शिवपाल के कंधों पर मुलायम का भार

सपा प्रमुख मुलायम सिंह के अनुज शिवपाल सिंह यादव हैं. जो सपा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी राजनीतिक आकांक्षाओं

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दिल्ली का बाबु : नेता नाखुश

महाराष्ट्र  के नेताओं का यह कहना है कि राज्य में नौकरशाही सरकार से ज़्यादा मजबूत हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री

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संविधान और जनता को धोखा

भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ. लेकिन आश्‍चर्य की बात तो यह है कि बिना जनता को

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आडवाणी जी बधाई के पात्र हैं

श्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर एक कमेंट लिखा और उस कमेंट पर कांग्रेस एवं भाजपा में भूचाल आ गया. कांग्रेस पार्टी के एक मंत्री, जो भविष्य में महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं, ने कहा कि भाजपा ने अपनी हार मान ली है. मंत्री महोदय यह कहते हुए भूल गए कि उन्होंने अपनी बुद्धिमानी से लालकृष्ण आडवाणी जी के आकलन को वैधता प्रदान कर दी.

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ट्राई को नए चेयरमैन का इंतज़ार

2 जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस की नीलामी फिर से होने वाली है. इसके साथ ही ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए खोजबीन शुरू हो गई है. ग़ौरतलब है कि ट्राई के वर्तमान चेयरमैन जेएस शर्मा मई में सेवानिवृत हो रहे हैं.

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दिल्ली का बाबू : पटनायक का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान

ओडिसा के मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार विरोधी छवि बनाने के लिए कुछ क़दम उठाए हैं. उन्होंने दाग़ी आईएएस अधिकारियों को काम से अलग रखा है. हालांकि इन अधिकारियों को वेतन और सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं, लेकिन उन्हें काम से अलग रखा गया है यानी ये अधिकारी ऑफिसर विदाउट ड्यूटी हैं. राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के सात अधिकारियों को ऑफिसर विदाउट ड्‌यूटी के तौर पर नियुक्त किया है. इनमें चार आईएएस अधिकारी पी पटनायक, एसके मिश्रा, रमेश बहेरा और ऋषिकेश पांडा शामिल हैं.

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दिल्‍ली का बाबूः कैबिनेट सचिव की सक्रियता

एके सेठ के कैबिनेट सचिव बनने के बाद उनके बारे में कुछ ज़्यादा सुनने को नहीं मिला है, लेकिन अब वह सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने कुछ पुरानी प्रणालियों में फेरबदल करने की ठानी है, ताकि शासन को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके.

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ऐसे खत्म हुआ अन्ना का अनशन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने एक मंत्रिमंडलीय साथी से कहा कि अन्ना बदमाश हैं और उनके साथी बदमाशी कर रहे हैं. आम तौर पर मनमोहन सिंह इस भाषा के लिए जाने नहीं जाते, लेकिन शायद देश में चल रहे अन्ना हजारे के आंदोलन का दबाव इतना था कि वह भाषा की शालीनता भूल गए. उसी तरह, जैसे मनीष तिवारी उम्र और राजनैतिक शिष्टाचार के सामान्य नियम भूलकर अन्ना हजारे को तुम और भ्रष्टाचार में लिप्त बता बैठे.

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दिल्‍ली का बाबूः बेदाग़ अधिकारी चाहिए

फिलहाल, सरकार अभी अपना ध्यान पूरी तरह से कैबिनेट में किए जाने वाले फेरबदल के अलावा अन्ना हज़ारे और रामदेव के आंदोलन से भ़डकी आग को बुझाने पर केंद्रित कर रही है, लेकिन इसके अलावा भी बहुत से काम प्रतीक्षा सूची में हैं, जिन्हें जल्दी से जल्दी यानी कुछ ही हफ्तों के भीतर किया जाना है.

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दिल्‍ली का बाबूः बड़े बदलाव का इंतजार

हाल में कैबिनेट में हुए फेरबदल को देखकर ऐसा लगा, जैसे उक्त फेरबदल बेमन से किए गए थे और उत्साहविहीन थे. अब बड़े पदों पर बैठे बाबुओं में फेरबदल, जो लंबे समय से लंबित है, की प्रतीक्षा की जा रही है.

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दिल्ली का बाबूः बड़े बदलाव का इंतजार

हाल में कैबिनेट में हुए फेरबदल को देखकर ऐसा लगा, जैसे उक्त फेरबदल बेमन से किए गए थे और उत्साहविहीन थे. अब बड़े पदों पर बैठे बाबुओं में फेरबदल, जो लंबे समय से लंबित है, की प्रतीक्षा की जा रही है.

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मुख्‍यमंत्री जी, यह कैसी कैबिनेट है

बिहार की जनता ने ऐतिहासिक और अविश्वसनीय जनादेश दिया. चुनाव के परिणामों से बिहार की जनता में खुशी की लहर दौड़ गई. पूरे देश में बिहार इस नतीजे की वजह से चर्चा का विषय बना रहा. चारों तऱफ नीतीश कुमार और बिहार की जनता की जय-जयकार हुई.

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कैबिनेट की औसत उम्र कम हो

कैबिनेट में फेरबदल से जुड़ी एक बात मुझे बहुत अजीब लगी. साथ ही इससे मुझे गुस्सा भी आया. दरअसल बात यह है कि कैबिनेट में फेरबदल 14 जनवरी के बाद ही होना तय किया गया. इससे पहले यह संभव नहीं हो सका, क्योंकि पंचांग के मुताबिक़ 14 जनवरी से पहले इस काम के लिए कोई शुभ समय नहीं निकल रहा था.

