आय से अधिक सम्पत्ति का प्रेत जया के बाद माया पर छाया

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की आय से अधिक संपत्ति उनके लिए विपत्ति का कारण बनी और उन्हें जेल जाना पड़ा.

Read more

मस्न्युलर डिस्ट्रॉफी- एक गंभीर, लेकिन अनजान रोग

दुनिया भर में एड्स को फैलने से बचाने के लिए तमाम मुहिमें चल रही हैं. वैज्ञानिक इसका इलाज ढूंढने के

Read more

क्षेत्रीय दलों का गठबंधन एक विकल्प है

जब जवाहर लाल नेहरू सत्तर साल के हो गए तो उन्होंने सेवानिवृत होना चाहा. लेकिन उनकी पार्टी ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया. उनके अंतिम पांच साल का़फी कठिनाइयों भरे रहे. विशेष तौर पर चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने के मुद्दे और रक्षा मंत्री पर लगने वाले आरोपों के कारण. नेहरू की ताक़त खत्म होने के साथ ही क्षेत्रीय नेताओं के सिंडिकेट का उदय हुआ.

Read more

मुस्लिम आरक्षण और राजनीति : रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट कहां है

यह चुनावी चिंता का ही असर था. वरना कोई कारण नहीं था कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को मुस्लिम आरक्षण लागू करने के लिए पत्र लिखतीं और न सलमान खुर्शीद एक बार फिर पिछड़े मुसलमानों को ओबीसी कोटे में से आरक्षण देने जैसे मुद्दे को अपने बयानों से गरमाते.

Read more

तेलंगाना को राज्य का दर्जा मिले

आंध्र प्रदेश के अहम हिस्से तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले चार दशकों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन अभी तक सरकार किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. इस मुद्दे पर जहां केंद्र की यूपीए सरकार पर तेलंगाना इलाक़े के अपने नेताओं का दबाव है, वहीं अन्य सियासी दलों के नेता भी सरकार पर जल्द फैसला लेकर आंदोलन खत्म करने के लिए दबाव बना रहे हैं.

Read more

उत्तर प्रदेश : आरक्षण का मुद्दा फिर सुर्ख़ियों में

मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार से मुसलमानों के लिए आरक्षण की मांग करके इस मुद्दे को एक बार फिर सु़र्खियों में ला दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि अगर अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों की हालत सुधारनी है तो यह ज़रूरी है कि शिक्षा, रोज़गार और दूसरे क्षेत्रों में उनके लिए विकल्प ब़ढाए जाएं. आज़ादी के 64 सालों बाद भी मुसलमान पिछ़डे हुए हैं

Read more

आरटीआई का दुश्मन कौन है

केंद्र और राज्यों के लगभग तमाम सूचना आयुक्त सूचना न देने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाने से बचते रहे हैं. यहां तक कि जनता की मांग पर आयुक्त बनाए गए शैलेष गांधी भी अपनी श्रेष्ठता एक दिन में अधिक से अधिक मामले निपटा कर दिखाने में लगे हैं, जबकि यह साफ हो चुका है कि यदि जुर्माने का प्रावधान न होता तो सूचना अधिकार क़ानून के तहत सूचना कभी मिलती ही नहीं

Read more

गांवों में नहीं टिकते धरती के भगवान

डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, क्योंकि वे लोगों की जान बचाते हैं. लेकिन अफसोस कि धरती के इन भगवानों को गांव के इंसान रास नहीं आ रहे हैं. इसलिए वे गांव के बजाय शहर में रहना ज़्यादा उचित समझते हैं.

Read more

केंद्र ही भूल गया पातालकोट

छिंदवाड़ा ज़िले में स्थित पातालकोट क्षेत्र प्राकृतिक संरचना का एक अजूबा है. सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों की गोद में बसा यह क्षेत्र भूमि से एक हज़ार से 1700 फुट तक गहराई में बसा हुआ है. इस क्षेत्र में 40 से ज़्यादा मार्ग लोगों की पहुंच से दुर्लभ हैं और वर्षा के मौसम में यह क्षेत्र दुनिया से कट जाता है.

