिलौने काफी प्रसिद्ध हैं.

Read more

अपनी ही खनिज संपदा से बेखबर है सरकार

देश सरकार अपनी अमूल्य खनिज संपदा से इतनी बे़खबर है कि उसके पास जानकारी ही नहीं है कि राज्य के किस क्षेत्र में कहां और कितना खनिज भूगर्भ में मौजूद है, लेकिन राज्य का खनिज माफिया सरकार से ज़्यादा बा़खबर और जागरूक है. इसीलिए उसे मालूम है कि किस क्षेत्र से किस खनिज की कितनी चोरी आसानी से की जा सकती है.

Read more

संकट में आंवला कारोबार

भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय भले ही आंवला खाओ-आंवला लगाओ के नाम से देश भर में इसके प्रचार-प्रसार की बात कर रहा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले के आंवला उत्पादक किसान एवं व्यवसायी दिनेश शर्मा पिछले कुछ वर्षों से बेहतर उत्पादन के बावजूद आंवला कारोबार में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर ख़ासे चिंतित नज़र आते हैं.

Read more

सार–संक्षेपः सुंदरी, ब्लैकमेलिंग और अ़फसरशाह

प्रदेश के नौकरशाह तमाम प्रकार के भ्रष्टाचार में तो लिप्त हैं ही, पर अ़फसरों का एक वर्ग सुरासुंदरी के मोह में भी फंसा हुआ है. एक मामला हाल ही में उजागर हुआ है. राजधानी भोपाल के समीप औबेदुल्लागंज में पुलिस के आतंकवादी निरोधक दस्ते ने जबलपुर के एक ऐसे गिरोह को पकड़ने में सफलता पाई है, यह गिरोह सुंदर लड़कियों को अ़फसरों के पास भेजकर उनके अंतरंग संबंधों को खुफिया कैमरे में क़ैद कर अश्लील फिल्में बनाता था.

Read more

समान शिक्षा प्रणाली ही चाहिए

केंद्र सरकार जनता को गुमराह करने के लिए धन की कमी का हवाला देकर कारपोरेट एवं ग़ैर सरकारी संगठनों की लॉबी से सांठगांठ करने में जुटी हुई है. इससे भविष्य में ग़रीब एवं अमीर के बीच की खाई गहराने के संकेत स्पष्ट नज़र आ रहे हैं. यदि इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय में यह सामाजिक विषमता विद्रोह का रूप धारण कर सकती है.

Read more

जीटी रोड पर अवैध कारोबार

गया ज़िले में ग्रैंड ट्रंक रोड, अब राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या दो में क़रीब 72 किलोमीटर का हिस्सा तमाम तरह के अवैध कारोबार करने वालों के लिए अभयारण्य बन गया है. इस बात का पुख्ता प्रमाण जीटी रोड पर पड़ने वाले गया ज़िले के चार थाने -आमस, शेरघाटी, डोभी और बाराचट्टी, पुलिस पदाधिकारियों तथा शेरघाटी अनुमंडल मुख्यालय में प्रशासनिक पदाधिकारियों की पदस्थापना के लिए ऊंची पहुंच और मोटी रक़म चर्चा का विषय बन गए हैं.

Read more

कोयले की तस्करी से 350 करोड़ की चपत

भिलाई इस्पात संयंत्र में काले हीरे की कालाबाज़ारी इस तरह चलती है कि प्रतिवर्ष अरबों रुपये का लेनदेन अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस के साथ मिलकर खुलेआम कर लिया जाता है. इस धंधे में लगे हुए ठेकेदार कहने को तो कोयले की बुहारन यानी शेष बचा हुआ कोयला बटोरते हैं, पर इसी के भरोसे छत्तीसगढ़ में एक नया कोल मा़फिया लंबे समय से सक्रिय है.

Read more