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भ्रष्टाचार : देश का सरकारी तंत्र स़डने लगा है

आम बड़ा स्वादिष्ट फल है. यह जब कच्चा होता है तो हम इसे नमक के साथ बड़े चाव से खाते हैं और जब पक जाता है तो यह मीठा हो जाता है, तो और भी खाने लायक हो जाता है. कहने का मतलब यह है कि आम प्राकृतिक तरीक़े से बढ़ता है. अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसे कच्चा खाएं, अचार बनाएं या फिर पकने का इंतज़ार करें. आम हर हाल में स्वादिष्ट होता है. अगर इसी आम को हम छोड़ दें तो यह सड़ने लग जाएगा. इसका स्वाद ख़त्म हो जाएगा. बीमारी फैलाने वाला फल बन जाएगा. कोई भी तंत्र इसी थ्योरी पर चलता है. किसी तंत्र के सड़ने का मतलब है आंतरिक विरोधाभास पैदा होना. देश में फैले भ्रष्टाचार के साम्राज्य में अंतर्विरोध पैदा होने लगा है. अब यह पूरा तंत्र सड़ने लगा है, इसलिए यह टूटने और बिखरने लगा है. जो लोग पहले मिल-जुलकर देश को लूट रहे थे, आज आपस में लड़ रहे हैं. यही वजह है कि एक अदालत दूसरी अदालत को भ्रष्ट बता रही है, एक राजनीतिक दल दूसरे को घोटालेबाज़ बता रहा है, उद्योगपति एक-दूसरे को जालसाज बता रहे हैं, एक अधिकारी दूसरे अधिकारी के बारे में ख़ुलासा कर रहा है. मीडिया भी इस सड़न से बदबूदार हो रहा है. राजनीतिक दल, सरकारें, अदालतें, ब्यूरोक्रेसी, मीडिया, उद्योगजगत या फिर फिल्मी सितारे सब सड़ चुके हैं. आम का रसास्वादन करने वाले, सरकारी तंत्र से नाजायज फायदा उठाने वाले अब एक-दूसरे पर वार कर रहे हैं. हर तरफ चाकू निकल रहे हैं. यही वजह है कि पिछले पांच महीने में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं.

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सत्ता के बावजूद शक्तिहीन

आधुनिक भारत के निर्माण का आधार अंग्रेजों के उस कुतर्क में ढूंढा जा सकता है, जिसमें उन्होंने भारत को एक राष्ट्र मानने से इंकार कर दिया था. अंग्रेजों का दावा था कि भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि अलग-अलग प्रांतों, धर्मों, भाषाओं एवं जातियों का एक समूह है. पहले गोलमेज सम्मेलन में यह फैसला ले लिया गया कि भारत एक कमज़ोर केंद्र और ताक़तवर प्रांतों वाला राष्ट्र होगा.

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निजी स्टाफ पर गिरेगी गाज

कैबिनेट की अप्वायंटमेंट्‌स कमिटी ने मंत्रियों के निजी स्टाफ के रूप में काम करने वाले नौकरशाहों के लिए अधिकतम समय सीमा निर्धारित करने का फैसला किया है. नए नियम के मुताबिक़, कोई भी अधिकारी, चाहे वह किसी भी ओहदे पर क्यों न हो, अधिकतम 10 वर्षों तक ही किसी मंत्री के निजी स्टाफ के रूप में काम कर सकता है.

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बचाव की तैयारी में नौकरशाही

सूचना के अधिकार वाले कानून ने देश में सरकारी कामकाज को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया भले शुरू कर दी हो, लेकिन नौकरशाही अब अपने बचाव के रास्ते ढूंढने में लगी है. सरकारी बाबुओं का यह वर्ग तथ्यहीन और हल्के आरोपों से बचने के लिए नए तरीके ईजाद कर रहा है. खबर है कि कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर ने एक स्क्रीनिंग कमिटी गठित की है, जो सचिव स्तर के अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों की पहले समीक्षा करेगी और फिर यह तय किया जाएगा कि उस पर आगे कार्रवाई हो या नहीं.

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दिल्‍ली का बाबू : बाहरी करेंगे बाबुओं का मूल्यांकन

प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता के आंतरिक मूल्यांकन की जगह यह काम किसी तीसरे पक्ष से करवाने की कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर की योजना ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. चार अवकाश प्राप्त नौकरशाहों की टीम जिसमें पी शंकर, एस एन मेनन, कुमुद बंसल और एस सी मेहता शामिल हैं, ने हाल ही में मूल्यांकन का काम किया है.

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श्री कृष्ण के नाम पर धोखाधडी

चौथी दुनिया के पास जो तथ्य मौजूद हैं उनसे यह बात सा़फ है कि बेंगलुरू इस्कॉन धर्म के नाम पर , भगवान कृष्ण के नाम पर या समाजसेवा के नाम पर जो कुछ भी कर रहा है वह बेदाग़ नहीं हैं. प्रमाण इस बात के भी हैं कि मधु पंडित दास को जो ज़मीन राज्य सरकार ने धर्माथ मुहैया कराई है उसके पीछे किन दिग्गज़ों का हाथ है. क्योंकि कनकपुरा रोड पर जो 650 फ्लैट और दुकानें बनाई और बेची जा रही हैं उनमें राजनीतिक हस्तियों के रिश्तेदारों की भी हिस्सेदारी है.

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मुख्यमंत्री निशंक पर भारी मंत्री कण्डारी

एक भ्रष्ट अधिकारी के ख़िला़फ उठाए गए क़दम मंत्री मातवर सिंह कण्डारी को इतने अखरे कि वह अपनी ही सरकार के विरोध में उतर आए हैं.

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