Read more

मुइवा, मणिपुर और केंद्र की दोहरी नीति

पिछले दस वर्षों से शीर्ष नगा अलगाववादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएनआईएम) और केंद्र सरकार के बीच वार्ताओं का दौर चला आ रहा है. बीते अप्रैल में हुई नई दौर की वार्ता से लोगों को लगा कि इस बार दोनों पक्ष एक-दूसरे को बेहतर तरीक़े से समझ पा रहे हैं. नए वार्ताकार आर एस पांडे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाक़ात करने के बाद मुइवा से मिले थे.

Read more

यूपीए युवावस्था के मुहासों से परेशान है

साल 2010 अभी अपने युवावस्था में ही है. केंद्र सरकार के चेहरे पर अचानक नज़र आने लगे मुहासों की वजह भी कहीं यही तो नहीं है? यह न तो लाइलाज है और न ही ज़्यादा गंभीर. बस एक छोटी सी चाहत कि इस खुजलाहट और धब्बे वाले चेहरे के बिना ज़िंदगी शायद ज़्यादा आसान और हसीन होती.

Read more

दिल्‍ली का बाबूः फिज़ूल़खर्ची को ग्रीन सिग्नल

केंद्र सरकार के बदले रवैये से लगता है कि सरकारी बाबुओं और सुविधाभोगी मंत्रियों के दिन अब फिर से बहुरने वाले हैं. मितव्ययिता के भूत ने मंत्रियों और सरकारी बाबुओं को आरामतलबी से दूर रहने के लिए मजबूर कर दिया था. फाइव स्टार होटलों और एक्जीक्यूटिव क्लास में यात्रा पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन मंदी से उबरने के बाद अर्थव्यव्स्था में जान लौटी तो केंद्र अब इन पाबंदियों को हटाने पर विचार कर रहा है.

Read more

देश की केंद्रस्थली करौंदी उपेक्षा की शिकार

मध्य प्रदेश का एक छोटा सा गांव करौंदी, देश की भौगोलिक सीमाओं के केंद्र बिन्दु में स्थापित है. यह गांव डॉ. राममनोहर लोहिया, आध्यात्मिक गुरु महर्षि महेश योगी और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के विचारों और आन्दोलनों का मुख्य प्रेरणास्त्रोत बना रहा है.

Read more

समान शिक्षा प्रणाली ही चाहिए

केंद्र सरकार जनता को गुमराह करने के लिए धन की कमी का हवाला देकर कारपोरेट एवं ग़ैर सरकारी संगठनों की लॉबी से सांठगांठ करने में जुटी हुई है. इससे भविष्य में ग़रीब एवं अमीर के बीच की खाई गहराने के संकेत स्पष्ट नज़र आ रहे हैं. यदि इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय में यह सामाजिक विषमता विद्रोह का रूप धारण कर सकती है.

Read more

सार-संक्षेप

केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा में गुणात्मक सुधार और उसे रोचक बनाने के प्रयास में अरबों रुपए ख़र्च करने के बाद भी राज्य में सैटेलाईट के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा (एडूसेट) की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई है. इस योजना को सर्वप्रथम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीधी ज़िले में, तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रारंभ किया था.

Read more

भूख ने एक और आदिवासी परिवार लीला

केंद्र एवं राज्य सरकार इस बात का दावा करती रही है कि देश में भूख और तंगहाली के कारण कोई मौत नहीं होती. लेकिन मंडला ज़िले के राष्ट्रीय मानव कहे जाने वाले बैगा जनजाति के एक दंपत्ति ने पांच बच्चों के भरण पोषण और भूख से तंग आकर, अपने आप को आग के हवाले कर दिया. मौके के गवाह रहे लोगों का कहना है कि दंपत्ति ने भूख से तंग आकर अपनी जान दी.

Read more