वर्ष 2006 में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री नवीन जिंदल ने संसद में एक मुद्दा उठाया कि भारतीय छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं की वजह क्या है और सरकार किस तरह आत्महत्या के आंकड़े बढ़ने से रोक सकती है. इसके बाद संसद की तऱफ से कुछ विशेष क़ानून बनाए गए. सबसे पहले तो परीक्षाओं से जुड़ी हेल्पलाइन शुरू की गई, जो परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को फोन पर साइकोलॉजिकल एडवाइस देती है.
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अनाज पैदा करने वाले किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते अक्सर देखा गया है, लेकिन ऐसा पहली मर्तबा हुआ, जब दूध की सही क़ीमत निर्धारित करने को लेकर दुग्ध उत्पादक किसानों एवं ग्वालों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किया. दिल्ली के जंतर-मंतर पर ग्वाला गद्दी समिति एवं दूध उत्पादक किसानों की मांगों को जायज़ क़रार देते हुए टीम अन्ना ने भी इसका समर्थन किया.
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जनता एक ज़िम्मेदार संसद का निर्माण करे |
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