भ्रष्ट राशन दुकानदारों का इलाज है आरटीआई

भारत में राशन व्यवस्था की शुरुआत के पीछे का एक मक़सद यह भी था कि कम आय वाले लोगों और ग़रीब आदमी को दो व़क्त का भोजन नसीब हो सके, लेकिन ग़रीब लोगों का भोजन भी भ्रष्टाचारियों की गिद्ध दृष्टि से बच नहीं सका. लगातार आरोप लगते रहे हैं कि ग़रीबों के हिस्से का राशन अधिकारी से लेकर राशन दुकानदार तक मिल-बांट कर खा रहे हैं.

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